भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। मौसम 28 जून के पूर्वानुमान के अनुसार, देश के 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी (Alert) जारी की गई है। जैसे-जैसे दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के अधिकांश हिस्सों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बहुत तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश होने की प्रबल उम्मीद है। इस दौरान कई मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Squally winds) भी चल सकती हैं, जो जनजीवन और यातायात को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकती हैं। मानसून की यह सक्रियता जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत दिलाएगी, वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों के लिए जलभराव और बाढ़ जैसी प्राकृतिक चुनौतियां भी खड़ी कर सकती है।READ ALSO:-सोनीपत सड़क हादसा: मेरठ से कैथल जा रही कार ट्रक से टकराई, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर मौत, एक गंभीर रूप से घायल
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दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्तमान स्थिति और प्रभाव

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इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली मानसूनी हवाओं के कारण एक मजबूत सिस्टम बन रहा है। यह सिस्टम ही देश के 16 राज्यों में भारी बारिश का मुख्य कारण है। अगले तीन से चार दिनों में मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह से छा जाने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसका सीधा असर यह होगा कि मानसून के आगे बढ़ने वाले इन क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट आएगी और हवा की गुणवत्ता (AQI) में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
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दिल्ली-NCR और मैदानी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर (NCR - नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम) के इलाकों में रहने वाले लोगों को बीते कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली-NCR में 28 जून को पूरे दिन आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से लेकर मध्यम स्तर की रुक-रुक कर बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। बारिश की वजह से दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी की चुभन से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, तेज हवा (जिसकी गति 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है) और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को बेवजह घर से न निकलने और सावधानी बरतने की सख्त सलाह दी है।
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पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और झारखंड जैसे मैदानी राज्यों में भी तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के विस्तृत पूर्वानुमान के अनुसार, पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और बठिंडा में 28 जून से बारिश का यह दौर शुरू होकर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। इन इलाकों में किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी गई है, क्योंकि आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी पूरा अंदेशा है।
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यूपी और बिहार का मौसम 28 जून: एक तरफ बारिश, दूसरी तरफ हीटवेव

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उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए मानसून का यह दौर एक मिला-जुला असर (Mixed weather pattern) लेकर आ रहा है। जहां एक ओर बादलों के बरसने से कुछ जिलों में मौसम सुहावना हो जाएगा, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में अभी भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का जानलेवा प्रकोप जारी रहेगा। मौसम 28 जून की विशेष बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है, जिससे वहां के तापमान में 6 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की शानदार गिरावट आ सकती है। लेकिन, पूर्वी यूपी के कई जिलों में अभी भी मानसूनी फुहारों का लंबा इंतजार है।
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मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में भीषण हीटवेव का अलर्ट जारी रखा है। इन जिलों में तापमान अभी भी 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों को दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच घरों से बाहर न निकलने, सूती कपड़े पहनने और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों (पानी, नींबू पानी, ओआरएस) का सेवन करने की एडवाइजरी जारी की है।
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वहीं, बात अगर पड़ोसी राज्य बिहार की करें, तो वहां के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश आ सकती है। विशेषकर उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि दक्षिण-पश्चिम बिहार में शुरुआती कुछ दिनों तक हीटवेव का आंशिक असर बना रह सकता है।
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पहाड़ी राज्यों में मौसम का रौद्र रूप: भूस्खलन और अचानक बाढ़ का अलर्ट

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पहाड़ी राज्यों में मानसून की बारिश अक्सर अपने साथ कई डरावनी प्राकृतिक चुनौतियां लेकर आती है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की वजह से भूस्खलन (Landslides), चट्टानें खिसकने और नदी-नालों का अचानक जलस्तर बढ़ने (Flash Floods) का गंभीर और जानलेवा खतरा मंडरा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और आवासीय जिलों जैसे शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और निवासियों को बहती नदियों और कच्चे पहाड़ी किनारों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है। इसी तरह, देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली, और पिथौरागढ़ समेत कई पहाड़ी जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है।
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जम्मू-कश्मीर की बात करें तो, जम्मू संभाग, कश्मीर घाटी के श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला और कठुआ में भी बारिश का सिलसिला बिना रुके जारी रहेगा। चारधाम यात्रा और अन्य पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को मौसम की ताज़ा और सटीक जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा शुरू करने या सुरक्षित स्थानों पर ठहर जाने की सलाह दी गई है।
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किसानों और खुले में काम करने वालों के लिए IMD की विशेष सलाह
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भारत जैसे कृषि प्रधान देश में मानसून की बारिश खेती-किसानी के लिए अमृत मानी जाती है, लेकिन इसके साथ आने वाला प्रचंड आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (Lightning) का खतरा किसी आपदा से कम नहीं होता। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने विशेष रूप से किसानों और खुले स्थानों (Open fields and construction sites) पर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों को मौसम 28 जून की इस बदलती स्थिति पर पैनी नजर रखने की सलाह दी है।
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किसानों को स्पष्ट सुझाव दिया गया है कि जब भी आसमान में घने काले बादल छाएं या बिजली कड़कने की तेज आवाजें आ रही हों, तो अपने खेतों का काम तुरंत रोककर किसी पक्के मकान या सुरक्षित आश्रय स्थल में चले जाएं। किसी भी कीमत पर पेड़ों के नीचे, बिजली के ट्रांसफॉर्मर या खंभों के पास, और पानी से भरे हुए खेतों में खड़े न रहें, क्योंकि ऐसे स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है। इसके अलावा, तेज रफ्तार हवाओं (40-60 kmph) के कारण कमजोर छप्पर वाले घरों, टीन शेड और खड़ी कच्ची फसलों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए पहले से ही इनके बचाव के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित कर लेने चाहिए।
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संपूर्ण विश्लेषण के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि, मौसम 28 जून भारत के एक बहुत बड़े भौगोलिक हिस्से के लिए बारिश, आंधी और लंबे समय से चल रही हीटवेव से राहत का बड़ा पैगाम लेकर आ रहा है। IMD द्वारा 16 अलग-अलग राज्यों में जारी किया गया यह विस्तृत अलर्ट इस बात की साफ गवाही देता है कि मानसून अब पूरे देश में अपनी सक्रियता के चरम (Active phase) पर पहुंच रहा है। दिल्ली, यूपी, बिहार के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और संवेदनशील पहाड़ी राज्यों के नागरिकों को मौसम के इस तेजी से बदलते मिजाज के बीच अत्यधिक सतर्क और जिम्मेदार रहने की आवश्यकता है। एक ओर जहां यह झमाझम बारिश सूखे खेतों की प्यास बुझाएगी और चिलचिलाती गर्मी से राहत दिलाएगी, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक घटनाएं नई मुश्किलें भी पैदा कर सकती हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और मौसम विभाग हर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आम जनता से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, और मौसम विभाग के हर ताजा अपडेट से जुड़े रहकर सुरक्षित रहें।
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