Muzaffarnagar Lekhpal Protest के तहत शनिवार को राजस्व कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुजफ्फरनगर की सदर तहसील में लेखपालों ने 2800 ग्रेड पे लागू करने समेत अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर शुरू हुआ यह प्रदेशव्यापी आंदोलन मुजफ्फरनगर में सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक चला। प्रदर्शन के समापन पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी (डीएम) के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा।
18 वर्षों से अटका है 2800 ग्रेड पे का मामला तहसील अध्यक्ष संजीव मलिक ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि लेखपालों की कई मांगें लंबे समय से सरकारी फाइलों में कैद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2800 ग्रेड पे लागू करने की प्रमुख मांग पिछले 18 वर्षों से लंबित पड़ी है। संघ का कहना है कि राजस्व के महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देने वाले कर्मचारियों की इस बुनियादी मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

200 रुपये का मोटरसाइकिल भत्ता नाकाफी लेखपालों ने अपने भत्तों की विसंगतियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। वर्तमान में लेखपालों को यात्रा के लिए मात्र 200 रुपये का न्यूनतम मोटरसाइकिल भत्ता दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी ड्यूटी पूरी तरह से फील्ड पर आधारित है। उन्हें हर दिन अलग-अलग गांवों का दौरा करना पड़ता है। ऐसे में यह मामूली भत्ता उनकी वास्तविक जरूरतों और बढ़ती महंगाई के हिसाब से बिल्कुल तर्कसंगत नहीं है। इसे तत्काल बढ़ाने की मांग रखी गई है।
दूरस्थ तैनाती और रिक्त पदों पर भर्ती का मुद्दा स्थानांतरण नीति को लेकर भी लेखपालों में भारी असंतोष है। संघ ने बताया कि कई कर्मचारियों की तैनाती उनके गृह जिले से काफी दूर कर दी जाती है। इससे उन्हें हर दिन आने-जाने और काम करने में भारी शारीरिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। संघ ने दूर-दराज के जिलों में तैनात कर्मचारियों के लिए अंतरमंडलीय या गृह जनपद में तबादले की सुविधा देने की मांग की है। इसके अलावा, काम के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए रिक्त पड़े पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने का भी आग्रह किया गया है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›किसानों ने दिया लेखपालों को समर्थन इस धरने को समाज के अन्य वर्गों का भी साथ मिला है। किसान नेता विकास शर्मा अपनी टीम के साथ लेखपालों की मांगों का समर्थन करने धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसान और लेखपाल ग्रामीण व्यवस्था में एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह लेखपालों की इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई करे।
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