भारत में रेलवे के आधुनिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और बिहार (Bihar) के निवासियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक बहुत बड़ा तोहफा दिया है। देश में बुलेट ट्रेन (Bullet Train) का सपना अब सिर्फ गुजरात या महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही यूपी के प्रमुख शहरों— कानपुर, लखनऊ, अयोध्या और काशी (वाराणसी) के रूट पर भी हाई-स्पीड रेल (High-Speed Rail) फर्राटा भरती नजर आएगी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने शनिवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना, 'नॉर्दर्न कॉरिडोर' (Northern Corridor), की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली से यूपी और बिहार को जोड़ने वाले इस नेटवर्क का काम तेजी से शुरू होने जा रहा है।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

व्यापार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

केंद्रीय रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विकसित होने से केवल यातायात ही सुगम नहीं होगा, बल्कि इसका सीधा फायदा व्यापार (Business) और देश की बड़ी अर्थव्यवस्था (Economy) को मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

नॉर्दर्न कॉरिडोर के तहत दिल्ली (Delhi) से लेकर कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और बिहार की राजधानी पटना (Patna) को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ने का काम बहुत जल्द शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से इन राज्यों में निवेश बढ़ेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह प्रोजेक्ट दशकों तक इन राज्यों की अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा।

क्या है नॉर्दर्न हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का रूट?

इस प्रस्तावित 'नॉर्दर्न हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर' का रूट बेहद रणनीतिक और अहम शहरों को जोड़ते हुए तैयार किया गया है:

  • इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की शुरुआत देश की राजधानी नई दिल्ली से होगी।

  • इसके बाद यह ट्रेन ताज नगरी आगरा (Agra) पहुंचेगी।

  • आगरा से यह ट्रेन उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर (Kanpur) और फिर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) जाएगी।

  • लखनऊ के बाद यह ट्रेन श्रीराम की नगरी अयोध्या (Ayodhya) और बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (Varanasi) को जोड़ेगी।

  • वाराणसी से इस हाई-स्पीड नेटवर्क का विस्तार बिहार की राजधानी पटना (Patna) तक किया जाएगा।

  • भविष्य में इस कॉरिडोर को असम के गुवाहाटी (Guwahati) तक ले जाने का प्रस्ताव है।

दिल्ली से वाराणसी सिर्फ 3 घंटे 33 मिनट में

इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा सफर में लगने वाले समय (Travel Time) की भारी बचत के रूप में होगा। वर्तमान में दिल्ली से वाराणसी के बीच सड़क या सामान्य रेल मार्ग से सफर करने में 10 से 12 घंटे का लंबा समय लगता है। लेकिन बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद, दिल्ली से वाराणसी की यह दूरी महज 3 घंटे 33 मिनट में पूरी की जा सकेगी। वहीं, वाराणसी से पटना पहुंचने में यात्रियों को केवल करीब 1 घंटे का समय लगेगा।

इन प्रमुख रूटों पर भी बचेगा भारी समय

रेल मंत्री के मुताबिक, नॉर्दर्न कॉरिडोर (Northern Corridor) के शुरू होने के बाद यूपी के विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का समय इस प्रकार कम हो जाएगा:

  • दिल्ली से आगरा: मात्र 59 मिनट।

  • दिल्ली से कानपुर: 1 घंटा 45 मिनट।

  • दिल्ली से लखनऊ: केवल 2 घंटे 12 मिनट।

  • वाराणसी से लखनऊ: 1 घंटा 21 मिनट।

  • वाराणसी से प्रयागराज: मात्र 33 मिनट।

  • वाराणसी से आगरा: 2 घंटे 34 मिनट।

इस प्रोजेक्ट के लिए जमीनी स्तर पर सर्वे और डीपीआर (DPR - Detailed Project Report) का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बुलेट ट्रेन की यह सौगात उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें