साइबर ठगों ने एक नई और चौंकाने वाली चालबाजी में आंध्र प्रदेश के एक सांसद की व्हाट्सएप प्रोफाइल फोटो (डीपी) का इस्तेमाल कर उनके ही चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को अपना शिकार बना लिया। जालसाजों ने इस धोखे से 15 दिनों के भीतर 92.5 लाख रुपये की बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। इस घटना ने पेशेवरों और आम लोगों के बीच साइबर सुरक्षा जागरूकता को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।READ ALSO:-दशहरा, दीपावली और छठ के लिए खुशखबरी! दिल्ली से यूपी के 14 स्टेशनों के लिए चलेगी नई स्पेशल ट्रेन
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्या है पूरा मामला?
\r\n\r\nपुलिस के अनुसार, यह धोखाधड़ी 22 अगस्त को शुरू हुई जब पीड़ित सीए को एक व्हाट्सएप नंबर से मैसेज मिला। इस नंबर की प्रोफाइल पिक्चर पर सांसद की फोटो लगी हुई थी। मैसेज में पैसों की तत्काल जरूरत बताते हुए 35 लाख रुपये भेजने को कहा गया। चूंकि सीए सीधे सांसद के लिए काम करते हैं, उन्होंने बिना किसी शक के तुरंत पैसे ट्रांसफर कर दिए।
\r\n\r\nजंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n
इसके बाद, जालसाजों ने अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे भेजने के लिए कहा और 22 अगस्त से 5 सितंबर के बीच, वे 11 अलग-अलग लेन-देन में कुल 92.5 लाख रुपये ट्रांसफर कराने में कामयाब रहे। जब बार-बार पैसे भेजने के अनुरोध आने लगे, तो सीए को संदेह हुआ। उन्होंने सीधे सांसद से संपर्क कर पुष्टि की, तब जाकर इस बड़े धोखे का पर्दाफाश हुआ।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पुलिस ने लोगों को किया आगाह
\r\n\r\nधोखाधड़ी का पता चलते ही, सीए ने साइबराबाद की साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी अब प्रभावशाली लोगों से जुड़े व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए डीपी क्लोनिंग, फर्जी प्रोफाइल और छद्म पहचान का इस्तेमाल कर रहे हैं।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले, विशेष रूप से व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से आने वाले अनुरोधों पर, वैकल्पिक माध्यमों जैसे सीधे फोन कॉल या व्यक्तिगत मुलाकात के जरिए पुष्टि ज़रूर कर लें। यह घटना बताती है कि साइबर धोखाधड़ी कितनी जटिल हो गई है और सतर्कता ही इससे बचने का एकमात्र तरीका है। पुलिस इस समय धन के स्रोत का पता लगाने और आरोपियों की पहचान करने के प्रयासों में जुटी हुई है।
\r\n\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.