उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले में आबकारी विभाग में चल रहे बड़े भ्रष्टाचार और शराब माफियाओं से साठगांठ पर शासन का कड़ा डंडा चला है। नाइट क्लबों (Night Clubs), पब और बार में अवैध शराब परोसने और अवैध वसूली (Extortion) की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, शासन ने जिला आबकारी अधिकारी (District Excise Officer) संजय कुमार समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया है।
इस Ghaziabad Excise Suspensions की बड़ी कार्रवाई से जिले के आबकारी और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निलंबित किए गए दो अन्य अधिकारियों में आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर चमन सिंह (Inspector Chaman Singh) और इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह शामिल हैं।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶दूसरे राज्यों की शराब और क्लबों से अवैध वसूली का खेल
गाजियाबाद, दिल्ली-एनसीआर का एक प्रमुख हिस्सा है, जहां बड़ी संख्या में नाइट क्लब और बार संचालित होते हैं। शासन को खुफिया रिपोर्टें मिल रही थीं कि आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से इन क्लबों में अवैध खेल चल रहा है।
आरोप है कि आबकारी इंस्पेक्टर चमन सिंह और अखिलेश सिंह तस्करों के साथ मिलीभगत कर दूसरे राज्यों से सस्ती शराब गाजियाबाद लाते थे। इसके बाद, यह अवैध शराब गाजियाबाद के नाइट क्लबों और बार तक पहुंचाई जाती थी। इस पूरी 'सप्लाई चेन' को सुरक्षित रखने और संरक्षण देने के एवज में दोनों इंस्पेक्टर बार और क्लब संचालकों से भारी 'अवैध वसूली' करते थे। इस गठजोड़ के कारण राज्य सरकार को राजस्व (Revenue) का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार की बड़ी लापरवाही
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार पर आरोप है कि वह अपने मातहत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण रखने और अवैध गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह विफल रहे। उनके कार्यकाल में नाइट क्लबों और बार में बिना वैध लाइसेंस (Liquor License) के भी शराब परोसी जा रही थी। दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी रोकना उनके विभाग का मुख्य काम था, लेकिन वे इसमें नाकाम साबित हुए।
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हाल ही में राज्य स्तर की एक 'संयुक्त जांच टीम' ने गाजियाबाद आबकारी विभाग में जांच की थी। इस जांच रिपोर्ट में विभाग की कार्यप्रणाली में कई गंभीर अनियमितताएं (Irregularities) उजागर हुई थीं, जिसके आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।
तत्कालीन डीएम रविंद्र कुमार ने दी थी कड़ी चेतावनी
यह पहला मौका नहीं था जब इन अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। इससे पहले भी गाजियाबाद के तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार ने अवैध शराब की बिक्री और वसूली की शिकायतों को बेहद गंभीरता से लिया था।
तत्कालीन डीएम ने जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार और दोनों इंस्पेक्टरों को अपने कार्यालय में तलब कर उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी। उन्हें कार्यशैली सुधारने की अंतिम चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद, इन अधिकारियों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और लगातार शिकायतें शासन तक पहुंचती रहीं, जिसके बाद निलंबन की यह कार्रवाई सुनिश्चित हुई।
संजय कुमार प्रयागराज अटैच, मेरठ के उप आबकारी आयुक्त करेंगे जांच
शासन ने कार्रवाई करते हुए जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार को निलंबित कर दिया है और उन्हें निलंबन अवधि के दौरान आबकारी आयुक्त कार्यालय, प्रयागराज (Prayagraj) से संबद्ध (Attached) कर दिया है।
इस पूरे प्रकरण, अवैध वसूली नेटवर्क और राजस्व के नुकसान की गहराई से जांच करने के लिए मेरठ के उप आबकारी आयुक्त (Deputy Excise Commissioner) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे मामले की विस्तृत जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। शासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद गाजियाबाद में अवैध शराब के कारोबारियों और क्लब संचालकों में दहशत का माहौल है।
Sabse pehle comment karne wale banein.