लखनऊ (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश को 'उत्तम प्रदेश' और देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रदेश में निवेश बढ़ाने और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पंप खोलने की प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब यूपी में पेट्रोल पंप का मालिक बनना पहले की तरह टेढ़ी खीर नहीं होगा। लालफीताशाही की बेड़ियों को तोड़ते हुए सरकार ने अनापत्ति प्रमाण पत्रों (NOC) की जटिल जाल को सुलझा दिया है।READ ALSO:-रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर: ट्रेन रवाना होने से 10 घंटे पहले तैयार होगा पहला चार्ट, रेलवे ने नियमों में किया बदलाव
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खाद्य एवं रसद विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जिससे हजारों नए उद्यमियों और बेरोजगार युवाओं के चेहरे खिल उठे हैं।
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बड़ा बदलाव: 10 विभागों का चक्कर अब बीते कल की बात अब तक पेट्रोल पंप का लाइसेंस प्राप्त करना किसी जंग जीतने से कम नहीं था। आवेदकों को फाइल लेकर एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे। पुरानी व्यवस्था के तहत आवेदक को कुल 10 अलग-अलग विभागों से एनओसी (NOC) लेनी पड़ती थी। इसमें राजस्व, पीडब्ल्यूडी, पुलिस, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे विभाग शामिल थे। अक्सर एक विभाग की एनओसी मिलने तक दूसरे की मियाद खत्म होने लगती थी या फाइलें बाबूओं की मेज पर धूल फांकती रहती थीं।
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लेकिन अब योगी सरकार ने इस 'मकड़जाल' को काट दिया है। नए शासनादेश के मुताबिक, अब 10 की जगह सिर्फ 4 विभागों से ही एनओसी लेनी होगी। बाकी विभागों की एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त कर उसे 'स्व-घोषणा' (Self-Declaration) में बदल दिया गया है।
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किन 4 विभागों की एनओसी अब भी जरूरी? सरकार ने सुरक्षा और मानकों को ध्यान में रखते हुए केवल अति-आवश्यक विभागों की एनओसी को अनिवार्य रखा है। ये चार विभाग हैं:
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    राजस्व विभाग (Revenue Department): जमीन के मालिकाना हक और लैंड यूज़ की जांच के लिए।
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    विद्युत विभाग (Electricity Department): बिजली कनेक्शन और लाइन शिफ्टिंग आदि के लिए।
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    लोक निर्माण विभाग (PWD): सड़क से कनेक्टिविटी और एप्रोच रोड के मानकों के लिए।
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    विकास प्राधिकरण/आवास विकास/औद्योगिक विकास प्राधिकरण: जिस क्षेत्र में पंप खुल रहा है, वहां के स्थानीय निकाय की मंजूरी।
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इन विभागों से मिली मुक्ति (अब सेल्फ डिक्लेरेशन से चलेगा काम) सबसे बड़ी राहत यह है कि अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, पुलिस, जिला पंचायत, एनएसएआई (NSAI) और विद्युत सुरक्षा जैसे विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। आवेदक को एक शपथ पत्र (Self-Declaration) देना होगा कि वह इन विभागों के सभी नियमों और मानकों का पालन करेगा। यह भरोसे पर आधारित व्यवस्था (Trust-Based System) है, जो व्यापारी वर्ग को सम्मान देने की सरकार की मंशा को दर्शाती है।
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डिजिटल होगा पूरा प्रोसेस, भ्रष्टाचार पर लगेगा लगाम भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है।
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    डिजिटल हस्ताक्षर: जिला मजिस्ट्रेट (DM) द्वारा जारी की जाने वाली एनओसी अब डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होगी।
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    ऑनलाइन डाउनलोड: आवेदक को डीएम ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। लाइसेंस जारी होते ही वह अपने यूजर लॉग-इन आईडी से इसे सीधे डाउनलोड कर सकेगा।
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    रियल टाइम ट्रैकिंग: आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को पोर्टल पर ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। किस अधिकारी के पास फाइल पेंडिंग है, यह सब पारदर्शी होगा।
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क्या होगा इसका असर? विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से यूपी में पेट्रोल पंप नेटवर्क का तेजी से विस्तार होगा।
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    समय की बचत: पहले लाइसेंस प्रक्रिया में 6 महीने से लेकर साल भर तक का समय लग जाता था, जो अब घटकर कुछ हफ्तों में सिमट जाएगा।
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    निवेश को बढ़ावा: प्रक्रिया सरल होने से नए निवेशक आकर्षित होंगे, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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    उत्पीड़न से राहत: विभागों की संख्या कम होने से आवेदकों का मानसिक और आर्थिक शोषण बंद होगा।
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अधिकारियों का बयान शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमारा उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधा देना है। सेल्फ डिक्लेरेशन का मतलब है कि हम अपने नागरिकों पर भरोसा करते हैं। यदि कोई भविष्य में नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर कार्रवाई होगी, लेकिन लाइसेंस लेने के चरण में उसे रोका नहीं जाएगा।"
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उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय निश्चित रूप से स्वागत योग्य है। यह न केवल प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सरकार निवेश और रोजगार को लेकर कितनी गंभीर है। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी इस फैसले की सराहना की है।
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नोट: अगर आप भी पेट्रोल पंप खोलने की योजना बना रहे हैं, तो खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नए नियमों की विस्तृत जानकारी जरूर लें।
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