दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। दी गई जानकारी के मुताबिक, दूध की कीमत ₹8 प्रति लीटर बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। नई दरें 1 नवंबर 2026 से पूरे राज्य में लागू होने की बात कही गई है। इस बढ़ोतरी के बाद बेसिक टोंड दूध की कीमत ₹46 से बढ़कर ₹54 प्रति लीटर हो जाएगी।

दूध की कीमतों में इस बदलाव का असर कर्नाटक में रोजाना दूध खरीदने वाले परिवारों के बजट पर पड़ सकता है। दूध का इस्तेमाल घरों में चाय, नाश्ते और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए नियमित रूप से होता है। ऐसे में कीमत बढ़ने से उपभोक्ताओं के मासिक खर्च में भी इजाफा हो सकता है।

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दूध की कीमत ₹46 से बढ़कर ₹54 प्रति लीटर

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बेसिक टोंड दूध की मौजूदा कीमत ₹46 प्रति लीटर बताई गई है। प्रस्तावित नई दर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को एक लीटर दूध के लिए ₹54 चुकाने होंगे। इस तरह एक लीटर पर ₹8 की बढ़ोतरी होगी।

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यदि कोई परिवार रोजाना एक लीटर दूध खरीदता है, तो 30 दिनों में उसका अतिरिक्त खर्च ₹240 होगा। वहीं, रोजाना दो लीटर दूध खरीदने वाले परिवार को महीने में करीब ₹480 अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं। यह गणना बताई गई कीमतों और खपत के आधार पर है।

बढ़ती लागत को बताया गया वजह

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे पशु चारे की लागत, परिवहन खर्च और पैकेजिंग की बढ़ती कीमतों को वजह बताया गया है। सूखे के कारण चारे की उपलब्धता प्रभावित होने से डेयरी क्षेत्र की लागत पर भी दबाव पड़ सकता है।

डेयरी कारोबार में पशुओं के लिए चारा, पशुपालन, दूध का संग्रह, प्रसंस्करण और वितरण महत्वपूर्ण खर्च हैं। इन मदों में लागत बढ़ने पर दूध उत्पादकों और सहकारी डेयरी संस्थाओं की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी के आधिकारिक कारणों और उनकी विस्तृत जानकारी की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से करना जरूरी है।

1 नवंबर से लागू होने की जानकारी

दी गई सूचना के अनुसार, नई कीमतें 1 नवंबर 2026 से कर्नाटक में लागू होंगी। इससे पहले उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों पर दूध मिल रहा था। नई दर लागू होने के बाद दूध खरीदने वाले ग्राहकों को बढ़ी हुई कीमत चुकानी पड़ेगी।

नंदिनी कर्नाटक में सहकारी डेयरी ब्रांड के रूप में जाना जाता है। इसकी कीमतों में बदलाव का असर राज्य के बड़ी संख्या में दूध उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

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