गर्मी, उमस और चिलचिलाती धूप के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 जून के मौसम को लेकर एक बहुत बड़ा और विस्तृत अपडेट जारी किया है। देश का मौसम इस वक्त एक बेहद ही दिलचस्प मोड़ पर है। आसमान में दो अलग-अलग सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके कारण एक तरफ जहां कुछ राज्यों में मॉनसून (Monsoon) की मेहरबानी और झमाझम बारिश देखने को मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ कुछ बदनसीब इलाके ऐसे भी हैं जहां आसमान से आग बरसेगी और भीषण लू (Heatwave) का टॉर्चर लोगों का जीना मुहाल कर देगा।READ ALSO:-मुजफ्फरनगर में हैवानियत की सारी हदें पार: नाबालिग दलित किशोरी से खौफनाक दरिंदगी, खाकी की अनदेखी के बाद SSP के 'सुपर एक्शन' से मचा हड़कंप!
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अगर आप कल यानी 13 जून को घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, किसी यात्रा पर जा रहे हैं, या खेती-किसानी के कामों में लगे हैं, तो यह विस्तृत मौसम बुलेटिन आपके लिए पढ़ना बेहद जरूरी है। आइए, भारत के अलग-अलग हिस्सों के मौसम का पूरा और सटीक विश्लेषण करते हैं।
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मॉनसून की एक्सप्रेस चाल: इन राज्यों में हो रही है 'ग्रैंड एंट्री'

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दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विभाग के राडार और सैटेलाइट इमेजरी के अनुसार, मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल (Favorable) बनी हुई हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि देश के एक बड़े हिस्से को जल्द ही सूखी और तपती गर्मी से स्थायी राहत मिलने वाली है।
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अगले दो से तीन दिनों के भीतर (जिसकी शुरुआत 13 जून से ही हो रही है), मॉनसून के बादल केंद्रीय अरब सागर को पार करते हुए कई राज्यों को अपनी चपेट में ले लेंगे। जिन प्रमुख राज्यों में मॉनसून दस्तक देने के लिए बिल्कुल तैयार खड़ा है, वे हैं:
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    महाराष्ट्र और तेलंगाना: इन राज्यों के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून गतिविधियां पहले से ही जारी हैं और अब मुख्य मॉनसून झमाझम बारिश लेकर आ रहा है।
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    आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़: यहां के किसानों के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं है, क्योंकि खेती के लिए इस बारिश का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था।
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    पूर्वी भारत (पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार): बंगाल की खाड़ी की ओर से आने वाली मॉनसून की शाखा बहुत तेजी से सक्रिय हो रही है। अगले 48 से 72 घंटों में इन राज्यों में आधिकारिक तौर पर मॉनसून की एंट्री हो सकती है, जो अपने साथ भारी बारिश लेकर आएगा।
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उत्तर-पश्चिम भारत: पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने बदला मौसम का मिजाज

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दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के लोग पिछले कई हफ्तों से जिस जानलेवा गर्मी का सामना कर रहे थे, उस पर पश्चिमी विक्षोभ ने अचानक ब्रेक लगा दिया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश लाने वाला यह सिस्टम अब मैदानी इलाकों में भी अपना असर दिखा रहा है।
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कल, 13 जून को उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आएगा:

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    दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश: कल सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की प्रबल संभावना है।
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    तापमान में भारी गिरावट: सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और ठंडी हवाएं चलेंगी। इन हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में सीधे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की शानदार गिरावट दर्ज की जाएगी। यानी कल दिल्ली-यूपी वालों को एसी और कूलर से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
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    राजस्थान का हाल: हालांकि, राजस्थान के लिए पूरी तरह से राहत नहीं है। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने की आशंका है। आसमान में धूल का गुबार छा सकता है, जिसके साथ छिटपुट बारिश की बूंदें गिर सकती हैं।
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हाई अलर्ट' जोन: इन राज्यों में तूफानी बारिश और आंधी का कहर

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जहां उत्तर भारत में हल्की बारिश राहत लेकर आ रही है, वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने 'हाई अलर्ट' (High Alert) जारी किया है। इन इलाकों में बारिश राहत नहीं, बल्कि आफत का रूप ले सकती है।
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    बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: कल 13 जून को इन राज्यों में गरज और भयानक चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए IMD ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ अचानक 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली खतरनाक आंधी चल सकती है।
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    पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों— असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तो बारिश का दौर रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। यहां कल भी भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का रेड अलर्ट जारी है। इसके साथ ही दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और केरल के समुद्र तटीय इलाकों में भी भारी बारिश आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।
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'हीटवेव' का टॉर्चर: इन इलाकों में अभी भी बरसेगी आग

