देश के चार प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की कुल 28 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों पर आयोजित चुनाव के नतीजे और मतगणना के ताजा रुझान सामने आ गए हैं। इस MLC Election Results में कई राज्यों के भीतर अप्रत्याशित फेरबदल देखने को मिले हैं। एक ओर जहां कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के गठबंधन ने सभी चारों सीटों पर कब्जा जमाकर क्लीन sweep किया है, वहीं दूसरी तरफ बिहार की प्रतिष्ठित पटना शिक्षक सीट पर भारतीय जनता पार्टी को तीन दशक बाद हार का सामना करना पड़ा है। उत्तर प्रदेश की 11 में से 5 सीटों पर भाजपा अपनी जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि वाराणसी और आगरा शिक्षक सीटों पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने सफलता हासिल की है।

कर्नाटक में कांग्रेस का सूपड़ा साफ, एनडीए गठबंधन ने जीतीं सभी 4 सीटें

दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को विधान परिषद चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। राज्य की चार सीटों पर हुए इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन भाजपा-जेडीएस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की और कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया। जेडीएस उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने बीजेपी के समर्थन से चुनाव लड़ते हुए बेंगलुरु शिक्षक सीट पर बड़ा उलटफेर किया। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को 908 मतों के अंतर से पराजित किया। चुनाव में रंगनाथ को कुल 10,810 वोट प्राप्त हुए, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 मतों से ही संतोष करना पड़ा।

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इसी क्रम में उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर भाजपा के निवर्तमान एमएलसी शशिल जी. नामोशी ने कांग्रेस प्रत्याशी शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों से हरा दिया। नामोशी को कुल 15,596 वोट मिले, जबकि शरणप्पा मत्तूर को 12,299 मत हासिल हुए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नामोशी ने इस सीट पर लगातार पांचवीं बार विजय पताका फहराई है। इस तरह कर्नाटक की चार सीटों पर कांग्रेस को खाली हाथ रहना पड़ा।

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बिहार में 30 साल बाद पटना सीट पर बीजेपी की हार, 4 मौजूदा एमएलसी हारे

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों में से 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के आधिकारिक नतीजे घोषित हो चुके हैं। इन नतीजों में कुल 4 मौजूदा (सिटिंग) एमएलसी चुनाव हार गए हैं। राज्य की राजनीति में सबसे बड़ा फेरबदल पटना शिक्षक सीट पर हुआ, जहां पिछले 30 वर्षों से बना हुआ भाजपा का वर्चस्व खत्म हो गया। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के पांच बार के एमएलसी नवल किशोर यादव को 1,057 वोटों के अंतर से पराजित कर दिया।

इसके अलावा तिरहुत शिक्षक सीट से भाजपा के नरेंद्र सिंह ने 600 वोटों के बेहद कड़े मुकाबले में जीत हासिल की। वहीं सारण शिक्षक सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां भाजपा के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने 1,815 वोटों से जीत हासिल की। इसके साथ ही दरभंगा शिक्षक सीट पर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने जीत का परचम लहराया। उधर, तिरहुत स्नातक सीट पर मतगणना के दौरान वंशीधर लगातार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से आगे चल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में 5 सीटों पर बीजेपी का कब्जा, सपा ने वाराणसी व आगरा में दर्ज की जीत

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हो रही मतगणना के बीच अब तक भारतीय जनता पार्टी ने 5 सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है। हालांकि, वाराणसी शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के खाते में जीत गई है। वहीं आगरा शिक्षक सीट पर सपा के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भाजपा उम्मीदवार हरि किशोर तिवारी को पराजित कर दिया।

दूसरी ओर, गोरखपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां ध्रुव त्रिपाठी की शुरुआती बढ़त लगातार कम होती दिखाई दे रही है। इसके अलावा आगरा स्नातक सीट से भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह और झांसी स्नातक सीट से सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने अपनी-अपनी जीत का दावा प्रस्तुत किया है, हालांकि इन दोनों सीटों पर चुनाव आयोग की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

महाराष्ट्र में 5 सीटों की मतगणना जारी, महायुति 3 सीटों पर आगे

महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर मतगणना की प्रक्रिया जारी है। अब तक प्राप्त रुझानों के मुताबिक सत्तारूढ़ 'महायुति' गठबंधन 3 सीटों पर अपनी बढ़त बनाए हुए है, जबकि विपक्षी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) 2 सीटों पर आगे चल रही है। इन सभी सीटों पर मतों की गिनती का काम चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

नतीजों पर राजनीतिक घमासान, बीजेपी ने मतपत्रों से मिली जीत का दिया हवाला

विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ये परिणाम साफ दर्शाते हैं कि कांग्रेस पार्टी को आम जनता का समर्थन प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि यह ध्यान देने योग्य है कि ये चुनाव ईवीएम (EVM) के स्थान पर मतपत्रों (बैलेट पेपर) और बैलेट बॉक्स के जरिए संपन्न कराए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने के बाद कांग्रेस पार्टी वोट चोरी के बेबुनियाद आरोप लगाकर अपने निराशाजनक प्रदर्शन से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

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