भारत में आईफोन (iPhone) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स का लगभग एक दशक लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। 30 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर Apple Pay in India लॉन्च कर दिया गया है। यह नई डिजिटल सर्विस भारतीय यूजर्स को बिना किसी ओटीपी (OTP) या पिन (PIN) के, केवल फेस आईडी (Face ID) या टच आईडी (Touch ID) की मदद से सुरक्षित और तेज भुगतान करने की सुविधा प्रदान करती है। इसके आने से अब बटुआ साथ रखने, प्लास्टिक कार्ड कैरी करने या पेमेंट के दौरान नेटवर्क इश्यू के कारण ओटीपी का इंतजार करने की झंझट पूरी तरह से खत्म हो गई है।

12 साल की लंबी देरी का मुख्य कारण एप्पल ने अमेरिका में अपनी इस भुगतान सेवा की शुरुआत साल 2014 में ही कर दी थी। लेकिन भारत में इसे पेश करने में 12 साल का लंबा समय लग गया। इस देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कड़े और सुरक्षित भुगतान नियम थे। भारत में क्रेडिट या डेबिट कार्ड से होने वाले किसी भी डिजिटल लेनदेन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसका मतलब है कि आपको भुगतान पूरा करने के लिए पासवर्ड, पिन या मोबाइल पर आने वाला ओटीपी दर्ज करना ही होता है। दूसरी तरफ, एप्पल पे का मुख्य फीचर ही बिना ओटीपी का 'टैप एंड पे' (Tap and Pay) अनुभव है।

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आरबीआई (RBI) के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव भारत में एप्पल पे की एंट्री का रास्ता तब साफ हुआ जब अप्रैल 2026 में आरबीआई ने अपने सुरक्षा दिशानिर्देशों में एक बड़ा संशोधन किया। केंद्रीय बैंक ने माना कि डिवाइस आधारित ऑथेंटिकेशन—जैसे कि आईफोन का फेस आईडी (Face ID) या फिंगरप्रिंट स्कैनर—मौजूदा ओटीपी या पिन सिस्टम के बराबर, या उससे भी अधिक सुरक्षित है। आरबीआई से इस नई तकनीक को हरी झंडी मिलते ही एप्पल ने भारतीय बाजार में अपने कदम रख दिए।

वर्तमान में कौन से बैंक दे रहे हैं सपोर्ट? शुरुआती चरण में, एप्पल पे को भारत में सीमित बैंकिंग सपोर्ट मिला है। वर्तमान में केवल एक्सिस बैंक (Axis Bank) ने एप्पल के साथ आधिकारिक साझेदारी की है। अगर आपके पास एक्सिस बैंक का वीजा (Visa) या मास्टरकार्ड (Mastercard) क्रेडिट या डेबिट कार्ड है, तो आप तुरंत इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। बाजार की खबरों के अनुसार, एप्पल हर लेनदेन (ट्रांजैक्शन) पर बैंकों से एक निश्चित कमीशन की मांग कर रहा है। इसी शुल्क विवाद के कारण एचडीएफसी (HDFC) और आईसीआईसीआई (ICICI) जैसे देश के अन्य प्रमुख बैंकों ने फिलहाल इस सिस्टम से खुद को दूर रखा है।

आईफोन में कैसे करें एप्पल पे का सेटअप? इस नई और सुरक्षित तकनीक को अपने डिवाइस पर शुरू करना बेहद आसान है। इसके लिए यूजर्स को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:

  1. सबसे पहले अपने आईफोन में पहले से मौजूद 'Wallet App' को खोलें।

  2. स्क्रीन पर दिख रहे 'Add Card' के विकल्प पर टैप करें।

  3. अपने एक्सिस बैंक कार्ड को आईफोन के रियर कैमरे के सामने रखें। फोन अपनी एनएफसी (NFC) तकनीक के जरिए कार्ड की जरूरी डिटेल्स खुद पढ़ लेगा।

  4. ऑथेंटिकेशन के लिए अपना सीवीवी (CVV) नंबर दर्ज करें और बैंक द्वारा भेजे गए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) को डालकर वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करें।

एक बार सेटअप पूरा होने के बाद, आप किसी भी एनएफसी (NFC) सपोर्ट वाली पीओएस (POS) मशीन पर फोन को टैप करके एक सेकंड में पेमेंट कर सकते हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्राइवेसी डिजिटल धोखाधड़ी के इस दौर में एप्पल पे में यूजर प्राइवेसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह सर्विस 'टोकेनाइजेशन' (Tokenization) तकनीक पर काम करती है। जब आप अपना कार्ड लिंक करते हैं, तो आपका असली कार्ड नंबर न तो एप्पल के सर्वर पर सेव होता है और न ही दुकानदार (मर्चेंट) की पीओएस मशीन पर जाता है। हर लेनदेन के लिए एक खास 'सीक्रेट डिवाइस आईडी' जनरेट होती है। इसके अलावा, अगर दुर्भाग्य से आपका फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो आप 'Find My' ऐप का इस्तेमाल करके उसे तुरंत दूर से लॉक कर सकते हैं, जिससे आपके पैसे पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।

यूपीआई (UPI) बनाम एप्पल पे: क्या हैं चुनौतियां? भारतीय बाजार में डिजिटल पेमेंट का सीधा मतलब यूपीआई (UPI) बन चुका है। ऐसे में एप्पल पे के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं:

  • रुपे (RuPay) कार्ड्स का सपोर्ट न होना: भारत में वर्तमान में रुपे कार्ड्स का भारी बोलबाला है, जबकि एप्पल पे फिलहाल केवल वीजा और मास्टरकार्ड को ही सपोर्ट कर रहा है।

  • क्यूआर कोड (QR Code) की गहरी आदत: भारतीय ग्राहकों से लेकर छोटे दुकानदारों तक को क्यूआर कोड स्कैन करने की ऐसी आदत पड़ चुकी है कि उन्हें 'टैप-एंड-पे' तकनीक पर शिफ्ट करने के लिए समय लगेगा।

  • व्यापक स्वीकार्यता: बड़े मॉल्स, महंगे रेस्टोरेंट्स और ब्रांडेड शोरूम्स में पीओएस मशीनें होती हैं, जहां एप्पल पे आसानी से चलेगा। लेकिन छोटी दुकानों पर आज भी यूपीआई का ही राज है।

निष्कर्ष के तौर पर, जो आईफोन यूजर्स अक्सर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और अपनी प्राइवेसी को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं, उनके लिए यह सर्विस एक शानदार अनुभव साबित होगी। छोटी और दैनिक खरीदारी के लिए फिलहाल यूपीआई (UPI) का महत्व बना रहेगा।

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