भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान और कानूनी लड़ाई के बीच एक बड़ा ऐलान किया है। चुनाव आयोग ने ECI Orders SSR पहल के अंतर्गत देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के 'स्पेशल समरी रिवीजन' (SSR) कराने का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। 15 अक्टूबर 2026 को आयोग द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि (Qualifying Date) के आधार पर वोटर लिस्ट को अपडेट करना, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को शामिल करना तथा मृत व डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम हटाना है।

12 नवंबर को जारी होगा ड्राफ्ट, 4 जनवरी को आएगी अंतिम वोटर लिस्ट

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विस्तृत समय-सारणी के अनुसार, 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का ड्राफ्ट 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद सभी नागरिक और राजनीतिक दल 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

प्राप्त सभी दावों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण करने के पश्चात 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) का प्रकाशन किया जाएगा। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां के लिए एक अलग समय-सारणी लागू होगी।

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इन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित होगा SSR

चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक, यह स्पेशल समरी रिवीजन अभियान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुदुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जाएगा।

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इन सभी क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य करेंगे। नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 तथा संशोधन या निवास स्थान परिवर्तन के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

SIR पर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी, CJI ने बैठक से किया इनकार

चुनाव आयोग का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के 9 अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर SIR एक्सरसाइज को चुनौती दी है।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विपक्षी नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात कर अपनी चिंताएं व्यक्त करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का अनुरोध किया था। हालांकि, CJI सूर्यकांत ने इस अनुरोध को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामला अदालत में विचाराधीन (Sub-Judice) है, इसलिए नेता उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करें।

पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने की प्रशासनिक कवायद

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आगामी चुनावों से पूर्व मतदाता सूचियों को पूरी तरह सटीक और त्रुटिरहित बनाए रखने के लिए यह रिवीजन आवश्यक है। जो युवा 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे 'वोटर हेल्पलाइन ऐप' या आयोग के आधिकारिक वेब पोर्टल के जरिए अपना नाम जुड़वा सकते हैं। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करें ताकि पारदर्शी मतदाता सूची तैयार हो सके।

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