उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से ठगी और अंधविश्वास का फायदा उठाने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाने वाले शातिर अपराधियों के खिलाफ बिजनौर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के जरिए गंभीर बीमारियों को ठीक करने का झूठा झांसा देकर भोली-भाली महिलाओं के कीमती आभूषण ठगने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों ने शेरकोट और धामपुर क्षेत्रों में वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने करवा चौथ जैसे बड़े त्योहार पर महिलाओं को लूटने की इनकी एक बहुत बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।
शेरकोट की घटना: कैसे दिया गया ठगी को अंजाम?
इस पूरे मामले की शुरुआत बिजनौर जिले के शेरकोट थाना क्षेत्र से हुई। बीते 13 अक्टूबर को शेरकोट में स्टेट बैंक के सामने वाली गली में एक वृद्ध और बीमार महिला को इन शातिर ठगों ने अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने खुद को सिद्ध पुरुष के रूप में पेश किया और वृद्धा को विश्वास दिलाया कि वे अपनी विशेष झाड़-फूंक के जरिए उसकी बीमारी को जड़ से खत्म कर देंगे।
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थाना शेरकोट पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 204/2026 धारा 318(4),317(2) बीएनएस में टप्पेबाजी की घटना करने वाले संबंधित वांछित अभियुक्त को पीली धातु के आभूषण सहित गिरफ्तार किया गया । #UPPolice pic.twitter.com/rBQbmlFpgC— BIJNOR POLICE (@bijnorpolice) October 29, 2026
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बीमारी से जल्द छुटकारा पाने की चाह में महिला उनकी बातों में आ गई। ठगों ने बड़ी ही चालाकी से महिला के हाथ में एक 'सफेद कागज' थमा दिया और चमत्कार का झांसा देकर ध्यान भटकाते हुए महिला के गले से 'सात सोने की टिकलियों वाला हार' उतरवा लिया। जब तक महिला को ठगी का अहसास हुआ, आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।
28 अक्टूबर को दर्ज हुआ मुकदमा, 29 को गिरफ्तारी
घटना के बाद पीड़िता की तहरीर पर शेरकोट पुलिस ने 28 अक्टूबर को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 29 अक्टूबर को दो संदिग्धों को धर दबोचा। कड़ी पूछताछ के बाद इन दोनों की पहचान अमरोहा जिले के निवासी दिलशाद उर्फ भैय्या और दानिश उर्फ चेयरमैन के रूप में हुई।
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थाना शेरकोट पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 204/2026 धारा 318(4),317(2) बीएनएस में टप्पेबाजी की घटना करने वाले संबंधित वांछित अभियुक्त को पीली धातु के आभूषण सहित गिरफ्तार किया गया । इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर की बाइट ।#UPPolice pic.twitter.com/oJyob1AaTn🏪 आपके शहर के ऑफर
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धामपुर की पुरानी वारदात का भी हुआ भंडाफोड़
पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने न केवल शेरकोट की वारदात को कुबूल किया, बल्कि एक और पुरानी घटना का भी खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने इससे पहले 22 अगस्त को बिजनौर के धामपुर इलाके में भी एक महिला को अपना शिकार बनाया था। धामपुर में भी इन्होंने झाड़-फूंक का डर दिखाकर महिला से दो पीली धातु (सोने) के कुंडल ठग लिए थे।
पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर शेरकोट में ठगा गया सोने का हार और धामपुर में ठगे गए दो कुंडल सफलतापूर्वक बरामद कर लिए हैं।
करवा चौथ पर थी बड़ी वारदात की साजिश
गिरफ्तार किए गए दिलशाद और दानिश ने बताया कि वे करवा चौथ के त्योहार का इंतजार कर रहे थे। उनका अगला निशाना करवा चौथ के अवसर पर आभूषण पहनकर बाजार आने वाली महिलाएं थीं। वे भीड़भाड़ वाले बाजारों में महिलाओं को निशाना बनाने की फिराक में थे। पूछताछ में उन्होंने यह भी कुबूल किया कि ठगे गए सोने के आभूषणों को वे उत्तराखंड के काशीपुर शहर में बेचकर भारी मुनाफा कमाने की योजना बना रहे थे।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का बयान
इस पूरे प्रकरण पर बिजनौर के एसपी (Superintendent of Police) कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि शेरकोट और धामपुर क्षेत्रों में महिलाओं के साथ झाड़-फूंक का बहाना बनाकर ठगी करने वाले दो अपराधियों, दिलशाद और दानिश को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से महिलाओं से ठगे गए शत-प्रतिशत आभूषण बरामद कर लिए गए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमों में संबंधित धाराएं बढ़ाई गई हैं।
बिजनौर में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आम जनता और महिलाओं को यह संदेश भी दिया गया है कि वे त्योहारों के दौरान ऐसे शातिर ठगों से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति की झाड़-फूंक वाली बातों पर विश्वास न करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.