नई दिल्ली। क्या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की छपाई बंद करने जा रहा है? क्या दिवाली से पहले बाजार में छोटे नोटों की किल्लत हो सकती है? सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर इन दिनों ऐसा ही दावा तेजी से वायरल हो रहा है। RBI के नाम और लोगो वाले एक कथित सर्कुलर में कहा जा रहा है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए छोटे नोटों की छपाई धीरे-धीरे कम या बंद की जा रही है।

इस मैसेज के सामने आने के बाद आम लोगों और छोटे कारोबारियों के बीच चिंता पैदा हो गई है। हालांकि, RBI Currency Notes Fact Check में सामने आई जानकारी के मुताबिक यह दावा भ्रामक है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने वायरल सर्कुलर को फर्जी बताया है।

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वायरल सर्कुलर में क्या दावा किया गया?

सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीर में RBI का नाम, लोगो और गवर्नर के हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि सरकार की कैशलेस अर्थव्यवस्था और डिजिटल इंडिया की पहल को आगे बढ़ाने के लिए 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की छपाई कम की जा रही है।

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मैसेज में यह भी कहा जा रहा है कि त्योहारों से पहले बाजार में इन छोटे नोटों की कमी हो सकती है और लोगों को नकदी के बजाय UPI, कार्ड तथा नेट बैंकिंग जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहिए। RBI की पहचान और आधिकारिक दस्तावेज जैसी दिखने वाली भाषा के कारण कुछ लोग इस दावे को सही मानकर आगे साझा कर रहे हैं।

PIB Fact Check ने बताया फर्जी

PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर वायरल इस दावे को गलत बताया है। एजेंसी के मुताबिक RBI की ओर से 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की छपाई बंद करने या कम करने को लेकर ऐसा कोई सर्कुलर जारी नहीं किया गया है।

इसलिए वायरल मैसेज के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं है कि छोटे नोट बंद होने जा रहे हैं या बाजार में उनकी किल्लत होने वाली है। RBI के नाम और लोगो का इस्तेमाल किसी संदेश को आधिकारिक साबित नहीं करता। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग की वेबसाइट या आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पुष्टि करना जरूरी है।

क्या बाजार में छोटे नोटों की किल्लत होने वाली है?

वायरल संदेश में दिवाली से पहले 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कमी होने की आशंका जताई गई है, लेकिन PIB की फैक्ट चेक जानकारी इस दावे की पुष्टि नहीं करती। केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी कथित सर्कुलर के आधार पर नकदी की संभावित कमी की बात कहना उचित नहीं है।

फिलहाल इस वायरल दावे को सच मानकर घबराने या जरूरत से ज्यादा छोटे नोट जमा करने की आवश्यकता नहीं है। नोटों की छपाई, आपूर्ति और चलन से जुड़े किसी भी बदलाव की जानकारी के लिए RBI की आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।

ऐसा फर्जी मैसेज मिले तो क्या करें?

अगर आपके वॉट्सऐप या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 10, 20 और 50 रुपये के नोट बंद होने का संदेश आता है, तो उसे बिना पुष्टि किए आगे साझा न करें। किसी भी कथित सरकारी आदेश या बैंकिंग सर्कुलर की सत्यता जांचने के लिए ये सावधानियां अपनाएं:

  • RBI की आधिकारिक वेबसाइट और PIB Fact Check के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी देखें।
  • केवल लोगो, मुहर या हस्ताक्षर देखकर किसी दस्तावेज को असली न मानें।
  • संदिग्ध मैसेज को आगे भेजने से बचें।
  • किसी सरकारी योजना या बैंकिंग नियम में बदलाव की पुष्टि आधिकारिक सूचना से ही करें।

PIB Fact Check के लिए वायरल दावे की जांच कराने हेतु आधिकारिक वॉट्सऐप नंबर +91 8799711259 पर संदेश भेजने की सुविधा भी उपलब्ध बताई गई है। नंबर का इस्तेमाल करने से पहले PIB के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर इसकी पुष्टि कर लें।

छोटे नोट बंद होने का दावा फर्जी

10, 20 और 50 रुपये के नोट बंद होने या उनकी छपाई रोकने से जुड़ा वायरल सर्कुलर PIB Fact Check ने फर्जी बताया है। RBI की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर फैल रही इस खबर से घबराने की जरूरत नहीं है। किसी भी महत्वपूर्ण बैंकिंग या मुद्रा संबंधी बदलाव की जानकारी के लिए RBI और सरकार के आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।

डिस्क्लेमर: यह खबर PIB Fact Check से संबंधित उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मुद्रा और बैंकिंग से जुड़े किसी भी नए निर्णय की पुष्टि RBI की आधिकारिक घोषणा से करें।

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