उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले में आपराधिक घटनाओं और धमकियों का सिलसिला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए हालिया धमाके की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि Nand Kishore Gurjar Threat Call का मामला सामने आ गया है। गाजियाबाद की लोनी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नंदकिशोर गुर्जर को फोन पर बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिली है। विधायक का दावा है कि उन्हें यह कॉल पाकिस्तान के एक नंबर से की गई है।
विधायक नंदकिशोर गुर्जर के अनुसार, फोन करने वाले अज्ञात शख्स ने साफ तौर पर कहा कि "गाजियाबाद की पुलिस चौकी में धमाका हो चुका है और अब अगला निशाना नंदकिशोर गुर्जर होंगे।"
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶क्या था विधायक का बयान, जिस पर मिली धमकी? हाल ही में वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए धमाके के बाद विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने एक कड़ा बयान दिया था। उन्होंने जनता से कहा था, "लोग बिना किसी डर के दीपावली का त्योहार मनाएं। योगी सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस ऐसी आतंकी हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। पुलिस जल्द ही धमाका करने वाले दोषियों को ढूंढकर सजा देगी।" उन्होंने यहां तक कह दिया था कि जरूरत पड़ने पर दोषियों को जवाब देने के लिए पाकिस्तान में घुसकर भी कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि विधायक के इसी सख्त बयान के बाद बौखलाहट में उन्हें शनिवार को यह धमकी भरा फोन कॉल आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने कॉलर की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है।
धमकियों का पुराना है इतिहास लोनी विधायक के लिए धमकियों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले रक्षाबंधन के दिन (28 अगस्त) को भी उन्हें ऐसी ही एक धमकी मिली थी। उस दिन दोपहर 2:33 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कॉल कर भद्दी गालियां दी थीं और कहा था, "घर में घुसकर मारेंगे, बम से उड़ाकर फाड़ देंगे।" विधायक के फोन काटने के बावजूद उस कॉलर ने 18 बार लगातार कॉल की थी। इस मामले में विधायक के सहयोगी अनुराग ने लोनी थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके अलावा, इसी साल 8 मार्च 2026 को पाकिस्तान के पेशावर से भी विधायक को व्हाट्सएप पर धमकी मिली थी, जिसमें यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए हमले से जुड़ी बातों का जिक्र करते हुए उन्हें बम से उड़ाने की बात कही गई थी।
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इंजीनियरिंग छोड़ राजनीति में आए थे नंदकिशोर नंदकिशोर गुर्जर का राजनीतिक सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। चार विषयों में पोस्ट ग्रेजुएट और एलएलबी (LLB) करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। साल 1998 में एक बच्ची से हुए दुष्कर्म की दर्दनाक घटना से आहत होकर उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़ दी और छात्र राजनीति में कदम रखा। वे 27 साल बाद शंभुदयाल डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए 9 महीने तक सड़क पर सोए और अध्यक्ष चुने गए। 2009 में भाजपा में शामिल होने वाले नंदकिशोर 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार लोनी से विधायक बने। अपने संघर्षों के कारण वे पिछले 28 सालों में 32 बार जेल भी जा चुके हैं।
बढ़ाई गई विधायक की सुरक्षा व्यवस्था लगातार मिल रही Nand Kishore Gurjar Threat Call को देखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस के 4 गनर 24 घंटे उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। इसके अतिरिक्त लगभग एक दर्जन निजी सुरक्षाकर्मी भी उनके पास हैं। उनके आवास और पार्टी कार्यालय पर कड़ी निगरानी रखी जाती है, जहां कैमरों से मॉनिटरिंग के बाद और सघन तलाशी लेकर ही किसी को विधायक से मिलने की अनुमति दी जाती है। उनके काफिले में भी सुरक्षाकर्मियों की तीन गाड़ियां हमेशा साथ चलती हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.