उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में आगामी Census 2027 (जनगणना 2027) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। डिजिटल इंडिया की तर्ज पर इस बार की जनगणना को अधिक सटीक, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए नागरिकों को 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विशेष विकल्प दिया जा रहा है। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के कड़े निर्देशों के क्रम में, मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रणविजय सिंह ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जनगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सीडीओ रणविजय सिंह ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपनी पूरी सहभागिता निभाएं। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जिले में 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का कार्य संपन्न कराया जाएगा, जिसमें प्रत्येक निवासी का समावेश आवश्यक है।
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आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, भारत सरकार ने नागरिकों को यह सुविधा दी है कि वे घर बैठे अपने परिवार का डेटा सिस्टम में फीड कर सकें। मुख्य विकास अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि स्व-गणना के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल se.census.gov.in निर्धारित किया गया है।
इस पोर्टल पर लॉग-इन कर कोई भी नागरिक अपने परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित जानकारी आसानी से अपलोड कर सकता है। जनगणना के इस प्रपत्र में कुल 40 अलग-अलग बिंदुओं (Parameters) पर सूचनाओं का डेटा फीड किया जाना है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, आयु, शिक्षा, पेशा और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाएं शामिल होंगी। यह प्रक्रिया न केवल समय बचाएगी बल्कि डेटा की शुद्धता को भी सुनिश्चित करेगी।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›'स्व-गणना आईडी' को सुरक्षित रखना है बेहद जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी करने के बाद नागरिकों को पोर्टल से एक यूनीक 'स्व-गणना आईडी' (Self-Enumeration ID) या संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। नागरिकों के लिए इस आईडी को अपने पास सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
सीडीओ ने बताया कि स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद, अगले चरण में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणकों (Enumerators) द्वारा घर-घर जाकर भौतिक रूप से जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। जब ये सरकारी प्रगणक आपके घर आएं, तो आपको केवल वह सुरक्षित रखी गई 'स्व-गणना आईडी' उन्हें उपलब्ध करानी होगी। इससे प्रगणक को दोबारा पूरा फॉर्म नहीं भरना पड़ेगा और आगे की प्रक्रिया बहुत तेजी से और सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगी।
जागरूकता के लिए मनाए जाएंगे 14 विशेष दिवस
जनगणना के प्रति आम जनता को जागरूक करने और हर वर्ग की सहभागिता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखी पहल की है। 16 नवंबर से 29 नवंबर तक जिले भर में विभिन्न 'विशेष दिवसों' का आयोजन किया जाएगा।
इन विशेष दिवसों में शामिल हैं:
राजस्व एवं प्रशासन दिवस
स्थानीय शासन दिवस
युवा एवं खेल दिवस
मीडिया दिवस
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वर्दीधारी बल दिवस
केंद्र सरकार के कार्यालय दिवस
शिक्षा दिवस, स्वास्थ्य दिवस
उद्योग एवं परिवहन दिवस
महिला एवं स्वयं सहायता समूह (SHG) दिवस
डिजिटल एक्सेस सहायता एवं विशेष आवश्यकता दिवस
वर्क फ्रॉम होम दिवस और प्राइड दिवस। इन सभी दिवसों के माध्यम से समाज के हर तबके को स्व-गणना के लाभ समझाए जाएंगे।
8500 प्रगणक और 134 फील्ड ट्रेनर तैनात
बिजनौर जनपद जैसे बड़े इलाके में जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक और त्रुटिहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी टीम तैयार की है। बैठक में बताया गया कि जिले में 134 फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) और 8500 प्रगणकों (Enumerators) की तैनाती की गई है।
इन सभी अधिकारियों और उनके कंप्यूटर दक्ष कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण (Training) आगामी 5 नवंबर को विकास भवन सभागार में आयोजित किया जाएगा। सीडीओ ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को जनगणना के व्यापक प्रचार-प्रसार के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि शहर से लेकर सुदूर गांवों तक अधिक से अधिक लोग स्व-गणना की प्रक्रिया से जुड़ सकें।
भविष्य की नीतियों का आधार हैं जनगणना के आंकड़े
बैठक के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना का उद्देश्य केवल देश की जनसंख्या (Population) गिनना भर नहीं है। इससे प्राप्त सटीक आंकड़े ही देश और प्रदेश की आगामी विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों (Welfare Policies) और सार्वजनिक सुविधाओं (Public Amenities) के नियोजन एवं क्रियान्वयन का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनते हैं। इसलिए, यह राष्ट्र निर्माण का यज्ञ है, जिसमें प्रत्येक निवासी की सहभागिता सुनिश्चित होना नितांत आवश्यक है। इस अहम बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सहित कई अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Sabse pehle comment karne wale banein.