Dhampur News: समाज में फैल रही गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर (Dhampur) स्थित शिखर शिशु सदन सीनियर सेकेंडरी स्कूल (Shikhar Shishu Sadan Senior Secondary School) में क्षय रोग यानी टीबी (Tuberculosis) के प्रति अवेयरनेस बढ़ाने के लिए एक विशेष जागरूकता गोष्ठी (Awareness Camp) का आयोजन किया गया।

​इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे टीबी रोग विशेषज्ञ (TB Specialist) डॉक्टर विकास डाबर (Dr. Vikas Dabar) ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं और स्टाफ को टीबी जैसी गंभीर बीमारी से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि इस बीमारी की शुरुआती पहचान, रोकथाम और इसका सही उपचार कैसे किया जाता है।

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​टीबी एक संक्रामक बीमारी, फेफड़ों पर करती है सीधा असर

शिखर शिशु सदन के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. विकास डाबर ने स्पष्ट किया कि टीबी (TB) कोई अनुवांशिक बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर संक्रामक बीमारी (Infectious Disease) है, जो मुख्य रूप से इंसान के फेफड़ों (Lungs) को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। खांसने और छींकने से इसके कीटाणु हवा में फैलते हैं, इसलिए सही समय पर इसके लक्षणों को पहचानना और बचाव के तरीके अपनाना बेहद जरूरी है।

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​डॉ. रॉबर्ट कॉख ने 1882 में की थी टीबी के जीवाणु की खोज

अपने संबोधन में टीबी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए डॉ. डाबर ने बच्चों की सामान्य जानकारी (General Knowledge) भी बढ़ाई। उन्होंने बताया:

  • ​टीबी के जीवाणु (Bacteria) की खोज दुनिया के महान वैज्ञानिक डॉ. रॉबर्ट कॉख (Dr. Robert Koch) ने वर्ष 1882 में की थी।
  • ​इसी ऐतिहासिक खोज की याद में और आम नागरिकों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए पूरी दुनिया में हर साल 24 मार्च को 'विश्व टीबी रोग दिवस' (World TB Day) मनाया जाता है।

​'टीबी मुक्त भारत' के लिए सरकार चला रही मुफ्त अभियान

स्वास्थ्य विभाग और सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए डॉ. विकास डाबर ने बताया कि भारत सरकार ने देश को पूरी तरह से 'टीबी मुक्त' (TB Mukt Bharat) करने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग (Health Department), अनेक गैर-सरकारी संगठन (NGOs), और स्कूल-कॉलेजों को एक अहम केंद्र बनाया जा रहा है। सरकार द्वारा देश भर में टीबी रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए मुफ्त जांच (Free Checkup) और मुफ्त दवाइयों (Free Treatment) की योजनाएं बड़े स्तर पर चलाई जा रही हैं।

​प्रधानाचार्य ने दिया संदेश: समाज में फैले जागरूकता का उजाला

इस अवेयरनेस कैंप को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंधन का अहम योगदान रहा। गोष्ठी के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्य (Principal) ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर टीबी जैसे रोगों के प्रति समझ विकसित करना है। आज के ये जागरूक बच्चे कल समाज में जाकर अपने परिवार और आसपास के लोगों को इस बीमारी के उपचार और बचाव का सही संदेश देंगे, जिससे समाज में स्वास्थ्य के प्रति एक सकारात्मक बदलाव आएगा।

​डिस्क्लेमर (Disclaimer):

यह समाचार धामपुर में आयोजित स्कूल के कार्यक्रम की प्रेस विज्ञप्ति और स्थानीय रिपोर्टर द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए हमेशा पंजीकृत चिकित्सक (Registered Medical Practitioner) से ही संपर्क करें।

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