उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया है। रोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत चिंदौड़ी-सतवाई मार्ग पर बच्चों को स्कूल ले जा रही स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब छह फीट गहरे खेत में जा गिरी। दुर्घटना के समय बस में लगभग 18 से 20 बच्चे सवार थे, जिनमें से 15 छात्र घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और परिजनों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और बच्चों को बस से बाहर निकाला। इस मामले में Meerut School Bus Accident को लेकर परिजनों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत छानबीन शुरू कर दी है।
शीशे तोड़कर ग्रामीणों ने बच्चों को बाहर निकाला
यह घटना बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। स्कूल बस ढड़रा गांव से बच्चों को पिकअप करने के बाद अमानउल्लापुर गांव की ओर जा रही थी। रास्ते में मोड़ के पास अचानक वाहन बेकाबू हो गया और सीधे सड़क किनारे गहरे खेत में उतर गया। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े।
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ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बस के शीशे तोड़े और अंदर फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में घायल बच्चों को तत्काल निकटतम एसडीएस ग्लोबल अस्पताल और अन्य स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) सरधना आशुतोष कुमार अस्पताल पहुंचे और भर्ती बच्चों का हाल जाना।
परिजनों और स्थानीय प्रतिनिधियों के गंभीर आरोप
दुर्घटना की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन अस्पताल और दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। घायल छात्र अर्पित और अनाया के पिता संजीव पंवार ने आरोप लगाया कि बस चालक काफी लापरवाही से वाहन चला रहा था। परिजनों ने यह भी दावा किया कि चालक शराब के नशे में बस चला रहा था और उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›वहीं, भाजपा नेता प्रदीप ढड़रा ने दावा किया कि दुर्घटनाग्रस्त बस काफी पुरानी है। उनके अनुसार कागजों की जांच करने पर पता चला कि बस की उम्र करीब 22 साल हो चुकी है और इसके दस्तावेज व फिटनेस की समयसीमा समाप्त हो चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बस चालक और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना के बाद स्कूल प्रबंधन का कोई भी प्रतिनिधि बच्चों की स्थिति जानने अस्पताल नहीं पहुंचा।

छात्रा का दावा – पहले भी हो चुका था हादसा
कक्षा आठ में पढ़ने वाली छात्रा अनाया ने हादसे के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। छात्रा के मुताबिक, बुधवार को बस चला रहा व्यक्ति नियमित चालक नहीं था। उसने बताया कि पूर्व में भी इस चालक से एक हादसा हो चुका था, जिसके बाद स्कूल के प्रधानाचार्य ने उसे हटाकर अपने बेटे को बस चलाने की जिम्मेदारी दी थी।
छात्रा के अनुसार, बुधवार सुबह अचानक वही पुराना चालक दोबारा बस लेकर आ गया था। मोड़ के पास बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे खेत में जा गिरी। उस वक्त वाहन में 18 से 20 छात्र सवार थे और लगभग सभी को चोटें आई हैं।
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स्कूल प्रबंधन और चालक की सफाई
हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया था। हालांकि, प्राथमिक जानकारी में चालक की ओर से यह तर्क सामने आया कि सामने से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में बस का स्टेयरिंग फेल हो गया, जिससे वाहन बेकाबू होकर खेत में गिर गया।
दूसरी ओर, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल के संचालक अजय गुप्ता ने परिजनों द्वारा लगाए गए नशे के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। संचालक ने दावा किया कि चालक ने शराब नहीं पी रखी थी और स्कूल में किसी प्रकार के हंगामे की बात से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि हादसे में केवल दो बच्चों को मामूली चोटें आई हैं और स्कूल प्रबंधन उनके इलाज का पूरा खर्च उठाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। एसपी देहात अभिजीत सिंह ने बताया कि सभी घायल बच्चों का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है और फरार चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
एसपी देहात के अनुसार, थाना रोहटा में मामले को लेकर वैधानिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस टीम बस के फिटनेस सर्टिफिकेट, पंजीकरण कागजात और अन्य तकनीकी पहलुओं से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। हादसे की वास्तविक वजह तकनीकी खराबी थी या चालक की लापरवाही, इसकी निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल वाहनों के सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
मेरठ के इस हादसे ने एक बार फिर स्कूली वाहनों के सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर सवालिया निशान लगा दिया है। नियमानुसार, व्यावसायिक वाहनों के संचालन के लिए समय-समय पर फिटनेस जांच अनिवार्य होती है और स्कूल बसों के लिए विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश निर्धारित हैं।
स्थानीय अभिभावकों ने मांग की है कि क्षेत्र के सभी स्कूल वाहनों की विशेष जांच की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
Sabse pehle comment karne wale banein.