उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में दीपावली (Deepawali) के पावन पर्व की शुरुआत ताजी हवा के बजाय घुटन भरे स्मॉग और धुंध के साथ हुई। Meerut AQI Update के अनुसार, रविवार सुबह से ही आसमान में प्रदूषण की एक हल्की लेकिन स्पष्ट परत छाई रही। शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई - AQI) पहले ही खराब श्रेणी में पहुंच चुका है, और ऐसे में आज रात आतिशबाजी और पटाखों के धुएं के कारण स्थिति के और अधिक भयंकर होने की आशंका जताई जा रही है।
शनिवार को ही मेरठ शहर का औसत एक्यूआई 246 दर्ज किया गया था, जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी रियल टाइम आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को मेरठ की हवा स्पष्ट रूप से 'खराब' श्रेणी में बनी रही। चिंता की बात यह है कि शहर के कई आवासीय और व्यावसायिक इलाकों में प्रदूषण का स्तर औसत से भी कहीं अधिक खतरनाक रिकॉर्ड किया गया।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶मेरठ के विभिन्न इलाकों का एक्यूआई (AQI) सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार:
सेक्टर-4सी शताब्दीनगर: 310 (बेहद खराब श्रेणी)
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›एमआईटी कॉलेज क्षेत्र: 297
गंगानगर: 252
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एनसीआर के अन्य जिलों की हवा भी जहरीली प्रदूषण की यह मार केवल मेरठ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) इससे बुरी तरह प्रभावित है। शनिवार को गाजियाबाद का एक्यूआई 273, मुजफ्फरनगर का 263, शामली का 260 और बागपत का 250 दर्ज किया गया। हवा में घुले इस जहर और सुबह के समय छाई धुंध के कारण लोगों को घर से निकलते ही आंखों में तेज जलन और सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पटाखों के धुएं से और बिगड़ेंगे हालात प्रशासन और पर्यावरणविदों की सबसे बड़ी चिंता रविवार रात को लेकर है। दीपावली के अवसर पर शाम से लेकर देर रात तक होने वाली आतिशबाजी हवा की गुणवत्ता को और अधिक बिगाड़ सकती है। Meerut AQI Update पहले से ही खतरे का संकेत दे रहा है; ऐसे में पटाखों से निकलने वाला धुआं और हानिकारक रसायन हवा में प्रदूषक कणों (PM 2.5 और PM 10) की मात्रा को खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकते हैं। इसका सबसे बुरा असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा (सांस) व हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों की अपील: बाहर टहलने से बचें लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों की सलाह है कि जब तक प्रदूषण का स्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक लोगों को सुबह और देर रात खुले में सैर या टहलने (Morning Walk) से पूरी तरह बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में जरा भी परेशानी महसूस हो रही है या आंखों में लगातार जलन हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बाहर निकलने से बचें। प्रशासन और पर्यावरण विशेषज्ञों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे कम से कम पटाखे जलाएं और एक सुरक्षित व पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाएं।
Sabse pehle comment karne wale banein.