राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में दीपावली के त्योहार से पहले ही आबोहवा बेहद खराब और जहरीली हो चुकी है। गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का स्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है। गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, नोएडा और अमरोहा के गजरौला-हसनपुर में हवा की गुणवत्ता (Air Quality Index) बिगड़कर 'रेड जोन' (खतरनाक श्रेणी) में पहुंच गई है। चालू शीतकालीन सीजन में यह पहली बार है जब इन सभी पांच शहरों का AQI 300 के पार दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद का लोनी क्षेत्र देश भर में सबसे प्रदूषित इलाकों में दर्ज किया गया, जहां AQI 367 रिकॉर्ड किया गया।

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शाम ढलते ही छाने लगी धुंध, NCR में GRAP-1 लागू

सोमवार (2 नवंबर) को गाजियाबाद में दिन के समय मौसम साफ रहा और धूप खिली रही, लेकिन शाम होते ही स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। शहर की हवा में धुएं और धूल की मोटी धुंध (Smog) छा गई।

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प्रदूषण के लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के तहत पूरे एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-1) की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। जिला प्रशासन और नगर निगम ने निगरानी टीमें मुस्तैद कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि AQI में और गिरावट आती है तो जल्द ही ग्रेप-2 और ग्रेप-3 के कड़े प्रतिबंध भी लागू किए जा सकते हैं।

दिल्ली बॉर्डर से 220 वाहन वापस लौटाए, 240 के कटे चालान

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली प्रशासन द्वारा बीएस-4 (BS-IV) और इससे नीचे के मानक वाले डीजल वाहनों की आवाजाही पर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। सोमवार को गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर, लोनी और यूपी गेट से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 220 गैर-अनुपालन वाले वाहनों को वापस लौटा दिया गया। इसके अतिरिक्त नियम तोड़ने पर अलग-अलग चेकिंग पॉइंट पर 240 वाहनों के चालान काटे गए।

स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़कों और पेड़ों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, ताकि उड़ती धूल को शांत किया जा सके।

प्रमुख शहरों का AQI मीटर (रेड जोन आंकड़े)

सोमवार को गाजियाबाद, अमरोहा और आसपास के क्षेत्रों में दर्ज किया गया AQI इस प्रकार रहा:

  • गजरौला (अमरोहा): 390 (अत्यंत गंभीर)

  • गाजियाबाद (लोनी): 367 / 359 (खतरनाक)

  • हापुड़: 340 (खराब श्रेणी)

  • बागपत (बड़ौत): 339 (खराब श्रेणी)

  • नोएडा: 338 (खराब श्रेणी)

  • दिल्ली: 328 (खराब श्रेणी)

GRAP-1 के तहत ये पाबंदियां रहेंगी लागू

शहर में वायु प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित पाबंदियों पर अमल शुरू करा दिया है:

  1. एंटी-स्मॉग गन: सभी बड़े निर्माण और तोडफोड़ (Construction & Demolition) वाले स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन चलाना अनिवार्य है।

  2. कोयला व लकड़ी बैन: होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के तंदूर में कोयला या लकड़ी जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

  3. सफाई और छिड़काव: सड़कों की मशीनों से मैकेनिकल स्वीपिंग की जाएगी और नियमित रूप से पानी का छिड़काव होगा।

  4. कचरा जलाने पर जुर्माना: खुले में सूखा कचरा, प्लास्टिक या पत्ते जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

  5. सड़क निर्माण पर रोक: गर्म तारकोल से सड़क बनाने जैसे प्रदूषणकारी कार्यों पर फिलहाल रोक रहेगी।

दिन में धूप, रात को ठंड के साथ बढ़ रहा प्रदूषण

सोमवार को गाजियाबाद का न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय हवा की रफ्तार महज 4 किलोमीटर प्रति घंटा रही। हवा की धीमी गति के कारण वायुमंडल में उठने वाला धुआं और धूल कण एक जगह टिके हुए हैं, जिससे रात के समय ठंड के साथ-साथ स्मॉग का असर और भी भयावह होता जा रहा है।

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