Car Me Sharab Le Jane Ke Niyam: दिवाली, छठ और शादियों जैसे त्योहारी सीजन (Festive Season) के दौरान लोग अक्सर अपने परिवार या दोस्तों के साथ अपनी निजी कार से लंबी यात्राएं करते हैं। ऐसे सफर में कई बार लोग अपनी कार की डिक्की में शराब की बोतलें (Alcohol Bottles) साथ रख लेते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी निजी गाड़ी (Private Vehicle) में शराब ले जाने को लेकर देश में बेहद सख्त कानून लागू हैं? आबकारी (Excise) नियमों और मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) की सही जानकारी न होने पर आपको न केवल भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि आपकी गाड़ी भी जब्त हो सकती है और आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶भारत में शराब से जुड़े नियम पूरे देश के लिए एक समान (केंद्रीय) नहीं हैं, बल्कि ये राज्यवार (State-specific) तय होते हैं। इसलिए, एक राज्य से दूसरे राज्य (Interstate Travel) में कार से यात्रा करते समय इन नियमों को समझना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कार में शराब ले जाने के क्या नियम हैं।
एक राज्य से दूसरे राज्य में शराब ले जाना पूरी तरह अवैध (Interstate Rules)
सबसे बड़ा और सख्त नियम यह है कि अगर आप अपनी कार से एक राज्य की सीमा पार करके दूसरे राज्य में जा रहे हैं, तो अपने साथ शराब ले जाना पूरी तरह से गैर-कानूनी (Illegal) है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›अगर आपने शराब की बोतल बिल्कुल सीलबंद (Sealed) भी खरीदी है, तो भी किसी दूसरे राज्य का बॉर्डर पार करते ही इसे सीधे तौर पर 'आबकारी टैक्स की चोरी' (Tax Evasion) और 'अवैध तस्करी' (Smuggling) माना जाता है।
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- उदाहरण: दिल्ली या हरियाणा (Haryana) से सस्ती शराब खरीदकर उसे कार से उत्तर प्रदेश (UP) ले जाने पर यूपी आबकारी अधिनियम के तहत सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज हो सकती है और आपका वाहन मौके पर ही सीज (Seize) किया जा सकता है।
राज्य के भीतर कार में कितनी शराब ले जा सकते हैं? (Intrastate Limit)
अगर आप उसी राज्य की सीमा के भीतर सफर कर रहे हैं जहां से आपने शराब खरीदी है, तो उसके लिए सीमित नियम हैं:
- अधिकांश राज्यों में एक व्यक्ति अपनी निजी कार में अधिकतम 1.5 से 2 लीटर शराब (यानी 2 बोतलें) बिना किसी विशेष परमिट या लाइसेंस के ले जा सकता है।
- खुली बोतल सख्त मना है: कार में (डिक्की हो या सीट) खुली हुई शराब की बोतल (Open Bottle) रखना सख्त मना है। पुलिस चेकिंग के दौरान अगर खुली बोतल मिलती है, तो इसे 'सार्वजनिक स्थान / कार में शराब पीने' की श्रेणी में माना जा सकता है, जो एक दंडनीय अपराध है।
ड्राई स्टेट्स (Dry States) में है पूर्ण प्रतिबंध
अगर आप भारत के उन राज्यों की ओर जा रहे हैं या वहां से केवल गुजर भी रहे हैं जहां पूर्ण शराब बंदी लागू है (जैसे- गुजरात, बिहार, नागालैंड या मिजोरम), तो आपको बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
इन राज्यों (Dry States) में प्रवेश करते समय आपकी कार में शराब की एक बूंद भी मिलना गंभीर कानूनी अपराध है। ऐसे राज्यों में सीधे तौर पर गैर-जमानती धाराएं (Non-Bailable Offense) लागू होती हैं, जिनमें बिना किसी छूट के वाहन जब्ती के साथ सख्त जेल की सजा का प्रावधान है।
शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drink and Drive Rule)
कार में शराब की मौजूदगी के साथ-साथ अगर गाड़ी चला रहे चालक के शरीर में शराब की मात्रा (Alcohol Level in Blood) पाई जाती है, तो मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) की धारा 185 के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जाती है।
- नियम क्या है? ब्रेथ एनालाइजर (Breathalyzer) टेस्ट में अगर चालक की सांस में अल्कोहल की मात्रा 30 mg प्रति 100 ml रक्त (Blood) से अधिक पाई जाती है, तो इसे 'ड्रिंक एंड ड्राइव' माना जाता है।
- पहली बार पकड़े जाने पर: ₹10,000 का भारी जुर्माना या 6 महीने तक की जेल (या दोनों) हो सकती है।
- दोबारा पकड़े जाने पर: जुर्माना ₹15,000 और 2 साल तक की जेल का प्रावधान है। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस आपका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) हमेशा के लिए सस्पेंड कर सकती है।
कार चालकों के लिए जरूरी एक्सपर्ट सलाह:
- बॉर्डर पार न करें: किसी भी स्थिति में अंतरराज्यीय बॉर्डर (Interstate Border) पार करते समय अपनी गाड़ी में शराब बिल्कुल न रखें।
- डिक्की का इस्तेमाल: अगर राज्य के भीतर शराब ले जा रहे हैं, तो बोतल की सील पैक होनी चाहिए और उसे हमेशा कार की डिक्की (Boot Space) में ही रखें, कैबिन में नहीं।
- रसीद साथ रखें: जहां से शराब खरीदी है, वहां का पक्का बिल (Original Bill) हमेशा अपने साथ रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आप उसे दिखा सकें।
डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह समाचार सामान्य जानकारी और केंद्रीय/राज्य आबकारी व मोटर वाहन नियमों पर आधारित है। शराब से जुड़े नियम हर राज्य में अलग-अलग होते हैं, इसलिए यात्रा से पहले अपने राज्य के स्थानीय आबकारी नियमों की पुष्टि अवश्य कर लें।
Sabse pehle comment karne wale banein.