अगर आप भी नेशनल हाईवे (National Highway) पर सफर करते हैं और टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) से परेशान हो जाते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम की समस्या को जड़ से खत्म करने का मेगा प्लान तैयार कर लिया है।
NHAI ने टोलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Tolling Infrastructure) में एक बड़ा ढांचागत बदलाव करते हुए एक नया आदेश जारी किया है। इस नए आदेश (Toll Tax New Rules) के तहत, भविष्य में बनने वाले सभी नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स पर बैरियर फ्री टोलिंग (Barrier Free Tolling) सिस्टम लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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NHAI के इस नए स्ट्रक्चरल बदलाव के बाद, भविष्य में लोगों को टोल टैक्स चुकाने के लिए अपनी गाड़ियों की स्पीड कम करने या टोल प्लाजा पर रुकने (Free-Flow Tolling) की बिल्कुल भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब NHAI पुरानी शैली के फिजिकल टोल प्लाजा और बूम बैरियर बनाने के बजाय MLFF (Multi-Lane Free-Flow) सिस्टम स्थापित करेगा। इस नई तकनीक के तहत हाईवे के ऊपर एक ओवरहेड गैन्ट्री (लोहे का स्ट्रक्चर) बनाया जाएगा, जो अत्याधुनिक स्मार्ट टेक्नोलॉजी, 'रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन रीडर' (RFID) और 'ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन' (ANPR) कैमरों से लैस होगा।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›जब कोई गाड़ी हाईवे की सामान्य स्पीड से भी इन गैन्ट्री के नीचे से गुजरेगी, तो सेंसर विंडशील्ड पर लगे फास्टैग (FASTag) और नंबर प्लेट को स्कैन कर लेंगे और टोल टैक्स सीधे बैंक अकाउंट से ऑटोमैटिकली (Automatically) कट जाएगा।
टोल प्लाजा पर अब होंगी सिर्फ 8 लेन
वर्तमान में सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाले हाईवे पर टोल प्लाजा 32-32 लेन तक फैले होते हैं, लेकिन नए नियम के अनुसार, भविष्य के सभी टोल प्लाजा पर अधिकतम 8 लेन की लिमिट तय कर दी गई है। यह लेआउट डिजाइन नई और आधुनिक तकनीक के अनुरूप होगा, जहां हर लेन पर हर घंटे लगभग 600 गाड़ियां बिना रुके आसानी से गुजर सकेंगी।
नए नियम से NHAI के बचेंगे करोड़ों रुपये
NHAI के इस क्रांतिकारी फैसले से न सिर्फ आम जनता का समय बचेगा, बल्कि सरकार के दो बड़े खर्चों—जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) और मेंटेनेंस (Maintenance) की लागत में भी भारी कमी आएगी।
टोल प्लाजा का दायरा 32 लेन से सिमटकर 8 लेन का होने से जमीन खरीदने की शुरुआती लागत में करोड़ों की बचत होगी।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →नए ऑटोमेटेड सिस्टम के चलते टोल कलेक्शन की ऑपरेटिंग कॉस्ट भी वर्तमान 12-15 प्रतिशत से घटकर मात्र 3 से 4 प्रतिशत तक आ सकती है।
FASTag में बैलेंस न होने पर क्या होगा?
यदि गैन्ट्री के नीचे से गुजरते समय आपके फास्टैग अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं है या अकाउंट काम नहीं कर रहा है, तो कोई बैरियर आपको रोकेगा नहीं, बल्कि वाहन मालिक (Vehicle Owner) के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ई-नोटिस (E-Notice) जारी हो जाएगा।
ई-नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर आपको बकाया टोल फीस का ऑनलाइन भुगतान करना अनिवार्य होगा।
यदि आप 72 घंटे में भुगतान नहीं करते हैं, तो आपको सामान्य टोल फीस का दोगुना (Double) जुर्माना भरना पड़ेगा।
ऐसा न करने पर आपका FASTag ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, साथ ही गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट भी रोका जा सकता है।
वाहन मालिक यह ई-नोटिस ट्रांसपोर्ट ई-फीस पोर्टल (Transport e-Fees Portal) या राजमार्गयात्रा ऐप (Rajmargyatra App) पर आसानी से देख सकते हैं और यहीं से अपनी फीस का भुगतान भी कर सकते हैं।

सभी नए-पुराने प्रोजेक्ट्स पर तुरंत लागू होगा आदेश
NHAI का यह नया आदेश भविष्य के सभी हाईवे प्रोजेक्ट्स पर तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिन हाईवे प्रोजेक्ट्स का टेंडर (Award) पहले ही हो चुका है, लेकिन टोल प्लाजा का कंस्ट्रक्शन अभी शुरू नहीं हुआ है, उन्हें भी अपने प्लान में बदलाव कर नए स्टैंडर्ड्स लागू करने होंगे। जो प्रोजेक्ट अभी DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) फेज में हैं, उनके बिडिंग डॉक्यूमेंट्स में यह नया लेआउट अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.