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प्रकृति का संतुलन देखिए, एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश के पानी से तरबतर हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाके ऐसे हैं जहां सूरज का प्रकोप और भी ज्यादा खूंखार हो गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ राज्यों में अभी भी भीषण लू (Severe Heatwave) का कहर जारी रहेगा।
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    खतरे वाले इलाके: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र, तेलंगाना के कुछ हिस्से और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में कल भी भयंकर लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। यहां का तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर रहने की उम्मीद है।
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    उमस भरी गर्मी: कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में हालांकि लू का सीधा प्रकोप नहीं होगा, लेकिन यहां हवा में नमी (Humidity) का स्तर इतना ज्यादा होगा कि लोगों को पसीने वाली चिपचिपी और जानलेवा गर्मी का अहसास होगा। "फील्स लाइक" (Feels Like) तापमान बहुत अधिक रहने की संभावना है।
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विशेष एडवाइजरी: पहाड़ से लेकर मैदान तक मंडरा रहा है यह खतरा

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मौसम के इस बिगड़ते और आक्रामक मिजाज को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता, किसानों और यात्रियों के लिए विशेष और सख्त एडवाइजरी जारी की है।
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1. पहाड़ों पर सफर करने वाले सावधान (भूस्खलन का खतरा)

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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, जो कि पर्यटकों की पहली पसंद होते हैं, वहां कल के लिए स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है। लगातार और भारी बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी ढीली पड़ सकती है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन राज्यों के संवेदनशील इलाकों में भारी भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) का गंभीर खतरा है। अगर आप कल इन पहाड़ी रास्तों पर सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो उसे फिलहाल टाल देना ही समझदारी होगी।
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2. मैदानी इलाकों में वज्रपात (आसमानी बिजली) का खौफ

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पंजाब, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और मैदानी इलाकों के लिए बिजली गिरने (Lightning Strikes) का हाई अलर्ट जारी किया गया है। जब भी पश्चिमी विक्षोभ और मॉनसून का टकराव होता है, तो बादलों के बीच भयंकर घर्षण होता है, जिससे आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कल हवा की रफ्तार अचानक 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
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बचाव के उपाय: मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से हाथ जोड़कर अपील की है कि:

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    आंधी-तूफान आने पर तुरंत पक्के मकानों में शरण लें।
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    ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और लोहे के टावरों से कम से कम 50 मीटर की दूरी बनाए रखें।
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    खेतों में काम कर रहे किसान मौसम खराब होते ही खुले मैदानों को छोड़ दें।
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    तेज हवाएं कमजोर छतों, टिन शेड और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए अपनी संपत्ति को सुरक्षित करें।
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14 जून के बाद की तस्वीर: लौट कर आएगी 'तपिश'

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अगर आपको लग रहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत में कल होने वाली बारिश से गर्मियां हमेशा के लिए विदा हो जाएंगी, तो आप गलत हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, यह राहत केवल एक "अस्थायी ब्रेक" (Temporary Break) है।
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जैसे ही 14 जून को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म होगा और आसमान साफ होगा, सूरज की तपिश एक बार फिर से मैदानी इलाकों को झुलसाना शुरू कर देगी। 14 जून से 18 जून के बीच, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और यूपी के तापमान में एक बार फिर से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस का जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। सबसे बुरी बात यह होगी कि बारिश के कारण मिट्टी में जो नमी आएगी, वह तेज धूप के संपर्क में आकर भयंकर 'उमस' (Humidity) पैदा करेगी। यानी अगले हफ्ते से गर्मी और उमस का 'डबल अटैक' उत्तर भारत के लोगों को फिर से सताने वाला है।
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हालांकि, राहत की बात यह है कि देश के मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में 18 जून तक अधिकतम तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी, क्योंकि तब तक वहां मॉनसून पूरी तरह से अपने पैर जमा चुका होगा और बादलों की चादर सूरज की सीधी किरणों को रोक लेगी।
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कुल मिलाकर, 13 जून का दिन पूरे देश के लिए मौसमी उथल-पुथल का दिन रहने वाला है। मौसम के हर पल बदलते इस मिजाज पर नज़र बनाए रखें और सुरक्षित रहें।
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