उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। इस व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि Bijnor Paddy Procurement 2026 के तहत धान बेचने वाले प्रत्येक किसान को नियमों के अनुसार 48 घंटे के भीतर बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त रहनी चाहिए।

किसानों की सुविधा और पारदर्शिता पर जिलाधिकारी का जोर कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। जिले के सभी पात्र किसानों को सरकारी योजना का लाभ समय पर मिलना बेहद जरूरी है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि धान खरीद की प्रक्रिया में लापरवाही या किसानों की तरफ से कोई भी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से पालन करने के निर्देश दिए।

जिले में 63 हजार मीट्रिक टन खरीद के लिए 37 केंद्र सक्रिय बैठक के दौरान डिप्टी आरएमओ (डिप्टी रीजनल मार्केटिंग ऑफिसर) श्याम मिश्रा ने धान खरीद की तैयारियों और कार्ययोजना का ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने जानकारी दी कि बिजनौर जिले में धान खरीद का कार्य 12 अक्टूबर 2026 से औपचारिक रूप से प्रारंभ हो चुका है, जो 15 फरवरी 2027 तक निरंतर संचालित रहेगा। शासन द्वारा इस वर्ष बिजनौर जिले को कुल 63,000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य सौंपा गया है।

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इस निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले भर में कुल 37 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के विभाजन की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि खाद्य एवं रसद विभाग (FCS) के 26 केंद्र, प्रांतीय सहकारी संघ (PCF) के 10 केंद्र तथा भारतीय खाद्य निगम (FCI) का 1 क्रय केंद्र शामिल है।

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धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और केंद्रों की समय सारणी डिप्टी आरएमओ ने शासन द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बारे में बताया कि इस वर्ष कॉमन श्रेणी के धान के लिए 2,441 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई है। इसके अलावा ग्रेड-ए श्रेणी के धान का समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए सभी 37 क्रय केंद्र प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित होंगे। बिजनौर जिले के सभी क्रय केंद्रों की जियो-टैगिंग और डिजिटल पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

पोर्टल पंजीकरण, टोल फ्री हेल्पलाइन और फार्मर रजिस्ट्री धान बेचने के इच्छुक किसान खाद्य एवं रसद विभाग के आधिकारिक पोर्टल fcs.up.gov.in तथा मोबाइल एप्लिकेशन 'किसान मित्र ऐप' पर जाकर आसानी से अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। किसानों को पंजीकरण या धान खरीद से जुड़ी किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर 1800-180-0150 भी चालू किया है।

डिप्टी आरएमओ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार पूरी खरीद प्रक्रिया फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से निष्पादित होगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने बताया कि बिजनौर जिले में 95 प्रतिशत से अधिक फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष 5 प्रतिशत कार्य को भी जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।

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