मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के पानीपत-खटीमा हाइवे पर स्थित जग्गाहेड़ी टोल प्लाजा पर शुक्रवार शाम को बड़ा विवाद देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने टोल मैनेजर पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण टोल पर जाम लग गया, जिसके बाद उन्होंने वाहनों को बिना शुल्क दिए निकालना शुरू कर दिया। इस घटना को Muzaffarnagar Toll Plaza Protest के रूप में देखा जा रहा है, जिससे कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।

सुबह बसों को निकालने को लेकर हुआ था विवाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत शुक्रवार सुबह ही हो गई थी। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता करीब एक दर्जन बसों में सवार होकर शामली की ओर से मुजफ्फरनगर में किसी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान जग्गाहेड़ी टोल प्लाजा पर बसों को बिना टोल दिए निकालने को लेकर टोल कर्मचारियों और एक कार्यकर्ता के बीच कहासुनी हो गई। काफी देर तक चली इस गहमागहमी के बाद आखिरकार सुबह बसों को बिना टोल शुल्क के आगे जाने दिया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यक्रम से लौटते समय कार्यकर्ताओं ने लगाया जाम सुबह की घटना को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई थी। शाम करीब 5 बजे कार्यक्रम से लौटते वक्त कार्यकर्ता एक बार फिर जग्गाहेड़ी टोल प्लाजा पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने टोल मैनेजर पर गाली-गलौज और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए सड़क पर धरना शुरू कर दिया। सड़क पर बैठने की वजह से टोल से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो गई।

नारेबाजी के बीच टोल कराया फ्री विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल परिसर में जमकर नारेबाजी की। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्रीराम’ और अपने संगठन के समर्थन में नारे लगाए। हंगामे को देखते हुए टोल कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को अपने नियंत्रण में लेते हुए प्रदर्शनकारियों ने टोल की सभी लाइनें खोल दीं और लगभग दो-तीन घंटे तक वाहनों को बिना टोल शुल्क चुकाए वहां से निकाला गया।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति हंगामे और टोल फ्री होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आया। फुगाना क्षेत्र के सीओ नरेंद्र यादव और थाना प्रभारी जयवीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने सड़क पर बैठे कार्यकर्ताओं से बातचीत कर मामला शांत करने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने के दौरान भी टोल पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौजूद थी और वाहनों को बिना टैक्स दिए निकाला जा रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन