बिजनौर के जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के लिए 'हर घर जल योजना' (Har Ghar Jal Yojana) के तहत हो रहे कार्यों पर सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में जल निगम ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी की टंकियों के निर्माण और जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराने के लिए तत्काल अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसामान्य को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजना के तहत कराए जा रहे सभी निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप और पूरी तरह गुणवत्तापरक होने चाहिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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मार्च 2027 तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश बैठक में जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता राकेश चौधरी ने Har Ghar Jal Yojana की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जनपद में कुल 904 पेयजल परियोजनाएं पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 321 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 583 पर तेजी से काम चल रहा है। बचे हुए सभी कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए मार्च 2027 तक की डेडलाइन तय की गई है।

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योजना के तहत 1743 गांवों में जलापूर्ति शुरू अधिशासी अभियंता ने जानकारी दी कि बिजनौर जिले के कुल 1,943 आबादी वाले गांवों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। इनमें से 1,743 गांवों में ओवरहेड टैंक और सीधे पंपिंग के माध्यम से स्वच्छ जलापूर्ति शुरू की जा चुकी है, जबकि शेष गांवों में कार्य प्रगति पर है। योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी दो कार्यदायी संस्थाओं— एलसी इंफ्रा और विंध्या टेलीलिंक लिमिटेड— को सौंपी गई है। विंध्या टेलीलिंक को 1,311 गांव और एलसी इंफ्रा को 632 गांवों का काम आवंटित है।

जल गुणवत्ता जांच और सड़क बहाली पर जोर योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'आरवी एसोसिएट्स' को थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन का जिम्मा दिया गया है। वहीं, सामाजिक जागरूकता और जल संरक्षण कार्यक्रमों के संचालन के लिए चार आईएसए (ISA) संस्थाएं कार्यरत हैं। नागरिकों को मिलने वाले पानी की शुद्धता जांचने के लिए झालू स्थित जल निगम कार्यालय में एक विशेष प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है, जहां समय-समय पर पानी के नमूनों की जांच होती है।

अधिशासी अभियंता राकेश चौधरी ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान जिले भर में 196 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी। इसमें से 153 किलोमीटर सड़क का पुनर्स्थापन कार्य (सड़क निर्माण) पूरा हो चुका है। शेष 43 किलोमीटर सड़क की मरम्मत का काम अगले एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कोतवाली, नजीबाबाद और अफजलगढ़ ब्लॉक के छह गांवों में बुक्सा योजना के तहत कार्य पूर्ण कर पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा उत्तराखंड सीमा से सटे जिले के 18 गांवों को भी योजना का सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।

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