लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। कांग्रेस ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नया नेता नियुक्त किया गया है। पार्टी ने देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी है। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।

आराधना मिश्रा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ ही अजय राय का यूपी कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल समाप्त हो गया है। अजय राय ने अगस्त 2023 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाली थी। कांग्रेस ने उनके कार्यकाल में दिए गए योगदान की सराहना की है।

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आराधना मिश्रा मोना को मिली प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी

रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन का नेतृत्व करेंगी। प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले वह कांग्रेस विधायक दल की नेता थीं। इस नई नियुक्ति के बाद पार्टी ने विधायक दल के नेतृत्व के लिए चौधरी वीरेंद्र सिंह का नाम तय किया है।

आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुनी गई हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर 84,334 वोट हासिल किए थे और भाजपा के नगेन्द्र प्रताप सिंह को 14,741 वोटों के अंतर से हराया था। यह आंकड़ा चुनाव परिणाम रिकॉर्ड में दर्ज है।

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कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष की राजनीतिक सक्रियता उत्तर प्रदेश में लंबे समय से रही है। सितंबर 2026 में भी वह प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के साथ लखनऊ में पार्टी के एक प्रदर्शन में शामिल रही थीं, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय वह कांग्रेस विधायक दल की नेता थीं।

दो दशक से ज्यादा समय से राजनीति में सक्रिय

आराधना मिश्रा कांग्रेस के उत्तर प्रदेश संगठन से लंबे समय से जुड़ी रही हैं। उपलब्ध सार्वजनिक प्रोफाइल के अनुसार वह रामपुर खास क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रही हैं और कांग्रेस की प्रदेश तथा राष्ट्रीय गतिविधियों में भी भाग लेती रही हैं।

उनके राजनीतिक जीवन का एक अहम पक्ष यह है कि रामपुर खास सीट से उनका परिवार भी लंबे समय से जुड़ा रहा है। उनके पिता प्रमोद तिवारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य हैं। आराधना मिश्रा को 2022 में रामपुर खास से लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड मिला था।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही थी। सितंबर में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी प्रदेश के नेताओं के साथ संगठनात्मक बदलाव और जिला कांग्रेस समितियों से जुड़े मामलों पर चर्चा की थी। पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर संगठन को पुनर्गठित करने की बात कही थी।

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इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नए संगठन में इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। वह सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सहारनपुर से जीत दर्ज की थी। चुनाव परिणाम के अनुसार उन्हें 5,47,967 वोट मिले थे और उन्होंने भाजपा के राघव लखनपाल को 64,542 वोटों से पीछे छोड़ा था।

इमरान मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके राजनीतिक बयानों में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संबंध, विपक्षी गठबंधन तथा आगामी चुनावों से जुड़े मुद्दे लगातार सामने आते रहे हैं।

हाल के दिनों में भी मसूद ने विपक्षी गठबंधन को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखी है। सितंबर 2026 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ विपक्षी एकजुटता के मुद्दे पर बयान दिया था। यह उनका व्यक्तिगत सार्वजनिक राजनीतिक रुख था, जिसे पार्टी की आधिकारिक चुनावी नीति से अलग करके देखा जाना चाहिए।

पुराने विवादित बयान के कारण भी चर्चा में रहे

इमरान मसूद 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। उस मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हुई थी। उनके राजनीतिक जीवन का यह प्रकरण उनके सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा रहा है।

वर्तमान में उन्हें यूपी कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश संगठन में उनकी भूमिका बढ़ गई है। आराधना मिश्रा जहां प्रदेश अध्यक्ष के रूप में संगठन की कमान संभालेंगी, वहीं मसूद कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर प्रदेश कांग्रेस के कामकाज में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगे।

चौधरी वीरेंद्र सिंह अब संभालेंगे कांग्रेस विधायक दल

आराधना मिश्रा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस विधायक दल में भी बदलाव किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चौधरी वीरेंद्र सिंह को उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से लागू हुई है।

