शकील अहमद
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और यातायात नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए, परिवहन विभाग ने एक कड़ा कदम उठाया है। जिले में दुर्घटनाओं पर लगाम कसने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए सघन बिजनौर सड़क सुरक्षा अभियान (Bijnor Road Safety Campaign) चलाया गया है। इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान प्रशासन ने उन वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की है, जो अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे थे। शनिवार को चलाए गए इस व्यापक अभियान में कुल 95 वाहनों के चालान काटे गए हैं, जिससे नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया है।READ ALSO:-गाजियाबाद का 'किलर व्हील': चलती कार में पोर्टेबल मशीन से भ्रूण लिंग जांच, झोलाछाप डॉक्टरों से गर्भपात; 4 शातिर गिरफ्तार
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बिजनौर सड़क सुरक्षा अभियान के तहत सघन चेकिंग

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सड़क हादसों को रोकने के लिए एआरटीओ (ARTO) प्रशासन महेश शर्मा और पीटीओ (PTO) मुन्ना लाल के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। इस टीम ने जिले के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर अचानक से नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू की। यह चेकिंग अभियान मुख्य रूप से नगीना हाईवे, बैराज रोड और भनेड़ा टोल प्लाजा पर चलाया गया। इन मार्गों पर रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है, इसलिए इन स्थानों को विशेष रूप से इस बिजनौर सड़क सुरक्षा अभियान के लिए चुना गया था।
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अधिकारियों ने पहले से ही रणनीति तैयार कर रखी थी ताकि नियम तोड़ने वाला कोई भी चालक आसानी से बचकर न निकल सके। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की इस संयुक्त टीम ने हर आने-जाने वाले वाहन पर पैनी नजर रखी।
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ब्रीथ एनालाइजर (Breath Analyzer) से शराबी चालकों पर नकेल

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इस पूरे चेकिंग अभियान का मुख्य फोकस 'शराब पीकर वाहन चलाने वालों' (Drunk Driving) को पकड़ना था। रात और दिन के समय होने वाले अधिकांश बड़े सड़क हादसों के पीछे नशे में गाड़ी चलाना एक प्रमुख कारण होता है। इसे देखते हुए टीम ने बड़ी संख्या में वाहनों को रोककर चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से गहन चेकिंग की। जिन चालकों के शरीर में अल्कोहल की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गई।
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बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के चलने वालों पर एक्शन

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शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के अलावा, उन दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को भी इस अभियान के राडार पर रखा गया जो मूलभूत सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज कर रहे थे। चेकिंग के दौरान कई लोग ऐसे पाए गए:
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    बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चालक: जो युवा और अन्य लोग बिना हेलमेट पहने तेज रफ्तार में बाइक और स्कूटी चला रहे थे, उन्हें रोककर जुर्माना लगाया गया।
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    सीट बेल्ट का उपयोग न करने वाले: चार पहिया वाहनों (कारों) में सीट बेल्ट न लगाने वाले ड्राइवरों और फ्रंट सीट के यात्रियों का भी चालान काटा गया।
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    काली फिल्म और ओवरस्पीडिंग: अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भी परिवहन विभाग ने बिना किसी नरमी के कार्रवाई की।
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चेकिंग टीम को देखकर रास्ता बदलने लगे चालक

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इस बिजनौर सड़क सुरक्षा अभियान की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाइवे और टोल प्लाजा पर चेकिंग दल को देखकर कई वाहन चालकों के पसीने छूट गए। जो लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, वे पुलिस को दूर से ही देखकर अपना रास्ता बदलने या वापस लौटने (U-Turn) का प्रयास करते हुए दिखाई दिए।
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हालाँकि, परिवहन विभाग की टीम इस बार पूरी तरह से सतर्क थी। भागने की कोशिश कर रहे ऐसे संदिग्ध वाहनों को पुलिस बल की मदद से कुछ ही दूरी पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया गया और उनकी भी पूरी जांच की गई। प्रशासन की इस चुस्ती के कारण नियम तोड़ने वाला कोई भी चालक बचकर नहीं निकल सका। इस पूरे दिन चले अभियान में कुल 95 वाहनों का चालान किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को यह कड़ा संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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एआरटीओ (ARTO) महेश शर्मा का सख्त संदेश और भविष्य की योजना

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परिवहन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद, एआरटीओ प्रशासन महेश शर्मा ने मीडिया और आम जनता को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने पुष्टि की कि बिजनौर सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत 95 वाहन चालकों के चालान किए गए हैं, जो किसी न किसी रूप में मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन कर रहे थे।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने, हादसों में होने वाली मौतों को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के मुख्य उद्देश्य से यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे चेकिंग के डर से नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और कभी भी शराब पीकर ड्राइविंग न करें।
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सड़क सुरक्षा को लेकर एक संक्षिप्त विश्लेषण (Analysis)

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भारत में हर साल लाखों लोग केवल इसलिए अपनी जान गंवा देते हैं क्योंकि वे साधारण यातायात नियमों का पालन नहीं करते। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, ओवरस्पीडिंग और ड्रंक ड्राइविंग (Drunk Driving) सड़क दुर्घटनाओं के दो सबसे बड़े कारण हैं। बिजनौर जैसे जिलों में जहां हाईवे और ग्रामीण सड़कें आपस में जुड़ती हैं, वहां सड़क सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
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प्रशासन द्वारा चलाए जाने वाले ऐसे सघन अभियान केवल राजस्व (जुर्माना) वसूलने के लिए नहीं होते, बल्कि यह जनता के व्यवहार में बदलाव (Behavioral Change) लाने के लिए एक जरूरी साइकोलॉजिकल दबाव बनाने का काम करते हैं। जब सड़क पर चेकिंग होती है, तो लोगों में कानून का डर पैदा होता है, जो अंततः उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग करने के लिए प्रेरित करता है।
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सड़क सुरक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। बिजनौर परिवहन विभाग द्वारा नगीना हाईवे, बैराज रोड और भनेड़ा टोल प्लाजा पर चलाया गया बिजनौर सड़क सुरक्षा अभियान एक सराहनीय कदम है। 95 वाहनों का चालान होना यह साबित करता है कि आज भी लोग नियमों को लेकर कितने लापरवाह हैं। एआरटीओ महेश शर्मा की यह चेतावनी कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, उन लोगों के लिए एक अलार्म है जो अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालते हैं। प्रशासन अपना काम कर रहा है, लेकिन दुर्घटनाओं को तभी रोका जा सकेगा जब आम जनता खुद जागरूक होगी और नियमों को अपनी आदत में शामिल करेगी।
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बिजनौर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एआरटीओ महेश शर्मा और पीटीओ मुन्ना लाल के नेतृत्व में एक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। नगीना हाईवे, बैराज रोड और भनेड़ा टोल प्लाजा पर शनिवार को हुई इस कार्रवाई में ब्रीथ एनालाइजर से शराबी चालकों की जांच की गई। इसके अलावा बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसा गया। पुलिस को देख भागने वाले वाहन चालकों को भी सतर्कता से रोका गया। इस अभियान में कुल 95 वाहनों के चालान किए गए और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसों को रोकने के लिए यह चेकिंग भविष्य में भी जारी रहेगी।