मुंबई। Shabana Azmi SIR Protest के दौरान अभिनेत्री शबाना आजमी 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के दौरान मतदाता सूची से जुड़े विवाद और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग था। शबाना आजमी ने प्रदर्शन में पहुंचकर वोट के अधिकार और लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाने की जरूरत पर अपनी बात रखी।
शबाना आजमी ने वोट के अधिकार पर क्या कहा?
प्रदर्शन में शामिल होने से पहले शबाना आजमी ने मतदाता सूची को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि “वोट आपका अधिकार है, वोट आपकी आवाज है” और सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से गायब हो जाए तो उसके लोकतांत्रिक अधिकार का क्या होगा। उन्होंने नागरिकों से अपने वोट के अधिकार को लेकर आवाज उठाने की अपील भी की।
प्रदर्शन के दौरान आजमी ने CJP की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई है। यह मांग CJP की ओर से मतदाता सूची के SIR से जुड़े आरोपों और चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में रखी गई है।
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मुंबई के प्रदर्शन में शबाना आजमी के अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, गायक-संगीतकार विशाल ददलानी और फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज समेत मनोरंजन जगत से जुड़े अन्य लोग भी मौजूद रहे। इस प्रदर्शन का आयोजन CJP ने किया था।
CJP ने प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। संगठन की ओर से SIR पर रोक लगाने और पुराने मतदाता रिकॉर्ड के इस्तेमाल जैसी मांगें भी रखी गई हैं।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
SIR का मतलब Special Intensive Revision of Electoral Rolls है। निर्वाचन आयोग ने 2025 और 2026 में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार आयोग ने 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए SIR से संबंधित आदेश जारी किया था, जिसे चरणों में लागू किया गया।
SIR को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची में बदलाव है। CJP समेत आलोचकों ने दावा किया है कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग के सभी सदस्यों की मंजूरी से लिए गए और पूरी प्रक्रिया निर्धारित कानूनी ढांचे के तहत चल रही है।
शबाना आजमी पहले भी CJP आंदोलन में पहुंची थीं
यह पहली बार नहीं है जब शबाना आजमी CJP से जुड़े प्रदर्शन में दिखाई दी हैं। जुलाई 2026 में वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा और कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं को लेकर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। इसके बाद वह CJP के ‘चालो संसद’ मार्च में भी मौजूद रहीं।
उस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ समर्थन जताया था। जुलाई के विरोध प्रदर्शन और अक्टूबर के मुंबई आंदोलन, दोनों में उनका फोकस नागरिक अधिकारों और सार्वजनिक मुद्दों पर आवाज उठाने से जुड़ा रहा। यह उनके सार्वजनिक रूप से दर्ज बयानों और प्रदर्शन में भागीदारी पर आधारित है।
CEC ज्ञानेश कुमार कौन हैं?
निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। आयोग भारत में लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन के लिए संवैधानिक संस्था है।
इस पूरे विवाद में CJP और अन्य आलोचक निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि आयोग ने SIR से जुड़े अपने फैसलों को नियमों के अनुरूप और सर्वसम्मति से लिया गया बताया है। इसलिए मतदाता सूची और SIR को लेकर चल रही बहस में अलग-अलग पक्षों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
Shabana Azmi SIR Protest अब उस व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है, जिसमें मतदाता सूची, वोट के अधिकार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक तथा राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। फिलहाल शबाना आजमी ने अपने बयानों के जरिए वोट के अधिकार और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के पक्ष में बात रखी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.