इससे प्रदेश संगठन और विधानसभा में कांग्रेस नेतृत्व की जिम्मेदारियां अलग-अलग हो गई हैं। अब आराधना मिश्रा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष होंगी, जबकि चौधरी वीरेंद्र सिंह विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल का नेतृत्व करेंगे।

देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद वरिष्ठ उपाध्यक्ष

कांग्रेस ने संगठन में देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया है। इस तरह प्रदेश कांग्रेस की नई व्यवस्था में अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष के स्तर पर भी नए चेहरे शामिल किए गए हैं।

सितंबर में पार्टी ने संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर जो प्रक्रिया शुरू की थी, उसमें जिला स्तर तक संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर जोर दिया गया था। अब प्रदेश नेतृत्व में किए गए बदलाव उसी व्यापक संगठनात्मक कवायद का हिस्सा हैं।

अजय राय का कार्यकाल हुआ समाप्त

आराधना मिश्रा की नियुक्ति के साथ अजय राय अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नहीं रहे। अजय राय ने अगस्त 2023 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने राज्य संगठन से जुड़े कई अभियानों में भाग लिया। सितंबर 2026 के लखनऊ प्रदर्शन में भी वह प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मौजूद थे।

कांग्रेस ने नई नियुक्ति की घोषणा करते हुए अजय राय के योगदान की प्रशंसा की है। हालांकि, उन्हें आगे पार्टी में कौन-सी भूमिका मिलेगी, इस संबंध में इस नियुक्ति की घोषणा में कोई अलग जिम्मेदारी घोषित नहीं की गई है।

2027 चुनाव से पहले संगठन पर फोकस

उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बदलाव किया है। इसके कुछ समय पहले पार्टी ने उत्तर प्रदेश के लिए राजेंद्र पाल गौतम को प्रभारी महासचिव नियुक्त किया था। संगठनात्मक ढांचे में इसके बाद जिला और प्रदेश स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

नई टीम में अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले नेताओं को प्रदेश संगठन की जिम्मेदारियां दी गई हैं। हालांकि, इन नियुक्तियों के पीछे पार्टी नेतृत्व की विशिष्ट रणनीति या किसी खास सामाजिक समूह को लक्ष्य बनाने के बारे में आधिकारिक घोषणा में कोई विस्तृत कारण नहीं बताया गया है। इसलिए ऐसी राजनीतिक व्याख्याओं को पार्टी के आधिकारिक बयान से अलग समझना जरूरी है।

पंजाब कांग्रेस में भी बदली प्रदेश अध्यक्ष की कमान

उत्तर प्रदेश के साथ कांग्रेस ने पंजाब में भी संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी ने पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है। वड़िंग ने 2 अक्टूबर 2026 को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया था।

इस तरह 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और पंजाब, दोनों राज्यों में अपने प्रदेश संगठन के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव किया है।

अब यूपी कांग्रेस की नई टीम

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में किए गए ताजा बदलाव के बाद संगठन में प्रमुख जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं:

पदनेता
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षआराधना मिश्रा ‘मोना’
कार्यकारी अध्यक्षइमरान मसूद
कांग्रेस विधायक दल के नेताचौधरी वीरेंद्र सिंह
वरिष्ठ उपाध्यक्षदेवेंद्र निषाद
वरिष्ठ उपाध्यक्षआलोक प्रसाद

इन नियुक्तियों के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश संगठन अब नई टीम के साथ काम करेगा। आने वाले महीनों में जिला स्तर के संगठन, चुनावी तैयारियों, गठबंधन संबंधी बातचीत और विधानसभा चुनाव से जुड़े पार्टी कार्यक्रमों में इस नई टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक घोषणा में सीट बंटवारे या 2027 के लिए किसी गठबंधन की अंतिम रूपरेखा घोषित नहीं की गई है।

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