उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक हैरान करने वाली चोरी की घटना सामने आई है, जहां अपनी ही बहन के घर को निशाना बनाया गया। बिजनौर की शेरकोट थाना पुलिस ने ग्राम मिर्जापुर में एक घर की अलमारी का लॉकर तोड़कर 1.50 लाख रुपये नकद और आभूषण चोरी करने के मामले का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस Bijnor Theft Case में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी की वारदात में एक बाल अपचारी (Minor) भी शामिल था, जिसे पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। इस बाल अपचारी ने चोरी के हिस्से में आए पैसों से अपना शौक पूरा करने के लिए एक महंगा आईफोन (iPhone) खरीद लिया था।

क्या था पूरा मामला?

शेरकोट पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को बिजनौर के कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम इब्राहिमपुर खंडसाल निवासी अंकित त्यागी (पुत्र बहादुर त्यागी) ने थाने में लिखित शिकायत (तहरीर) दी थी। अंकित ने अपनी शिकायत में बताया था कि 26 अक्टूबर को ग्राम मिर्जापुर में स्थित उनकी बहन के घर में अज्ञात लोगों ने धावा बोल दिया।

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चोरों ने घर में घुसकर अलमारी के लॉकर का ताला तोड़ दिया और अंदर रखे 1.50 लाख रुपये नकद (Cash) के साथ-साथ सोने और चांदी के कीमती आभूषण चुरा लिए थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना शेरकोट पुलिस ने तुरंत मुकदमा संख्या 205/2026 दर्ज कर लिया। शुरुआत में यह मामला अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(a) और 331(4) के तहत दर्ज किया गया था।

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दो आरोपी गिरफ्तार, बाल अपचारी कस्टडी में

मामले के खुलासे के लिए थानाध्यक्ष रामप्रताप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से 30 अक्टूबर को ग्राम मिर्जापुर के ही रहने वाले अर्जुन (पुत्र अनिल) और प्रियांशु त्यागी (पुत्र राजीव त्यागी) को गिरफ्तार कर लिया।

इस वारदात में शामिल एक बाल अपचारी को भी बाल कल्याण समिति के दिशा-निर्देशों के तहत पुलिस अभिरक्षा (Police Custody) में लिया गया है। पुलिस की सघन पूछताछ के बाद, बरामदगी के आधार पर इस मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराएं 317(2) और 3(5) भी बढ़ा दी गई हैं।

चोरी का 'फिल्मी' तरीका आया सामने

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चोरी का पूरा तरीका (Modus Operandi) बताया। आरोपियों ने खुलासा किया कि 26 और 27 अक्टूबर की दरमियानी रात को उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, योजनाबद्ध तरीके से एक आरोपी अलमारी का ताला तोड़कर घर के अंदर से नकदी और आभूषण समेट रहा था, जबकि बाकी दो लोग (जिसमें बाल अपचारी भी शामिल था) घर के बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे ताकि कोई उन्हें देख न ले। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने पैसों और जेवरों का आपस में बंटवारा कर लिया।

चोरी के पैसों से खरीदा 82 हजार का आईफोन!

पूछताछ में सबसे हैरान करने वाला खुलासा तब हुआ जब बाल अपचारी ने बताया कि चोरी के हिस्से में आए पैसों से उसने अपना शौक पूरा करने के लिए 82 हजार रुपये का एक महंगा 'आईफोन' (iPhone) खरीदा था। कुछ पैसे पायल के बंटवारे और खाने-पीने की ऐश-मौज पर खर्च कर दिए गए थे।

पुलिस ने आरोपियों से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • एक पीली धातु का मंगलसूत्र (Mangalsutra)।

  • सफेद धातु की छह जोड़ी पायल।

  • 60,000 रुपये नकद।

  • चोरी के पैसों से खरीदा गया एक ब्रांड न्यू आईफोन।

थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस की त्वरित कार्रवाई

इस चोरी कांड का इतनी जल्दी खुलासा करने में शेरकोट थानाध्यक्ष रामप्रताप सिंह की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। इस सफल ऑपरेशन में उपनिरीक्षक (SI) हरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह, कांस्टेबल सत्येंद्र कुमार, अमन खैवाल और आकाश कुमार शामिल थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बाल अपचारी को किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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