उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में सरकारी राजस्व वृद्धि और जमीन-जायदाद के बैनामों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा बैठक में Bijnor Stamp Registration Revenue Review के तहत जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित कार्ययोजना बनाकर वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाए। इसके साथ ही जमीन-जायदाद की खरीद-बिक्री में होने वाले धोखाधड़ी के मामले, विशेषकर 'डबल रजिस्ट्री' (एक ही संपत्ति का दोबारा बैनामा) जैसे गंभीर प्रकरणों पर सख्त और प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।

डबल रजिस्ट्री पर रोक और अभिलेखों की गहन जांच के निर्देश कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उप निबंधक और संबंधित विभागीय अधिकारी किसी भी बैनामे या विलेख के पंजीकरण से पूर्व भूमि व संपत्ति से जुड़े पुराने अभिलेखों का उचित सत्यापन और मिलान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि बैनामा प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की कानूनी उलझन, वित्तीय नुकसान या धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि फर्जीवाड़े या शिथिलता की शिकायत मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50,050 लाख रुपये का राजस्व लक्ष्य बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने जिलाधिकारी को स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की चालू वित्तीय वर्ष की कार्यप्रगति और राजस्व आंकड़ों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिजनौर जनपद में 1 सितंबर 2026 से नई मूल्यांकन दर सूची (सर्किल रेट) प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है।

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वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजनौर जिले के स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को 50,050 लाख रुपये (500.50 करोड़ रुपये) का कुल वार्षिक राजस्व लक्ष्य प्रदान किया गया है। यह लक्ष्य पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 17.77 प्रतिशत अधिक है, जिसे प्राप्त करने के लिए विभागीय स्तर पर रणनीति बनाई गई है।

सितंबर 2026 तक 93.72% लक्ष्य हासिल, राजस्व में 8.79% की वृद्धि बैठक में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष में सितंबर 2026 तक के लिए 25,540 लाख रुपये का क्रमिक राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष विभाग ने 23,937.20 लाख रुपये का राजस्व एकत्र कर लिया है। इस प्रकार बिजनौर जिले ने निर्धारित क्रमिक लक्ष्य के सापेक्ष 93.72 प्रतिशत की उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।

गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में देखा जाए तो इस बार राजस्व प्राप्ति में 1,933.50 लाख रुपये की सीधी बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले 8.79 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि को दर्शाती है।

दिव्यांगजनों को स्टांप छूट और बकाए की तेजी से वसूली के आदेश समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों तथा अन्य पात्र लाभार्थियों को शासन के प्रावधानों के तहत प्रदान की जाने वाली स्टांप शुल्क छूट की स्थिति का भी विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन के नियमों के अनुसार सभी पात्र व्यक्तियों को छूट का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने उप निबंधक कार्यालयवार राजस्व लक्ष्य, स्टांप वादों के निस्तारण की प्रगति और विभिन्न विभागों के कर व करेत्तर देयकों की वसूली की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी उप निबंधकों को लंबित मामलों का निस्तारण नियमानुसार शीघ्र करने और बकाए राजस्व की वसूली में तेजी लाने का कड़ा आदेश दिया।

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