उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में नशे के अवैध कारोबार और युवाओं की नसों में जहर घोलने वाले माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक की है। बिजनौर जिले के हल्दौर थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खरीद-फरोख्त और सप्लाई करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। Bijnor Drug Smuggling Case के तहत पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13.99 लाख रुपये का भारी-भरकम कैश, एक कार और एक लाख से अधिक नशीले कैप्सूल व दवाइयां बरामद की हैं। यह गिरोह मेडिकल स्टोरों की आड़ में इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा था।

शरीफपुर नहर पुलिया पर चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ जैसी स्थिति

हल्दौर पुलिस द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, जिले में अपराध रोकने और नशीले पदार्थों (Narcotics) की बिक्री व परिवहन करने वालों के खिलाफ उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के क्रम में हल्दौर पुलिस की एक विशेष टीम शरीफपुर नहर पुलिया के पास संदिग्ध वाहनों की बैरिकेडिंग लगाकर चेकिंग कर रही थी।

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इसी दौरान, पुलिस टीम ने एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार (Swift Car) को जांच के लिए रोकने का इशारा किया। लेकिन रुकने के बजाय, कार में सवार दो व्यक्तियों ने घबराकर गाड़ी की रफ्तार तेज कर दी और बैरिकेडिंग तोड़कर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर कार को घेरकर रोक लिया। जब कार की तलाशी ली गई, तो उसमें से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कैप्सूल, अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां और कोडीन सिरप बरामद हुआ। मौके से कार सवार हर्ष ढाका और रितिक कुमार (दोनों बिजनौर निवासी) को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के बाद शेरपुर कल्याण अड्डे पर हुई छापेमारी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने हर्ष ढाका और रितिक कुमार से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों तस्कर टूट गए और उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके दो अन्य साथी इस माल की डिलीवरी और कैश के लेनदेन के लिए शेरपुर कल्याण अड्डे पर उनका इंतजार कर रहे हैं।

इस खुफिया जानकारी के मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए शेरपुर कल्याण अड्डे पर स्थित यात्री शेड (Passenger Shed) की घेराबंदी कर ली। वहां से पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान सुहैल (पुत्र गफ्फार अहमद, निवासी मोहल्ला शाहचंदन, थाना चांदपुर) और आयान (पुत्र मोहम्मद नसीर, निवासी ग्राम पीपली जट, थाना हीमपुर दीपा, बिजनौर) के रूप में हुई है।

1 लाख से ज्यादा कैप्सूल और 13.99 लाख रुपये कैश बरामद

हल्दौर पुलिस ने इन चारों शातिर आरोपियों के कब्जे से नशे की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की है, जो बाजार में खपाने के लिए तैयार थी। पुलिस द्वारा दी गई रिकवरी सूची इस प्रकार है:

  • 1,00,800 प्रतिबंधित कैप्सूल: प्रेस नोट में इन्हें Acetaminophen Capsules के रूप में दर्ज किया गया है।

  • 7,200 प्रतिबंधित टैबलेट: पुलिस ने इन्हें नशीली अल्प्राजोलम (Alprazolam) टैबलेट बताया है।

  • 30 शीशी: नशीला कोडीन सिरप (Codeine Syrup)।

  • 13,99,100 रुपये नकद (Cash): यह भारी भरकम रकम हवाला या ड्रग्स की खरीद-फरोख्त की बताई जा रही है।

  • एक वाहन: सफेद रंग की स्विफ्ट कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UP16AM5383), जिसका इस्तेमाल दवाओं की सप्लाई में होता था।

  • एक मोबाइल फोन।

मेडिकल स्टोरों पर होती थी सप्लाई, नई खेप लाने की थी तैयारी

पुलिस प्रेस नोट में दर्ज पूछताछ के विवरण के अनुसार, आरोपियों ने अपना जुर्म कबूलते हुए कथित तौर पर बताया कि वे काफी लंबे समय से एक सुनियोजित और योजनाबद्ध तरीके से प्रतिबंधित दवाओं की खरीद-फरोख्त का काम कर रहे थे।

इनका नेटवर्क बेहद शातिर था। आरोपी स्विफ्ट कार के जरिए रात के अंधेरे में बिजनौर और आसपास के जनपदों के विभिन्न मेडिकल स्टोरों तक नशीली दवाएं पहुंचाते थे। इस अवैध कारोबार से जो भी मोटी रकम मिलती थी, उसे चारों आरोपी आपस में बराबर बांट लेते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से जो 13,99,100 रुपये का भारी कैश बरामद हुआ है, उससे वे नशे की एक और बड़ी खेप (Consignment) खरीदने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही हल्दौर पुलिस ने उनके नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया।

NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, पुलिस टीम को बधाई

इस गंभीर मामले में थाना हल्दौर में मुकदमा संख्या 291/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सख्त धारा 8/21 के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक (SI) प्रवीण कुमार, कांस्टेबल गंगाधर, कांस्टेबल टींकू कुमार और कांस्टेबल अंकित तोमर शामिल रहे। इन सभी की कार्यकुशलता की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की गई है।

(नोट: यह विवरण पुलिस पूछताछ और प्रेस नोट पर आधारित है। मामलों में अंतिम निष्कर्ष और दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।)

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