उत्तर प्रदेश का मेरठ (Meerut) शहर एक बार फिर से दूसरे राज्यों के मोस्ट वांटेड अपराधियों की शरणस्थली के रूप में सुर्खियों में आया है। यूपी एसटीएफ (UP STF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस (J&K Police) के एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में, मेरठ के सोतीगंज इलाके से Jammu Kashmir Gangsters in Meerut को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए तीनों आरोपी जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सक्रिय कुख्यात 'गटारू गैंग' के सदस्य हैं। एसटीएफ ने इन बदमाशों को अपने घर में पनाह देने वाले स्थानीय युवक माज कुरैशी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
सोतीगंज के मकान में एसटीएफ का छापा एसटीएफ मेरठ यूनिट के एएसपी (ASP) बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि खुफिया सूचना मिली थी कि सांबा जिले में हत्या और रंगदारी जैसी कई संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले गटारू गैंग के कुछ सदस्य मेरठ में छिपे हुए हैं। लोकेशन ट्रेस होने के बाद तुरंत सांबा पुलिस से संपर्क किया गया। सांबा पुलिस के डिप्टी एसपी अतहर बक्शी अपनी स्पेशल टीम के साथ मेरठ पहुंचे। सोमवार शाम को यूपी एसटीएफ और जेएंडके पुलिस की संयुक्त टीम ने सोतीगंज स्थित एक मकान पर अचानक छापा मारा। यहां से सांबा जिले के विजयपुर निवासी सौरभ गुप्ता, उसके सगे भाई गौरव गुप्ता और रोहित बलोना को धर दबोचा गया। इन आतंकियों/गैंगस्टरों को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के अपने मकान में ठहराने वाले सोतीगंज निवासी माज कुरैशी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस चारों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶
कुरुक्षेत्र जेल की दोस्ती से मिला मेरठ में ठिकाना आखिर जम्मू-कश्मीर के गैंगस्टर मेरठ कैसे पहुंचे? एसटीएफ की जांच में एक बड़ा नेक्सस सामने आया है। दरअसल, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) जेल में बंद रहने के दौरान गटारू गैंग के सदस्य गौरव जंदियाल की मुलाकात मेरठ निवासी मोहसिन से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद गौरव ने मोहसिन से संपर्क किया और मेरठ में एक 'सेफ हाउस' (सुरक्षित ठिकाना) की मांग की। मोहसिन ने अपने दोस्त सोहेल (निवासी श्यामनगर) से बात की, और सोहेल ने अपनी खाला (मौसी) के बेटे माज कुरैशी के जरिए सोतीगंज में इनके ठहरने का पूरा इंतजाम करा दिया।
गटारू की हत्या और गैंगवार का खूनी इतिहास यह गटारू गैंग जम्मू और सांबा जिलों में आतंक का पर्याय रहा है। इस गिरोह का सरगना सुमित जंदियाल उर्फ 'गटारू' था, जो अपने भाई सौरभ गुप्ता के साथ मिलकर रंगदारी और हत्या का नेक्सस चलाता था। इन भाइयों पर जम्मू-कश्मीर में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) तक लगाया जा चुका था। 21 जनवरी 2025 को जम्मू के व्यस्त ज्वेल चौक पर एक पार्टी के दौरान सुमित उर्फ गटारू की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इस हत्या के बाद गैंग के सदस्यों ने बदले की भावना से अपनी आपराधिक गतिविधियां और तेज कर दी थीं। गटारू गैंग की 'विक्की खौफ' और 'विकास सलाथिया' के गिरोह से लंबी दुश्मनी रही है। 2018 में सौरभ के साथियों ने विक्की गैंग के साहिल पर चाकू से हमला किया था। जवाब में 2022 में विक्की गैंग ने विजयपुर के बरिंदर का हाथ काट दिया था।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›🏪 आपके शहर के ऑफर
कुरुक्षेत्र के शराब कारोबारी की हत्या में भी नाम इस गैंग के तार हरियाणा से भी जुड़े हैं। जून 2025 में कुरुक्षेत्र के शराब कारोबारी शांतनू की हत्या कराने का आरोप भी इसी गैंग के गौरव जंदियाल पर लगा था। इस मामले में हरियाणा एसटीएफ ने एक एनकाउंटर में गैंग के शूटर रोमिल बोहरा को ढेर कर दिया था।
मेरठ से पहले भी जुड़े रहे हैं तार, अवैध हथियारों की सप्लाई एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि गैंग के मेरठ से बहुत पुराने संबंध हैं। गटारू की हत्या के बाद बागपत के बिनौली निवासी आशू पंडित ने सौरभ गुप्ता को सुभाषनगर और सुभारती यूनिवर्सिटी के पास फ्लैट में पनाह दी थी। एसटीएफ के अनुसार, आशू पंडित ने ही सुमित जंदियाल को तीन अवैध पिस्टल सप्लाई की थीं। अब एसटीएफ और स्थानीय पुलिस आरोपियों की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सोतीगंज में रहते हुए इन्होंने किन-किन सफेदपोशों और अपराधियों से संपर्क साधा था।
Sabse pehle comment karne wale banein.