लोकतांत्रिक व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और युवा पीढ़ी को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने के लिए बिजनौर प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। ELC Voter Awareness Bijnor अभियान के तहत जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में विशेष प्रतियोगिताओं की शुरुआत कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के सख्त आदेशानुसार, जनपद के स्कूलों और कॉलेजों में स्थापित मतदाता साक्षरता क्लबों (ELCs) के माध्यम से निबंध और प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान 2 नवंबर 2026 से शुरू हो चुका है और आगामी 20 नवंबर 2026 तक पूरे जिले में संचालित किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अभियान का मुख्य उद्देश्य भावी और युवा मतदाताओं को मतदान के प्रति पूरी तरह जागरूक करना है। प्रशासन का मानना है कि युवा ही मजबूत लोकतंत्र की असली नींव होते हैं। ऐसे में उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रियाओं की सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। मतदाता साक्षरता क्लबों के जरिए छात्र-छात्राओं को यह समझाया जा रहा है कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के निर्माण में उनके एक-एक वोट की कितनी अहमियत होती है। इससे युवाओं में सजगता आएगी और वे भविष्य में एक जिम्मेदार मतदाता की भूमिका निभा सकेंगे।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶निबंध प्रतियोगिता के विषय और नियम प्रतियोगिताओं के अंतर्गत होने वाले निबंध लेखन के लिए प्रशासन ने दो प्रमुख विषय निर्धारित किए हैं। छात्र-छात्राएं 'शुद्ध मतदाता सूची का महत्व' और 'मतदान का महत्व' विषय पर अपने विचार लिख सकते हैं। विद्यार्थियों की आयु और शिक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए शब्द सीमा भी अलग-अलग तय की गई है। विद्यालय स्तर (स्कूल) के प्रतिभागियों के लिए 500 से 800 शब्दों की सीमा रखी गई है। वहीं, महाविद्यालय (कॉलेज) स्तर के विद्यार्थियों के लिए 800 से 1,200 शब्दों की सीमा निर्धारित है। प्रतिभागियों को यह छूट दी गई है कि वे अपनी सुविधानुसार हिंदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा का चयन कर सकते हैं।

क्विज प्रतियोगिता में ईवीएम और वीवीपैट पर फोकस निबंध के अलावा शिक्षण संस्थानों में प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जा रहा है। इस क्विज का दायरा पूरी तरह से चुनावी प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी पर आधारित रखा गया है। इसमें मुख्य रूप से मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उसकी तैयारियों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इसके साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) की कार्यप्रणाली को लेकर भी विद्यार्थियों के ज्ञान को परखा जाएगा। मतदान केंद्र पर होने वाली व्यावहारिक प्रक्रिया और मतगणना के तरीकों से संबंधित विषय भी इस प्रतियोगिता का हिस्सा होंगे, ताकि युवाओं के मन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई भ्रम न रहे।
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मतदाता साक्षरता क्लब (ELC) निर्वाचन आयोग की एक अनूठी पहल है, जिसे विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसके माध्यम से ऐसे युवा जो मतदान की उम्र (18 वर्ष) के करीब पहुंच रहे हैं, उन्हें उनके मताधिकार की ताकत का अहसास कराया जाता है। ईवीएम जैसी आधुनिक वोटिंग तकनीक के बारे में छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक जानकारी देना इस अभियान का बड़ा हिस्सा है।
अधिकारियों को समन्वय और रिपोर्टिंग के निर्देश इन प्रतियोगिताओं को पूरी पारदर्शिता और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (SDM), निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और ईएलसी कोऑर्डिनेटर को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि तय समय-सीमा के भीतर इन आयोजनों को सफलतापूर्वक पूरा किया जाए। इसके बाद की गई पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित 'प्रारूप-2' (Format-2) पर तैयार करके जिला निर्वाचन कार्यालय, बिजनौर को अनिवार्य रूप से भेजी जाए।
Sabse pehle comment karne wale banein.