देश की सर्वोच्च अदालत ने बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार दिवंगत राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में गुरुवार को अपना अहम फैसला सुनाया है। Supreme Court News के अनुसार, कोर्ट ने पूर्व अभिनेत्री और लेखिका अनीता आडवाणी की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को 'शादी' (Marriage) के रूप में कानूनी मान्यता और सम्मान (Dignity) दिए जाने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- "यह विलासितापूर्ण मुकदमा है"

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने अनीता आडवाणी की याचिका को नामंजूर करते हुए सख्त टिप्पणी की। बेंच ने कहा कि इस याचिका पर विचार करने का कोई कानूनी आधार ही नहीं बनता है। कोर्ट ने इसे स्पष्ट शब्दों में "विलासितापूर्ण मुकदमा" (Luxury Litigation) करार दिया।

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सुनवाई के दौरान आडवाणी की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा था, "मेरे दीवानी मुकदमे (Civil Suit) में मेरी मांग सम्मान की घोषणा के लिए है, जो सम्मान की भावना पर आधारित है।" लेकिन कोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही अनीता आडवाणी की वह लंबी कानूनी जंग खत्म हो गई है, जिसके जरिए वह खन्ना के साथ अपने रिश्ते को सामाजिक और कानूनी मान्यता दिलाने की कोशिश कर रही थीं।

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हाईकोर्ट और सेशंस कोर्ट से भी मिल चुकी थी निराशा

अनीता आडवाणी ने सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाई कोर्ट के 1 अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

इससे पहले, मुंबई की डिंडोशी सेशंस कोर्ट ने भी 2017 में उनके इसी दीवानी मुकदमे को खारिज कर दिया था। सेशंस कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए ही वह बॉम्बे हाई कोर्ट गई थीं। ज्ञात हो कि जुलाई 2012 में 69 वर्ष की आयु में राजेश खन्ना के निधन के बाद से ही आडवाणी इसी तरह की कानूनी राहत की मांग कर रही थीं।

लिव-इन का दावा और 'आशीर्वाद' बंगले से निकाले जाने का आरोप

अनीता आडवाणी शुरू से यह दावा करती रही हैं कि वह राजेश खन्ना के जीवन के अंतिम वर्षों में उनके साथ 'लिव-इन रिलेशनशिप' (Live-in Relationship) में रही थीं और उनका ख्याल रखती थीं। उनका आरोप है कि 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने उन्हें बांद्रा स्थित खन्ना के प्रसिद्ध बंगले 'आशीर्वाद' से बाहर निकाल दिया था।

इसके बाद, साल 2013 में आडवाणी ने 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005' (Domestic Violence Act) के तहत डिंपल कपाड़िया, उनकी बेटियों और अक्षय कुमार के खिलाफ मजिस्ट्रेट के सामने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने खन्ना परिवार से मासिक गुजारा भत्ता और बांद्रा में एक 3-बीएचके (3 BHK) फ्लैट की मांग की थी।

2015 में हाईकोर्ट ने रद्द की थी घरेलू हिंसा की शिकायत

साल 2015 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कपाड़िया परिवार द्वारा दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए आडवाणी की घरेलू हिंसा की शिकायत को रद्द कर दिया था।

तब हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि राजेश खन्ना के साथ आडवाणी का रिश्ता 'शादी की प्रकृति (Nature of Marriage)' का नहीं था, इसलिए वे घरेलू हिंसा कानून के तहत राहत की मांग नहीं कर सकतीं। कोर्ट ने यह भी कहा था कि खन्ना के परिवार (डिंपल, अक्षय आदि) को इस कानूनी कार्यवाही में बेवजह नहीं घसीटा जा सकता क्योंकि आडवाणी कभी उनके साथ एक छत के नीचे नहीं रहीं।

कौन हैं अनीता आडवाणी?

वर्तमान में अपने जीवन के 60 के दशक (60s) में चल रहीं अनीता आडवाणी ने 1978 में आई धर्मेंद्र और जीनत अमान की फिल्म "शालीमार" में एक डांसर के रूप में छोटी सी भूमिका से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'साजिश' और 'दासी' जैसी फिल्मों में भी काम किया। साल 2013 में वे सलमान खान के मशहूर रियलिटी शो "बिग बॉस" का हिस्सा भी बनी थीं, लेकिन जल्द ही एलिमिनेट हो गई थीं।

दो साल पहले आडवाणी ने राजेश खन्ना की जयंती पर अपना संस्मरण "द एंडियरिंगली विकेड वेज ऑफ राजेश खन्ना" (The Endearingly Wicked Ways of Rajesh Khanna) जारी किया था। इस किताब में उन्होंने दिवंगत अभिनेता के साथ अपनी निजी यादों और रिश्ते के किस्सों को साझा किया है।

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