नई दिल्ली। Flydubai की दुबई से तेल अवीव जा रही Flight FZ1073 में 30 सितंबर 2026 को अचानक कॉकपिट के अंदर हिंसक घटना हुई। इस दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने विमान को बचाने के लिए आखिरी कोशिश जारी रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुक्रवार को अस्पताल से हुई बातचीत में मच्छार ने बताया कि विमान तेजी से नीचे जा रहा था और उन्हें समझ आ गया था कि अगर वह कुछ नहीं करते तो यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?

स्मित मच्छार भारतीय मूल के पायलट हैं और Flydubai में कैप्टन के तौर पर काम करते हैं। उनके पास करीब 17 साल का उड़ान अनुभव है और वह लगभग 11 साल से कैप्टन हैं। Flydubai से पहले उन्होंने करीब 11 साल SpiceJet में काम किया था। रिपोर्टों के मुताबिक SpiceJet के दौरान उनके पास 9,750 से ज्यादा फ्लाइंग घंटे का अनुभव था।

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वह Boeing 737 परिवार के विमान उड़ाने का अनुभव रखते हैं। यही अनुभव उस समय बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ, जब विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा।

कॉकपिट में आखिर हुआ क्या था?

Flight FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन मच्छार और सह-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सह-पायलट ने मच्छार पर हमला किया और उन्हें चाकू से गंभीर रूप से घायल किया। Flydubai ने घटना को कॉकपिट में हुई “altercation” बताया है, जबकि इजरायली अधिकारियों ने इसे पायलट पर हमले और विमान को खतरे में डालने की कोशिश के रूप में बताया। मामले की जांच अभी जारी है।

घटना के दौरान विमान ने कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। Flightradar24 के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्टों में बताया गया कि विमान करीब 14,000 फीट तक बहुत तेजी से नीचे आया।

घायल होने के बाद भी दरवाजा खोला

इस घटना में स्मित मच्छार की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका यहीं सामने आती है। हमले में घायल होने के बाद वह कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। लेकिन उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद को उठाया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। गंभीर चोटों के बावजूद वह दरवाजा खोलने में सफल रहे। इससे बाहर मौजूद लोगों को कॉकपिट में प्रवेश करने का रास्ता मिला।

इसके बाद यात्रियों ने संभाली स्थिति

कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों ने भी नियंत्रण संभालने में भूमिका निभाई। इसके बाद विमान को तेल अवीव की बजाय सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

विमान में यात्रियों और क्रू की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर है। Reuters ने 174 लोगों की संख्या बताई, जबकि AP की बाद की रिपोर्ट में 182 लोगों का उल्लेख है। इसलिए उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर निश्चित संख्या को लेकर सावधानी जरूरी है।

स्मित मच्छार ने बताया- उस समय क्या सोच रहे थे?

अस्पताल से प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत में मच्छार ने कहा कि उन्हें पता था कि विमान नीचे जा रहा है। वह गंभीर रूप से घायल थे, लेकिन उन्हें यह भी एहसास था कि अगर वह उठकर मदद नहीं मांगते तो यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने इसी सोच के साथ आखिरी प्रयास कर कॉकपिट का दरवाजा खोला।

मच्छार ने यह भी बताया कि घटना के दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। उनके अनुसार, उस कठिन समय में इससे उन्हें हिम्मत मिली।

ओमानी पायलट के हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छर। 30 सितंबर को सऊदी में लैंड होने के बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।

अभी स्मित मच्छार की हालत कैसी है?

घटना के बाद मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। भारतीय अधिकारियों के अनुसार वह सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है। बाद में उन्हें अबू धाबी में उपचार दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने अस्पताल से उनसे वीडियो कॉल पर बात की और घटना के दौरान उनके साहस और त्वरित निर्णय की सराहना की।

पूरी घटना की जांच अभी जारी है। सह-पायलट के हमले के पीछे की वजह, घटना की पूरी परिस्थितियां और विमान के कॉकपिट में सुरक्षा से जुड़े सवाल जांच का हिस्सा हैं। इसलिए हमले की मंशा को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

 

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