बेंगलुरु: बेंगलुरु की पहचान अक्सर अपने भीषण ट्रैफिक जाम के लिए होती है, लेकिन गुरुवार को इसी शहर में डॉक्टरों ने एक अनूठा तरीका अपनाकर इस जाम को मात दी। उन्होंने एक मरीज की जान बचाने के लिए हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए दिल को मेट्रो के जरिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल पहुंचाया। इस सफल प्रयास ने न सिर्फ एक मरीज को नया जीवन दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि आपातकालीन स्थितियों में कैसे लीक से हटकर सोचा जा सकता है।READ ALSO:-यूपीएसआरटीसी में ड्राइवरों-कंडक्टरों की सीधी भर्ती शुरू करने का निर्देश: हाईकोर्ट ने कहा- नियमों के अनुसार हों अनुकंपा नियुक्तियां भी
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क्यों चुना गया मेट्रो का रास्ता?
\r\n\r\nहृदय जैसे अंगों के प्रत्यारोपण के लिए समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। एंबुलेंस को अक्सर शहर के ट्रैफिक जाम में फंसने का जोखिम रहता है, जिससे कीमती समय बर्बाद हो सकता है। इसी समस्या से बचने के लिए डॉक्टरों ने मेट्रो का उपयोग करने का फैसला किया। यह दूसरी बार है जब बेंगलुरु में इस तरह से हार्ट ट्रांसपोर्ट किया गया है, जो इस तरीके की सफलता को दर्शाता है।
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20 मिनट में तय हुआ मुश्किल सफर
\r\n\r\nगुरुवार, 11 सितंबर को यह महत्वपूर्ण ऑपरेशन हुआ। डॉक्टरों की टीम ने हार्ट को पहले एंबुलेंस से यशवंतपुर इंडस्ट्री मेट्रो स्टेशन तक पहुंचाया। इसके बाद एक विशेष रूप से रिजर्व किए गए मेट्रो कोच में हार्ट को रखकर संपीगे रोड मेट्रो स्टेशन तक ले जाया गया। यह यात्रा रात 11 बजकर 1 मिनट पर शुरू हुई और महज 20 मिनट में 11 बजकर 21 मिनट पर खत्म हो गई, जिसमें सात स्टेशन पार किए गए। वहां से हार्ट को फिर एंबुलेंस से शेषाद्रिपुरम के अपोलो अस्पताल ले जाया गया।
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इस पूरे सफर के दौरान मेट्रो सुरक्षा अधिकारी और डॉक्टरों की एक टीम मौजूद रही, जिसकी निगरानी में यह जीवन-रक्षक मिशन पूरा हुआ। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें डॉक्टरों की टीम को मेट्रो कोच के अंदर हार्ट लेकर जाते हुए देखा जा सकता है, जिसने लोगों को काफी प्रभावित किया है।
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