Delhi Haridwar Expressway Update: दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों और श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। अब आपको दिल्ली से धर्मनगरी हरिद्वार (Haridwar) पहुंचने के लिए 4 से 5 घंटे के थकाऊ सफर और भारी ट्रैफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।

दिल्ली से हरिद्वार का सफर जल्द ही महज 90 मिनट (1.5 घंटे) में पूरा हो जाएगा। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Economic Corridor) के तहत हलगोया से हरिद्वार तक बना नया सिक्स-लेन एक्सेस कंट्रोल हाईवे (Six-Lane Highway) नवंबर के आखिरी हफ्ते में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

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​1500 करोड़ की लागत, खत्म होगा रुड़की-बहादराबाद का महाजाम

करीब 1500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहे इस 51 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से वर्तमान में सुरक्षा मानकों की जांच और फिनिशिंग का काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जा रहा है।

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अभी दिल्ली से हरिद्वार जाने के लिए मुजफ्फरनगर-रुड़की (पुराने NH-58) रूट का इस्तेमाल करना पड़ता है, जहाँ रुड़की (Roorkee) और बहादराबाद (Bahadrabad) में भीषण ट्रैफिक जाम लगता है। इस नए हाईवे के खुलने से यात्रियों को इस जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

​कहां से कहां तक है यह नया 'हलगोया-हरिद्वार' रूट?

यह लिंक मार्ग उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले (Saharanpur) में बड़गांव के पास स्थित 'हलगोया मुस्तहकम' (Halgoya) गांव से शुरू होता है।

  • ​यूपी और उत्तराखंड का संगम: सहारनपुर जिले में इस हाईवे की कुल लंबाई 19 किलोमीटर है और यह 17 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरता है। यहां से यह हाईवे सीधे उत्तराखंड में एंट्री करता है और सलीयर, मेहवड़ कलां, रहमतपुर से होते हुए नेशनल हाईवे-334 से जुड़कर बहादराबाद तक जाता है।
  • ​सिक्स-लेन एक्सेस कंट्रोल: यह पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल हाईवे है, जिसका मतलब है कि गाड़ियां कहीं से भी हाईवे पर नहीं चढ़ सकेंगी। दुर्घटनाओं को रोकने और हाई-स्पीड बनाए रखने के लिए इस 51 KM लंबे रास्ते पर सिर्फ 2 जगहों पर ही एंट्री-एग्जिट (Entry/Exit) इंटरचेंज दिए गए हैं:
    1. ​उत्तर प्रदेश के नागल में (8वें किलोमीटर पर)
    2. ​उत्तराखंड के सलीयर में (32वें किलोमीटर पर)

​दिल्ली से कैसे तय होगा 90 मिनट में सफर?

वर्तमान में दिल्ली के लोगों को मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) या पुराने NH-58 से होकर गुजरना पड़ता है, जिसमें 3 से 5 घंटे तक का समय लगता है। लेकिन इस नए रूट के शुरू होने के बाद यात्रा का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।

दिल्ली के अक्षरधाम (Akshardham) से चलकर यात्री बागपत और शामली (Shamli) होते हुए सुपरफास्ट कॉरिडोर के जरिए सीधे हलगोया पहुंचेंगे। वहां से इस नए सिक्स-लेन लिंक मार्ग पर चढ़कर बिना किसी शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे हरिद्वार का सफर 90 मिनट में पूरा कर लेंगे। हरिद्वार से आगे ऋषिकेश (Rishikesh) तक की कनेक्टिविटी भी इससे काफी बेहतर और तेज हो जाएगी।

​2027 के महाकुंभ के लिए वरदान साबित होगा हाईवे

NHAI ने इस हाईवे को बेहद खास तरीके से डिजाइन किया है:

  • ​51 किलोमीटर के इस सफर में 6 बड़े पुल (Bridges) और 6 फ्लाईओवर (Flyovers) बनाए गए हैं।
  • ​उत्तराखंड के बढ़ेड़ी के पास ट्रैफिक को सुगम बनाए रखने के लिए 870 मीटर लंबा एलिवेटेड रोड (Elevated Road) भी तैयार किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2027 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ (Haridwar Mahakumbh 2027) के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह नया रूट सबसे बेहतरीन विकल्प और किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं होगा।

​डिस्क्लेमर (Disclaimer):

यह समाचार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय की आधिकारिक परियोजनाओं और अपडेट्स पर आधारित है।

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