भारत का पूर्वी तट एक बार फिर प्रकृति के कड़े इम्तिहान से गुजरने वाला है। बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में उठने वाले तूफानों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताज़ा Weather Update 2026 जारी करते हुए बताया है कि खाड़ी में बना गहरा दबाव का क्षेत्र अब एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है, जिसे 'मुरासु' (Cyclone Murasu) नाम दिया गया है। यह नया चक्रवात तटीय राज्यों के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभर रहा है।
3 नवंबर को आंध्र तट से टकराएगा मुरासु, 120 kmph की रफ्तार
मौसम विभाग के महानिदेशक और पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, चक्रवात मुरासु तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह 3 नवंबर 2026 (मंगलवार) की सुबह आंध्र प्रदेश के तट (Andhra Pradesh Coast) से टकरा सकता है।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶लैंडफॉल (Landfall) के दौरान हवाओं की रफ्तार बेहद विनाशकारी होने की आशंका है। अनुमान है कि तटीय इलाकों में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की निरंतर रफ्तार से हवाएं चलेंगी, और झोंकों के साथ (Gusts) यह गति 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रशासन ने मछुआरों को तुरंत वापस लौटने के निर्देश दिए हैं और तटीय इलाकों में एनडीआरएफ (NDRF) की कई अतिरिक्त टीमें तैनात कर दी गई हैं।
एक हफ्ते में दूसरा तूफान, 'अर्नब' के बाद 'मुरासु' का खौफ
भारत के मौसम इतिहास में यह एक दुर्लभ और चिंताजनक स्थिति है कि एक ही हफ्ते के भीतर बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा चक्रवाती तूफान उठा है। इससे ठीक पहले, 26 अक्टूबर को चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने जन्म लिया था, जो 28 अक्टूबर को आंध्र के तट से ही टकराया था। अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा (Odisha) और देश के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हुई थी।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›ओडिशा के तटीय जिले अर्नब से हुए भारी नुकसान से अभी तक उबर भी नहीं पाए हैं। गंजाम और गजपति जिलों में पिछले एक हफ्ते से बाढ़ (Floods) जैसे गंभीर हालात बने हुए हैं। नए तूफान मुरासु के कारण फिर से भारी बारिश होने की आशंका ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने निचले और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों को तुरंत खाली करने (Evacuation) के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं।
अगले 2 दिन के मौसम का अलर्ट (Weather Forecast)
आईएमडी ने मुरासु के खतरे को देखते हुए तटीय राज्यों के लिए विशेष बुलेटिन जारी किया है:
2 नवंबर (सोमवार): आंध्र प्रदेश में आंधी, तेज तूफान और भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया गया है। रायलसीमा क्षेत्र में 'ऑरेंज अलर्ट' है। इसके अलावा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, पुडुचेरी, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना के चलते 'यलो अलर्ट' (Yellow Alert) है।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →3 नवंबर (मंगलवार - लैंडफॉल का दिन): आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा में 'ऑरेंज अलर्ट' है, जहां 100 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी। वहीं, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, पुडुचेरी, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी रहेगा।
उत्तर और मध्य भारत के मौसम का हाल
चक्रवात का असर केवल तटीय राज्यों तक सीमित नहीं है, देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है:
बिहार (Bihar): मौसम विभाग ने रविवार को दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, नालंदा समेत 11 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात (Lightning) और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान (Rajasthan): राजस्थान में अर्नब चक्रवात का असर शनिवार से पूरी तरह खत्म हो गया है। जयपुर, कोटा समेत कई शहरों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगले 3-4 दिन आसमान साफ रहने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: पहाड़ों पर मौसम बदल रहा है। हिमाचल में आज और कल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी (Snowfall) के आसार हैं। वहीं, उत्तराखंड के 9 जिलों (उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग आदि) में बारिश का अलर्ट है और केदारनाथ (Kedarnath) में तापमान शून्य से काफी नीचे (-8°C) पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश (UP Winter): यूपी में 'अर्नब' के असर से हुई लगातार 3 दिन की बारिश ने कड़ाके की ठंड की शुरुआत कर दी है। दिन का तापमान 8°C तक गिर गया है। रविवार सुबह मेरठ (Meerut), लखनऊ, सहारनपुर, बागपत समेत 10 शहरों में घना कोहरा (Dense Fog) छाया रहा, जिससे दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह गई।
Sabse pehle comment karne wale banein.