भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर रोशनी, आस्था और संस्कृति के अद्भुत संगम की गवाह बनी। भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास से लौटकर आने की स्मृति में आयोजित Ayodhya Deepotsav ने इस बार एक नया इतिहास रच दिया है। दसवें दीपोत्सव को भव्य और अलौकिक बनाने के लिए पूरी अयोध्या नगरी को पारंपरिक दीपों के साथ-साथ आधुनिक रोशनी से सजाया गया। शनिवार शाम सरयू नदी के तट पर स्थित 56 घाटों पर एक साथ 30 लाख दीये जलाए गए। दीपों की इस भव्य शृंखला ने राम की पैड़ी को स्वर्णिम रोशनी से नहला दिया, जिसके जरिए एक नया विश्व रिकॉर्ड (World Record) स्थापित किया गया है।वहीं,  दीपोत्सव के मौके पर अयोध्या में भव्य लेजर शो का अयोजन किया गया. लेजर शो के दौरान रंग-बिरंगी रोशनी देख लोग मंत्र मुग्ध हो गए. लेजर शो ने माहौल को अलग ही रंग में रंग दिया.

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस 10वें दीपोत्सव में पारंपरिक छटा के साथ आधुनिक तकनीक का भी शानदार इस्तेमाल देखने को मिला। राम की पैड़ी पर जहां दीपों की कतारें सजी थीं, वहीं एक बेहद शानदार लेजर शो (Laser Show) का भी आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी लेजर रोशनी और सरयू के जल में उभरते डिजिटल चित्रों ने वहां मौजूद लाखों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लेजर शो ने अयोध्या के आध्यात्मिक माहौल में एक नया और आधुनिक रंग भर दिया।

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दसवें दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए पूरी अयोध्या को पारंपरिक दीपों के साथ आधुनिक रोशनी से सजाया गया है. राम की पैड़ी पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए हैं. जबकि धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभों के जरिए रामायण के प्रसंग दिखाए जा रहे हैं.

धर्मपथ पर सजे डिजिटल स्तंभ और लाइट शो रोशनी का यह उत्सव केवल घाटों तक ही सीमित नहीं था। अयोध्या को प्रवेश द्वार से ही भव्य रूप दिया गया। नेशनल हाईवे से लेकर मुख्य अयोध्या शहर तक के प्रवेश मार्ग को विशेष रूप से सजाया गया। धर्मपथ के दोनों किनारों पर 12-12 फीट ऊंचे 50 डिजिटल लाइट स्तंभ (Digital Pillars) लगाए गए थे। इन स्तंभों के जरिए रामायण के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों को डिजिटल लाइट शो के माध्यम से श्रद्धालुओं के सामने सजीव किया गया।

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अयोध्या दीपोत्सव के मौके पर सरयू तट के पास राम की पैड़ी पर दीयों को जलाए गए. इस दौरान पूरी अयोध्या दीपों की रोशनी से जगमग हो गई. दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग 30 लाख दीयों को जलाया.

21 झांकियों ने जीवंत किए रामायण के प्रसंग दीपोत्सव के शुभ अवसर पर अयोध्या में एक भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। यह शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से शुरू होकर राम कथा पार्क में जाकर संपन्न हुई। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण इसमें शामिल 21 भव्य झांकियां रहीं। इन झांकियों के माध्यम से रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों, भगवान श्रीराम के जीवन और उनके उच्च आदर्शों को बेहद खूबसूरती के साथ दर्शाया गया। शोभायात्रा के मार्ग पर जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने लोगों का मन मोह लिया।

दीपोत्सव को लेकर पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह है. अयोध्या के होटल पूरी तरह बुक हो चुके हैं. मुंबई, गुजरात और बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों से लोग इस भव्य आयोजन को देखने के लिए रामनगरी पहुंचे हैं.

दूसरे राज्यों से उमड़ी पर्यटकों की भीड़Ayodhya Deepotsav का गवाह बनने और रामलला के दर्शन करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या पहुंचे हैं। मुंबई, गुजरात और बिहार समेत कई राज्यों से आए लोगों ने अपने हाथों से घाटों पर दीये जलाए और इस ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड का हिस्सा बने। पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और अयोध्या के सभी छोटे-बड़े होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं पूरी तरह से बुक हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

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