उत्तर प्रदेश में मिठाई शौकीनों और आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूरे प्रदेश में लागू किए गए UP Open Sweets Expiry Rule के अंतर्गत 15 अक्टूबर से सभी मिठाई दुकानों पर ट्रे या शीशे के डिस्प्ले काउंटर में रखी खुली मिठाइयों पर 'यूज बाय डेट' (Use By Date) यानी एक्सपायरी की तारीख प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। शासन की ओर से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग को इस संबंध में आधिकारिक पत्र भेजकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद विभाग की ओर से प्रदेश भर के सभी छोटे-बड़े हलवाइयों व दुकानदारों को नोटिस जारी कर इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
बासी मिठाइयों की बिक्री रोकने और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए फैसला
त्योहारों और सामान्य दिनों में दुकानों में रंग-बिरंगी मिठाइयां सजाकर रखी जाती हैं, जो देखने में बिल्कुल फ्रेश लगती हैं। हालांकि, आम ग्राहकों को यह जानकारी नहीं मिल पाती थी कि ये मिठाइयां असल में किस दिन बनाई गई हैं। पैकेटबंद मिठाइयों पर पहले से एक्सपायरी डेट दर्ज होती है, लेकिन खुली मिठाइयों पर ऐसी कोई तारीख अंकित न होने से अनिश्चितता बनी रहती थी।
इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कई दुकानदार दो से तीन दिन पुरानी बासी मिठाइयां ग्राहकों को बेच देते थे। इससे लोगों का पेट खराब होने और फूड पॉइजनिंग का गंभीर खतरा बना रहता था। खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, मिठाई की प्रकृति और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के हिसाब से उसकी लाइफ 1 दिन से लेकर 1 महीने तक होती है। अब ट्रे पर 'यूज बाय डेट' अंकित होने से ग्राहकों को खुद पता चल सकेगा कि रसगुल्ला या अन्य मिठाई आज की बनी है या पुरानी।
रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड दुकानों की स्थिति का उदाहरण
प्रदेश में मिठाई के कारोबार से जुड़ी दुकानों का आंकड़ा काफी विस्तृत है। राज्य के कई हिस्सों में पंजीकृत दुकानों की तुलना में बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाली दुकानें काफी अधिक हैं। उदाहरण के तौर पर कुशीनगर जिले को ही देखें तो वहां खाद्य सुरक्षा विभाग के पास आधिकारिक रूप से केवल 547 रजिस्टर्ड मिठाई की दुकानें दर्ज हैं, जबकि वास्तव में धरातल पर 2,100 से भी अधिक दुकानें संचालित हो रही हैं।
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यदि अकेले कुशीनगर में इतनी बड़ी संख्या है, तो पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसी दुकानों की कुल संख्या का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। नए नियम के क्रियान्वयन से न केवल खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि ऐसी सभी दुकानों पर विभाग का नियंत्रण और निगरानी भी बेहतर हो सकेगी।
नियम न मानने पर लगेगा जुर्माना, दुकानदारों और ग्राहकों की प्रतिक्रिया
सहायक खाद्य आयुक्त प्रदीप राय ने इस नए आदेश पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि 15 अक्टूबर से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखना बाध्यकारी है। जो भी मिठाई विक्रेता या दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभाग द्वारा जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शासन के इस कड़े आदेश का मिठाई विक्रेताओं ने भी समर्थन किया है। दुकानदारों का कहना है कि वे अब उतनी ही मात्रा में मिठाई तैयार करेंगे जितनी प्रतिदिन बिक सके, क्योंकि खराब या बासी मिठाई बेचना सही नहीं है। दूसरी ओर, आम उपभोक्ताओं ने सरकार के इस कदम पर प्रसन्नता व्यक्त की है। अब अगली बार मिठाई खरीदते समय ग्राहक ट्रे पर लगी तारीख जरूर चेक कर सकेंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.