मेरठ। बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद के सरकारी स्कूलों में स्कूल सुरक्षा ऑडिट का महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 1 अक्टूबर 2026 को हस्तिनापुर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय रानी नगला और उच्च प्राथमिक विद्यालय सैफपुर करमचंद्रपुर में एक विशेष स्कूल सुरक्षा ऑडिट और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

​स्कूल की सुविधाओं का हुआ बारीकी से ऑडिट

यह स्कूल सुरक्षा ऑडिट उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जोनल कोऑर्डिनेटर देवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। मेरठ जिले में इसे डीसी नरेंद्र कुमार और आईटी विशेषज्ञ शिवम के सहयोग से लागू किया गया है।

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​रानी नगला की प्रधानाचार्या श्रीमती दीपा और सैफपुर करमचंद्रपुर के प्रधानाचार्य अनिल कुमार की उपस्थिति में, सुरक्षा ऑडिट टीम ने विद्यालय की स्थिति का जायजा लिया। आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा, सिविल इंजीनियर अभिषेक त्यागी और अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ विवेक कुमार ने स्कूलों में रसोई, शौचालय, पेयजल, दिव्यांगों के लिए सुविधाएं, स्टाफ रूम, गतिविधि कक्ष, टीवी, खिड़कियां और इमरजेंसी लाइट जैसी सुविधाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया। जिन सुविधाओं की कमी पाई गई, उसकी रिपोर्ट तत्काल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शासन को भेज दी गई।

​सर्पदंश और आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय

ऑडिट के बाद स्कूल के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। आपदा विषय विशेषज्ञ मुकुंद वल्लभ शर्मा ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।

​उन्होंने आकाशीय बिजली (गाज) से बचाव पर जोर देते हुए कहा कि बिजली चमकने के दौरान हमेशा पेड़ों, तालाबों और बिजली या टेलीफोन के खंभों से दूर रहना चाहिए। साथ ही, हाथ में लोहे या किसी अन्य धातु की वस्तु नहीं होनी चाहिए।

​सर्पदंश (सांप काटने) के मामलों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अज्ञानता के कारण लोग अक्सर झाड़-फूंक करने वालों या सपेरों के चक्कर में अपना कीमती समय बर्बाद कर देते हैं। सांप काटने पर सबसे पहले काटे गए स्थान को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए और पीड़ित को बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए।

​इन आपदाओं पर भी दी गई जानकारी

मुकुंद वल्लभ शर्मा ने इसके अलावा भूकंप, शीतलहर, लू, सड़क सुरक्षा, नाव दुर्घटना और बाढ़ जैसी गंभीर आपदाओं के समय खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के तरीके भी बताए। अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ विवेक कुमार ने अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) के सही इस्तेमाल का लाइव डेमो भी दिया।

​इनकी रही विशेष उपस्थिति

रानी नगला विद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान इंचार्ज प्रधानाध्यापक श्रीमती दीपा, सहायक अध्यापक पवन कुमार, राकेश कुमार, वैभव ऐरन, प्रदीप कुमार और रसोइया सरोज, सुनीता व किरण देवी उपस्थित रहीं।

​वहीं, सैफपुर करमचंद्रपुर के कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनिल कुमार, सहायक अध्यापक प्रीति वर्मा, कुलदीप, दीपाली रानी, मोनिका विश्नोई, ललित पोदी, जयकरण, बचन सिंह, अंशु तोमर, पूजा देवी, उत्तम सिंह और सविता गौतम ने इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण का लाभ उठाया।

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