Azam Khan ED Arrest News: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के कद्दावर नेता और उत्तर प्रदेश की सियासत का बड़ा चेहरा रहे आजम खान (Azam Khan) की मुश्किलें फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। एक तरफ जहां उन्हें कानूनी अड़चनों को पार कर जमानत मिली, वहीं दूसरी तरफ जेल के दरवाजे पर ही उनके लिए एक नया फंदा तैयार था।
जेल से रिहाई और कुछ ही मिनटों में ED की गिरफ्तारी
शनिवार (31 अक्टूबर) की दोपहर को आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (Abdullah Azam) की रामपुर जिला जेल (Rampur Jail) से रिहाई के परवाने (जमानत आदेश) जेल प्रशासन को प्राप्त हुए। आजम खान के कुल 51 मुकदमों और अब्दुल्ला के 40 मुकदमों में रिहाई के परवाने जारी होने के बाद, शाम को दोनों पिता-पुत्र जेल से बाहर निकले।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶अब्दुल्ला आजम तो जेल से बाहर आकर अपने घर पहुंच गए, जहां परिवार और समर्थकों ने रंग-बिरंगी झालरों से घर को सजाकर रिहाई का जश्न मनाया। लेकिन आजम खान की खुशी जेल के गेट पर ही धरी की धरी रह गई। रामपुर जेल से बाहर कदम रखते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED - Enforcement Directorate) की 16 सदस्यीय टीम ने उन्हें जौहर ट्रस्ट (Jauhar Trust) से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले में तुरंत कस्टडी में ले लिया। आजम के गिरफ्तार होते ही उनके समर्थकों में भारी मायूसी छा गई और जेल के बाहर हाईवोल्टेज हंगामा देखने को मिला।
गाजियाबाद PMLA कोर्ट में पेशी और 14 दिन की न्यायिक हिरासत
ईडी की टीम आजम खान को लेकर रविवार (1 नवंबर) सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद (Ghaziabad) की विशेष सीबीआई/पीएमएलए कोर्ट (PMLA Court) पहुंची। कोर्ट परिसर के बाहर आजम खान के समर्थकों और मीडिया की भारी भीड़ मौजूद थी, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›सुनवाई के बाद, अदालत ने ईडी के रिमांड अनुरोध को स्वीकार करते हुए आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। गाजियाबाद कोर्ट से उन्हें सीधे डासना जेल (Dasna Jail) भेज दिया गया है।
क्या है 494 करोड़ का 'जौहर ट्रस्ट गबन मामला'?
आजम खान के खिलाफ ईडी की यह कार्रवाई 2019 में दर्ज हुई एक शिकायत पर आधारित है।
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- यह पूरा मामला 'मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट' (Maulana Mohammad Ali Jauhar Trust) के नाम पर विश्वविद्यालय निर्माण के लिए जुटाए गए सरकारी और गैर-सरकारी धन के गबन से जुड़ा है।
- ईडी की जांच में सामने आया है कि जौहर ट्रस्ट के खातों से करीब 494 करोड़ रुपये का कोई हिसाब-किताब ही नहीं मिल रहा है।
- इसी मामले में 13 अक्टूबर 2026 को ईडी ने अजीमनगर थाने में आजम खान और उनके ट्रस्ट के खिलाफ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और रामपुर जेल में आकर उनसे कड़ी पूछताछ भी की थी।
"मुसलमान होने की सजा मिल रही है": आजम खान
शनिवार शाम को जब ईडी की टीम आजम खान को अपनी कार में बैठाकर ले जा रही थी, तब उन्होंने मीडिया के कैमरों की तरफ देखकर एक भावुक और राजनीतिक बयान दिया। आजम खान ने कहा, "हम मुसलमान हैं, हमें बस इसी बात की सजा मिल रही है।"
खबरीलाल न्यूज़ का Telegram चैनल जॉइन करें Join ›केशव प्रसाद मौर्य का तीखा पलटवार
आजम खान के इस बयान पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया, "मोहम्मद आजम खां को मुसलमान होने या विश्वविद्यालय बनाने की सजा बिल्कुल नहीं मिल रही है। उन्हें उनके द्वारा किए गए अपराधों और भ्रष्टाचार की सजा मिल रही है।"
केशव मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को भी निशाने पर लेते हुए कहा, "यदि श्री अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए, उनकी सरकार के कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां के कार्यकाल में इतनी बड़ी गड़बड़ियां और घपले हुए हैं, तो जांच के दायरे में अखिलेश यादव को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।"
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ईडी की रिमांड में आजम खान से पूछताछ के दौरान 494 करोड़ रुपये के गबन मामले में और क्या नए खुलासे होते हैं, और क्या यह आंच अखिलेश यादव तक भी पहुंचती है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह समाचार ईडी की कार्रवाई, गाजियाबाद कोर्ट के आदेश और विभिन्न नेताओं द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयानों पर आधारित है।
Sabse pehle comment karne wale banein.