Delhi NCR Weather मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है। हवाओं की स्थिति को देखें तो सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो दोपहर में 22 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। शाम के समय यह हवाएं पश्चिम दिशा से 15 किमी प्रति घंटे की गति से बहेंगी।
उत्तर और मध्य भारत से मानसून की विदाई देश के अधिकांश हिस्सों से अब मानसून (Monsoon) वापसी की राह पर है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से मानसून के पीछे हटने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी मानसून की वापसी हो रही है। वहीं, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी मानसूनी गतिविधियां काफी कमजोर पड़ चुकी हैं।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट एक तरफ उत्तर और मध्य भारत से मानसून विदा ले रहा है, तो दूसरी तरफ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि 2 अक्टूबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में भी 3 और 4 अक्टूबर को तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दक्षिण भारत के राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। इसी तरह केरल में 4 से 6 अक्टूबर के बीच और कर्नाटक के कई जिलों में 5 व 6 अक्टूबर को तेज बारिश होने के आसार जताए गए हैं।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›कमजोर पड़ा कम दबाव का क्षेत्र मौसम विज्ञान के मुताबिक, उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब काफी कमजोर हो गया है। 2 अक्टूबर की सुबह तक इसका असर खत्म हो चुका था। हालांकि, सिक्किम, पूर्वोत्तर असम, केरल तट के पास दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर अभी भी चक्रवाती हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.