उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शाहपुर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त (स्मगलिंग) करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने 32 बोर की 6 अवैध पिस्तौल, 315 बोर के 3 देशी तमंचे, एक अवैध मस्कट और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों की इतनी बड़ी खेप यह दर्शाती है कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

सोरम गांव के पास की गई घेराबंदी और गिरफ्तारी

गुरुवार दोपहर को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी देहात महादिक अक्षय संजय ने इस सफल ऑपरेशन का विस्तृत खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शाहपुर थाना पुलिस को मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग क्षेत्र में अवैध असलाहों की बड़ी खेप सप्लाई करने के लिए आने वाले हैं।

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सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत ग्राम सोरम के गेट नंबर-2 के पास स्थित यात्री प्रतीक्षालय के आसपास घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए चारों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए सभी आरोपी पड़ोसी जिले मेरठ के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान आकाश उर्फ शुगुन, सनी, निखिल उर्फ निकी और शुभम के रूप में हुई है।

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भारी मात्रा में अवैध असलहे और कारतूस बरामद

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली, तो उनके पास से एक पिट्ठू बैग और अन्य जगहों से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, बरामदगी में निम्नलिखित सामान शामिल है:

  • 32 बोर की अवैध पिस्तौल: कुल 6 आधुनिक पिस्तौल

  • 315 बोर के देशी तमंचे: कुल 3 तमंचे

  • अवैध मस्कट: 1 मस्कट

  • जिंदा कारतूस: 5 कारतूस

इतनी भारी संख्या में हथियार मिलने के बाद पुलिस यह मानकर चल रही है कि ये आरोपी किसी बड़े आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हथियारों की सप्लाई करते थे।

डिमांड के आधार पर ऊंचे दामों पर बेचते थे हथियार

प्राथमिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वे अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का धंधा करते थे। आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों से कम कीमत पर हथियार खरीदते थे और फिर अपराधियों या डिमांड करने वाले लोगों को ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाते थे।

पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि ये लोग उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों में किन-किन लोगों को हथियार सप्लाई करते थे और इस अवैध नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं। इसके साथ ही हथियारों के इस स्रोत (Manufacturing Source) का भी पता लगाया जा रहा है।

पुराना आपराधिक इतिहास आया सामने

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी देहात महादिक अक्षय संजय ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ पहले से भी कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। शाहपुर पुलिस ने सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद चारों आरोपियों को सुसंगत धाराओं में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

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