खबरीलाल डेस्क

देशभर के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं (LPG Consumers) के लिए आज 15 जून 2026 की सुबह एक बेहद अहम खबर लेकर आई है। अगर आप भी अपने घर में भारत गैस (Bharat Gas), इंडेन (Indane) या एचपी (HP Gas) के एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर सीधा आपकी जेब और आपकी सुरक्षा से जुड़ी है।

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​लगातार बढ़ती महंगाई और सोशल मीडिया पर उड़ रही गैस के दाम बढ़ने की अफवाहों के बीच देश की सरकारी तेल कंपनियों (Oil Marketing Companies - OMCs) ने एक नई और सख्त एडवाइजरी (LPG New Advisory) जारी की है। इस एडवाइजरी में गैस डिलीवरी के नियमों से लेकर ग्राहकों के अधिकारों तक कई बड़े बदलाव और दिशा-निर्देश शामिल हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नई गाइडलाइन क्या है, आपके अधिकार क्या हैं और आज आपके शहर में घरेलू व कमर्शियल गैस किस भाव पर मिल रही है।

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​तेल कंपनियों का सख्त निर्देश: सिलेंडर लेते समय इन 3 नियमों का करें पालन

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​अक्सर देखने में आता है कि जल्दबाजी में ग्राहक बिना चेक किए गैस सिलेंडर ले लेते हैं, जिससे बाद में कम गैस निकलने या सुरक्षा संबंधी शिकायतें आती हैं। इसे रोकने के लिए तेल कंपनियों ने नई एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से 3 प्रमुख बातें कही हैं, जिन्हें हर उपभोक्ता को जानना चाहिए:

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1. सील की गहन जांच (Seal Verification)

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​सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय यह सुनिश्चित करना आपकी पहली जिम्मेदारी है कि सिलेंडर की सील पूरी तरह से इंटैक्ट (Intact) यानी सुरक्षित है। कंपनियों ने डिलीवरी बॉयज को सख्त हिदायत दी है कि वे ग्राहकों को सील चेक करवाएं। अगर आपको सील कटी-फटी, ढीली या टूटी हुई लगे, तो आप तुरंत सिलेंडर लेने से मना कर सकते हैं। यह गैस चोरी रोकने का सबसे पहला और कारगर कदम है।

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​2. वजन तौलने का अधिकार (Right to Weight Check)

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​यह सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। नई एडवाइजरी के मुताबिक, हर डिलीवरी मैन के पास एक पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन (वजन तौलने की मशीन) होना अनिवार्य है। ग्राहक डिलीवरी के समय उसी मशीन पर सिलेंडर का वजन चेक करने की मांग कर सकता है। खाली सिलेंडर (Tare Weight) और गैस के वजन (14.2 kg) को मिलाकर कुल वजन सिलेंडर पर लिखा होता है। अगर वजन 100-200 ग्राम भी कम है, तो आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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​3. ओवरचार्जिंग पर जीरो टॉलरेंस (Strict Action on Overcharging)

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​अक्सर कई इलाकों से शिकायतें आती हैं कि डिलीवरी बॉय गैस की रसीद पर छपे दाम से 20 या 50 रुपये अतिरिक्त (डिलीवरी चार्ज या बख्शीश के नाम पर) मांगते हैं। कंपनियों ने साफ कर दिया है कि तय कीमत से एक भी रुपया अतिरिक्त नहीं दिया जाना चाहिए। यदि ऐसा होता है, तो ग्राहक सीधे अपनी गैस एजेंसी के मैनेजर या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।

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💡 सुरक्षा संबंधी सलाह: एडवाइजरी में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि हर 5 साल में अपने गैस का सुरक्षा पाइप (Suraksha Hose) और रेगुलेटर एजेंसी के अधिकृत मैकेनिक से जरूर चेक करवाएं या बदलें, ताकि किसी भी तरह की लीकेज और हादसे से बचा जा सके।

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क्या आज (15 जून 2026) बढ़ गए रसोई गैस के दाम? जानिए घरेलू सिलेंडर का ताजा हाल

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​सोमवार सुबह से ही सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर चर्चा थी कि गैस के दाम बढ़ गए हैं। लेकिन, आम जनता और खासकर गृहणियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले नीले-लाल घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की है। घरेलू गैस के दाम अपने पुराने स्तर पर ही पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं।

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​देश के प्रमुख महानगरों में आज घरेलू गैस (14.2 kg) के दाम इस प्रकार हैं:

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महानगर का नाम

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घरेलू सिलेंडर की मौजूदा कीमत (₹)

