उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से लौट रहा हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। चाई गांव के ऊपर पहाड़ी क्षेत्र में हुए इस हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और एक पायलट सवार थे। मृतकों में चार यात्री कर्नाटक के बेंगलुरु क्षेत्र के रहने वाले थे, जबकि एक यात्री का संबंध तुमकुर जिले से बताया गया है। हेलीकॉप्टर का पायलट दिल्ली का रहने वाला था। हादसे के समय क्षेत्र में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी थी। प्रारंभिक जानकारी में खराब मौसम को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि हेलीकॉप्टर पहाड़ी से कैसे टकराया और दुर्घटना से ठीक पहले उसमें क्या तकनीकी स्थिति थी, इसकी जांच की जाएगी।

हादसे के बाद सेना, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। तलाशी अभियान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा मिला। अधिकारियों ने सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की। हादसे के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानें रोक दीं।

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बदरीनाथ से देहरादून के लिए भरी थी उड़ान

जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर निजी विमानन कंपनी ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का था। इसका कॉल साइन VT-HCX था। हेलीकॉप्टर ने शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरी थी।

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हेलीकॉप्टर को जोशीमठ घाटी से होकर गुजरना था। इसी दौरान उड़ान की निगरानी कर रहे सिस्टम पर उसका लोकेशन दिखना बंद हो गया। हेलीकॉप्टर से संपर्क भी टूट गया। इसके बाद विमानन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई।

दोपहर करीब 2:21 बजे जोशीमठ के उपजिलाधिकारी की ओर से पुलिस को चाई गांव के ऊपर हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। स्थानीय स्तर पर पहाड़ी क्षेत्र में धुआं उठता दिखाई देने की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने संभावित दुर्घटनास्थल की तलाश तेज कर दी।

हेलीकॉप्टर का अंतिम लोकेशन जोशीमठ घाटी के आसपास मिला था। तलाशी के दौरान चाई गांव के ऊपर जेपी डैम के निकट जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में उसका मलबा मिला। शुरुआती जानकारी में हेलीकॉप्टर के पहाड़ी से टकराने की बात सामने आई है।

खराब मौसम को माना जा रहा हादसे की संभावित वजह

हादसे के दिन चमोली जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अक्टूबर के लिए चमोली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इसमें कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी।

इसके अलावा जिले में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान था। बदरीनाथ से जोशीमठ के बीच के मार्ग पर बारिश के साथ हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई थी। आसपास के ऊंचे इलाकों में मौसम लगातार बदल रहा था।

ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि खराब मौसम के कारण पायलट को पहाड़ी क्षेत्र में उड़ान के दौरान दृश्यता संबंधी परेशानी हुई होगी। तेज हवाओं और बादलों की वजह से हेलीकॉप्टर का संतुलन या दिशा प्रभावित होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि अभी यह केवल संभावित कारण हैं। मौसम खराब होने के बावजूद उड़ान क्यों जारी रही, पायलट को मौसम की कितनी जानकारी थी और क्या उड़ान के दौरान कोई तकनीकी खराबी आई थी, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिलेंगे।

पायलट हिमांशु सभरवाल समेत छह लोगों की पहचान

हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की पहचान सामने आई है। इनमें पांच यात्री और एक पायलट शामिल हैं।

1. हिमांशु सभरवाल (48 वर्ष), पायलट: हिमांशु सभरवाल हेलीकॉप्टर उड़ा रहे थे। वह पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम वाईएन सभरवाल बताया गया है।

2. प्रताप बच्चिहल्ली निंगराजू (41 वर्ष): वह कर्नाटक के बेंगलुरु में जक्कूर पोस्ट के अंतर्गत चोक्कनहल्ली स्थित कृष्णा नॉर्थ वुड्स के निवासी थे।

3. अरुण सालुंके (44 वर्ष): वह बेंगलुरु के राममूर्ति नगर स्थित वैष्णो सॉलिटेयर अपार्टमेंट के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम मनोहर सालुंके बताया गया है।

4. सुधीर के. (49 वर्ष): वह बेंगलुरु के नगरभावी स्थित एनजीईएफ लेआउट के निवासी थे। उनके पिता का नाम मल्लेशप्पा केएच था।

5. एचएस नटराज (51 वर्ष): वह कर्नाटक के तुमकुर जिले के कुनिगल तालुक में हुलियुरुदुर्गा होबली के हलेपेटे क्षेत्र के निवासी थे। उनके पिता का नाम स्वर्गीय सकन्ना बताया गया है।

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