Dhampur Sampoorna Samadhan Diwas के अवसर पर शनिवार (03 अक्टूबर) को बिजनौर जिले में शासन की प्राथमिकताओं को अमलीजामा पहनाने का प्रयास किया गया। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में तहसील धामपुर में इस समाधान दिवस का आयोजन हुआ, जहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
192 शिकायतें आईं, 7 का हुआ ऑन-द-स्पॉट निस्तारण संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 192 शिकायतें और प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इनमें से 7 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष बची शिकायतों को डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपते हुए गुणवत्तापरक और समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित शिकायतें सामने आईं:
भूमि की पैमाइश कराने की मांग।
चक रोड और सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाना।
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वृद्धावस्था एवं अन्य पेंशन योजनाओं का लाभ।
लापरवाही पर होगी कड़ी विभागीय कार्रवाई जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि आम जनता की शिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में जन-समस्याओं का निवारण शामिल है। इसलिए प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार परीक्षण किया जाए। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या अनावश्यक देरी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

महिला अपराध और भूमि विवादों पर विशेष जोर बैठक के दौरान डीएम ने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। ऐसी शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं, अवैध कब्जों और भूमि विवाद से जुड़े मामलों के लिए पुलिस और राजस्व विभाग को मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने कहा कि दोनों विभागों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जाकर स्थलीय जांच की जाए और नियमानुसार विवाद का निपटारा किया जाए।
समाधान दिवस के इस कार्यक्रम में पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
Sabse pehle comment karne wale banein.