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स्थिति

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नई दिल्ली (New Delhi)

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₹942.00

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कोई बदलाव नहीं (स्थिर)

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नोएडा (Noida, UP)

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₹939.50

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कोई बदलाव नहीं (स्थिर)

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मुंबई (Mumbai)

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₹941.50

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कोई बदलाव नहीं (स्थिर)

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कोलकाता (Kolkata)

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₹968.00

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कोई बदलाव नहीं (स्थिर)

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चेन्नई (Chennai)

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₹960.50

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कोई बदलाव नहीं (स्थिर)

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उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए विशेष लाभ

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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत रजिस्टर्ड करोड़ों गरीब और ग्रामीण महिलाओं को राहत का सिलसिला जारी रहेगा। उन्हें यह गैस सिलेंडर बाजार मूल्य के बजाय, मिलने वाली सरकारी सब्सिडी के बाद उसी पुरानी सस्ती दर पर मिलता रहेगा, जिससे उनके मासिक बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

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कमर्शियल गैस सिलेंडर पर महंगाई का तगड़ा प्रहार: होटल और रेस्तरां वालों का बिगड़ा बजट

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भले ही आम आदमी की रसोई घरेलू गैस के मोर्चे पर सुरक्षित है, लेकिन बाहर खाना खाने के शौकीन लोगों और कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों, होटलों, रेस्टोरेंट्स और हलवाइयों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है।

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पिछले दिनों ही तेल कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹195.50 की एकमुश्त भारी वृद्धि की थी। इसके बाद से कमर्शियल गैस के दाम ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं।

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इस भारी बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ना तय माना जा रहा है। स्ट्रीट फूड वेंडर्स से लेकर फाइव स्टार होटलों तक के लिए लागत बढ़ गई है, जिससे आने वाले समय में बाहर का खाना महंगा हो सकता है।

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आखिर क्यों हो रहा है गैस की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव? समझें अंतरराष्ट्रीय गणित

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​भारत अपनी घरेलू एलपीजी जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात (Import) करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार की घटनाओं का सीधा असर हमारे गैस सिलेंडर के बिल पर पड़ता है। इस बार कमर्शियल गैस महंगी होने और तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ने के पीछे 3 बड़े वैश्विक कारण हैं:

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  • सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) में जबरदस्त उछाल: एलपीजी की कीमतें मुख्य रूप से 'सऊदी अरामको' द्वारा तय किए गए बेंचमार्क पर निर्भर करती हैं। पश्चिम एशिया (Middle-East) में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति में बाधा के चलते हाल ही में सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में अचानक 44% का भयानक उछाल दर्ज किया गया।
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  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का संकट: यह दुनिया के सबसे व्यस्त तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है। यहाँ चल रहे तनाव ने परिवहन (Shipping) और बीमा (Insurance) की लागत को कई गुना बढ़ा दिया है, जिसका असर गैस के बेस प्राइस पर पड़ा है।
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  • कंपनियों का अंडर-रिकवरी (Under-Recovery) का बोझ: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल और गैस महंगी होने के बावजूद, भारत सरकार और तेल कंपनियों ने फैसला किया कि इसका असर आम जनता के घरेलू सिलेंडर पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। इस जन-हितैषी फैसले के कारण वर्तमान में तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) घरेलू सिलेंडर पर लगभग ₹380 प्रति सिलेंडर का घाटा (अंडर-रिकवरी) खुद उठा रही हैं।
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  • राहत की एक किरण: हाल ही में संपन्न हुए अमेरिका-ईरान शांति समझौते (US-Iran Peace Deal) के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल और गैस मार्केट में हल्की नरमी देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह शांति बनी रही, तो आने वाले महीनों में कमर्शियल गैस के दामों में कुछ कटौती देखने को मिल सकती है।
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जागरूक उपभोक्ता बनें

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​15 जून 2026 की यह विस्तृत रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि आम नागरिक को घरेलू गैस के मोर्चे पर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, दाम पूरी तरह स्थिर हैं। हालांकि, नई गाइडलाइंस का पालन करना हमारी स्वयं की जिम्मेदारी है। एक जागरूक उपभोक्ता के रूप में हमेशा अपने अधिकारों का प्रयोग करें—चाहे वह गैस का वजन चेक करना हो, सील देखना हो या अधिक पैसे मांगने पर सख्त ऐतराज जताना हो। कमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों ने जरूर व्यापारी वर्ग की चिंताएं बढ़ा दी हैं, लेकिन वैश्विक हालात सुधरने पर इसमें भी राहत की उम्मीद की जा सकती है।

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