नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं और पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए एक विशेष अभियान (Voter List Update) चलाने का फैसला किया है। यह कदम मुख्य रूप से उन राज्यों के लिए उठाया गया है, जहां मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया (Special Intensive Revision) पूरी हो चुकी है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए, आयोग ने यह अहम फैसला लिया है।
हाल ही में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा मसौदा सूचियों से हटाए गए नामों का है, और इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हटाए गए सभी लोग पात्र वोटर थे, जिन्हें गलती से बाहर कर दिया गया था।
Special drive in States/UTs after completion of Special Intensive Revision (SIR)
Commission has instructed to undertake a special drive for enrolment of left-out and first time/young electors.
Read in detail 👇 pic.twitter.com/s80LByssWx— Election Commission of India (@ECISVEEP) October 2, 2026
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घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ (BLO)
आयोग के सख्त निर्देशों के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारी (BLO) चिह्नित किए गए मतदाताओं के घर-घर जाकर (H2H) उनकी मौजूदा स्थिति की पुष्टि (Verification) करेंगे। यदि कोई व्यक्ति वोट देने के योग्य पाया जाता है, तो मौके पर ही उससे 'फॉर्म 6' भरवाकर उसका नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस विशेष अभियान को करीब एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक बीएलओ को एक सप्ताह में कम से कम 20 से 25 मतदाताओं को कवर करने का निर्देश दिया गया है।
बीएलओ घर-घर दौरे के दौरान जो भी नए या पहली बार वाले युवा वोटर मिलेंगे, उनका भी फॉर्म 6 तुरंत भरेंगे और अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।
वोटर लिस्ट से बाहर हुए लोगों की होगी पहचान
चुनाव आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाना एक सतत (निरंतर) प्रक्रिया है। कोई भी व्यक्ति, जिसका नाम अभी तक नहीं जुड़ा है या जिनका नाम गलती से कट गया है, वह कभी भी नामांकन के लिए आवेदन कर सकता है। इस विशेष अभियान के तहत, बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का मिलान प्री-SIR मतदाता सूची से करेंगे। जिन लोगों के नाम पुरानी सूची में थे लेकिन नई सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनकी एक अलग सूची बनाकर उन्हें फिर से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।
राजनीतिक दलों को दी जाएगी सूची
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) के साथ साझा करेंगे। इसके बाद बीएलओ भरे हुए फॉर्म 6 और अपनी फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) को सौंपेंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बूथवार सूची दोबारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
गोवा में वोटर लिस्ट से बाहर रह गए 97 नाम
गोवा में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के दौरान कुछ "तार्किक विसंगतियों" के चलते कई मतदाताओं के नाम सूची से बाहर रह गए थे। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 649 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिनमें से 97 लोग मतदाता सूची में शामिल होने के लिए पूरी तरह पात्र पाए गए थे। इन पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल न होने से मतदाता सूचियों के केंद्रीकरण को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.