खबरीलाल डेस्क
बिजनौर (Bijnor News): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद और हृदय विदारक खबर सामने आई है। जिले के धामपुर थाना क्षेत्र में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली हैं। धामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्योहारा रोड पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार रोडवेज बस ने एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार एक 48 वर्षीय व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई है। मृतक की पहचान मुनेश्वर सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।Read also:-मेरठ में खूनी संघर्ष: सेप्टिक टैंक के विवाद में युद्ध का मैदान बना अजराड़ा गांव, पुलिसकर्मी के घर पर बरसाए गए पत्थर
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हादसे का पूरा घटनाक्रम और खौफनाक मंजर प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक सड़क हादसा धामपुर थाना क्षेत्र के स्योहारा रोड पर उस समय घटित हुआ जब हसनपुर पालकी गांव के रहने वाले मुनेश्वर सिंह (उम्र लगभग 48 वर्ष) पुत्र उमेश चंद्र किसी निजी काम से अपनी बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मुनेश्वर सिंह सामान्य गति से अपनी लेन में चल रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक सरकड़ा चक्रराजमल गांव के समीप पहुंची, तभी सामने से या पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और बेहद तेज रफ्तार यूपी रोडवेज बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
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टक्कर इतनी भयंकर थी कि मुनेश्वर सिंह अपनी बाइक समेत सड़क पर काफी दूर तक घिसटते चले गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। सड़क पर खून से लथपथ पड़े मुनेश्वर सिंह को देखकर लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को घटना की सूचना दी।
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अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित हादसे की भयानकता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए मदद की कोशिश की। सूचना मिलते ही धामपुर थाना पुलिस की एक टीम तुरंत सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद भीड़ को हटाकर यातायात को सुचारू किया और आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल मुनेश्वर सिंह को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
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अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मुनेश्वर सिंह का इलाज शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन उनके शरीर से बहुत अधिक खून बह चुका था और उन्हें कई गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं। दुर्भाग्यवश, तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद मुनेश्वर सिंह को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही उनके साथ आए कुछ परिचितों और बाद में पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: 5 बच्चों के सिर से उठा साया इस सड़क दुर्घटना ने हसनपुर पालकी गांव के एक गरीब परिवार को हमेशा के लिए गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक मुनेश्वर सिंह ग्राम पंचायत में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। वे अपनी सीमित आय में ही अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, मुनेश्वर सिंह अपने पीछे पत्नी और पांच बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं।
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परिवार के लिए मुनेश्वर सिंह ही आजीविका के एकमात्र मुख्य स्रोत थे। अब उनके निधन के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पांच बच्चों के पालन-पोषण और उनके भविष्य को लेकर परिवार गहरे अंधकार में डूब गया है। गांव वालों का कहना है कि मुनेश्वर सिंह एक बेहद मिलनसार और मेहनती व्यक्ति थे, जो पूरी ईमानदारी से गांव की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालते थे। उनकी इस तरह अचानक मौत से पूरे हसनपुर पालकी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई रोडवेज बस चालक की लापरवाही को कोस रहा है।
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पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया अस्पताल में मुनेश्वर सिंह की मौत की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद, धामपुर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने सबसे पहले मृतक के परिजनों को इस दुखद घटना की औपचारिक सूचना दी। परिजनों के अस्पताल पहुंचने और उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर जिला अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया है।
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थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में परिजनों की ओर से मिलने वाली तहरीर के आधार पर आरोपी रोडवेज बस चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस हादसे का कारण बनी रोडवेज बस की तलाश और चालक की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों (यदि कोई हों) की भी जांच की जा सकती है ताकि हादसे की सटीक वजह का पता लगाया जा सके।
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रफ्तार का कहर और प्रशासन की जिम्मेदारी पर उठते सवाल यह घटना एक बार फिर बिजनौर और विशेषकर धामपुर-स्योहारा मार्ग पर यातायात व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों के आतंक पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का आरोप है कि इस मार्ग पर रोडवेज बसें और डंपर जैसे भारी वाहन अक्सर तय सीमा से कहीं अधिक गति (Over-speeding) में दौड़ते हैं। चालकों की इसी लापरवाही और जल्दबाजी का खामियाजा अक्सर निर्दोष दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ता है।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि ऐसे दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (Black Spots) को चिह्नित कर वहां स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और गति सीमा को सख्ती से लागू किया जाए। सरकड़ा चक्रराजमल जैसे ग्रामीण इलाकों के पास से गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाए जाने चाहिए। इसके साथ ही, मृतक सफाई कर्मचारी के परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों ने उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी पुरजोर मांग की है, ताकि उन पांच अनाथ हुए बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति हम सभी को जागरूक होने का एक कड़ा संदेश देता है।