Nestle Dairy Whitener को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कार्रवाई की है। नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित द ललित होटल से लिए गए नेस्ले के ‘लो फैट डेयरी व्हाइटनर’ के एक नमूने को प्रयोगशाला जांच में असुरक्षित और घटिया घोषित किया गया है। नियामक ने होटल संचालित करने वाली कंपनी भारत होटल्स लिमिटेड को संबंधित उत्पाद की बिक्री तत्काल रोकने का निर्देश दिया है।

FSSAI के अनुसार, खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट में नमूना खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस मामले में भारत होटल्स को नोटिस भी जारी किया गया है। हालांकि, कंपनी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने का अवसर दिया गया है।

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द ललित होटल से लिया गया था नमूना

यह मामला किसी एक नमूने की प्रयोगशाला जांच से जुड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, नमूना भारत होटल्स लिमिटेड के द ललित होटल परिसर से लिया गया था, जो नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित है।

जांच के बाद खाद्य नियामक ने संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालक को बिक्री रोकने के निर्देश दिए। रिपोर्ट की प्रति भी आवश्यक कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई गई।

ध्यान देने वाली बात यह है कि उपलब्ध जानकारी में प्रभावित बैच नंबर, जांच में सामने आई विशिष्ट कमी या किसी खास पदार्थ की मात्रा का उल्लेख नहीं है। इसलिए अभी यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि उत्पाद में कौन-सा तत्व निर्धारित सीमा से बाहर पाया गया। कार्रवाई एक जांचे गए नमूने के निष्कर्ष पर आधारित है; इसे बिना अतिरिक्त जानकारी के नेस्ले के सभी उत्पादों पर लागू नहीं माना जाना चाहिए।

उपभोक्ताओं को क्या ध्यान रखना चाहिए?

उपभोक्ताओं को उत्पाद से संबंधित आधिकारिक अपडेट और बैच की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। यदि किसी उत्पाद के बारे में नियामक की ओर से विशेष निर्देश जारी किए जाते हैं, तो खरीद या इस्तेमाल से पहले उन निर्देशों की पुष्टि करना जरूरी है।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में प्रभावित उत्पाद के बैच की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसी खास पैकेट को प्रभावित बताने से पहले नियामक की अधिसूचना या कंपनी की आधिकारिक जानकारी देखना आवश्यक है।

नेस्ले के अन्य उत्पादों पर भी पहले हुई थी कार्रवाई

नेस्ले इंडिया के कुछ शिशु आहार उत्पाद भी हाल में नियामकीय कार्रवाई के दायरे में आए थे। सितंबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, FSSAI ने NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 के प्रचार संबंधी दावों पर मामले शुरू किए थे। इसके अलावा, कंपनी के एक फॉलो-अप फॉर्मूला नमूने में बायोटिन की मात्रा निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाई गई थी। ये मामले डेयरी व्हाइटनर की मौजूदा जांच से अलग हैं।

इससे पहले 2015 में मैगी नूडल्स को लेकर भी खाद्य सुरक्षा विवाद हुआ था। हालांकि, मौजूदा मामले में मुख्य कार्रवाई लो-फैट डेयरी व्हाइटनर के एक नमूने और उससे संबंधित बिक्री पर रोक के निर्देश से जुड़ी है।

आगे की स्थिति अपील प्रक्रिया, नियामक के अतिरिक्त अपडेट और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर उत्पाद की जांच रिपोर्ट और बिक्री रोकने के निर्देश ही इस मामले के प्रमुख तथ्य हैं।

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