उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले में कानून-व्यवस्था और अपराधियों के दुस्साहस को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कुछ समय पहले मेरठ शहर को झकझोर कर रख देने वाले बहुचर्चित Meerut Crime News 'नीला ड्रम कांड' (Neela Drum Kand) की आग अभी पूरी तरह से ठंडी भी नहीं हुई थी कि इस खौफनाक हत्याकांड के तार एक बार फिर से जुड़ने लगे हैं। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अपनी जान गंवाने वाले मृतक सौरभ राजपूत के बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की एक बेहद खतरनाक साजिश रची गई है। बुधवार की देर रात दिल्ली रोड पर राहुल को एक अज्ञात तेज रफ्तार कार ने न केवल जोरदार टक्कर मारी, बल्कि उन्हें पूरी तरह कुचलकर मौत के घाट उतारने का क्रूर प्रयास भी किया गया।
पीड़ित राहुल ने इस घटना को एक सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से साफ इनकार कर दिया है। उनका स्पष्ट और सीधा आरोप है कि यह उनके भाई के हत्यारों द्वारा उन्हें रास्ते से हटाने और कोर्ट में चल रहे केस की पैरवी को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश है। राहुल ने इस जानलेवा हमले के पीछे मुख्य रूप से मुस्कान और साहिल पक्ष पर गहरा शक जताया है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
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यह पूरी खौफनाक वारदात बुधवार रात करीब 11 बजे की है। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, मृतक सौरभ राजपूत के बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू किसी जरूरी काम से मेरठ के व्यस्ततम दिल्ली रोड (Delhi Road) स्थित बहादुर मोटर्स के पास खड़े हुए थे। रात का समय होने के कारण सड़क पर यातायात काफी कम था और आसपास सन्नाटा पसरने लगा था। राहुल के मुताबिक, वह सड़क किनारे बिल्कुल सुरक्षित स्थान पर खड़े थे, तभी अचानक एक अज्ञात कार तेज रफ्तार से उनकी तरफ आई। कार चालक ने जानबूझकर गाड़ी का स्टेयरिंग राहुल की दिशा में मोड़ा और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि राहुल खुद को संभाल नहीं पाए और छिटक कर वहीं पक्की सड़क पर जा गिरे।
दोबारा गाड़ी बैक कर कुचलने का किया गया खौफनाक प्रयास
इस घटना का सबसे डरावना पहलू टक्कर लगने के बाद सामने आया। राहुल का आरोप है कि टक्कर मारने के बाद कार चालक ने अपनी गाड़ी रोकने या वहां से भागने के बजाय गाड़ी को तेजी से पीछे (Reverse) किया। चालक का स्पष्ट इरादा सड़क पर घायल अवस्था में गिरे हुए राहुल के ऊपर कार का पहिया चढ़ाकर उन्हें पूरी तरह से कुचलने और उनकी जान लेने का था। मौत को अपने इतने करीब देखकर राहुल ने अदम्य साहस दिखाया। अपनी जान बचाने के लिए वह दर्द से कराहते हुए तुरंत सड़क से उठे और लड़खड़ाते हुए पास की ही एक संकरी गली में भाग गए। गली में घुसने के बाद राहुल ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर जब तक आसपास के लोग बाहर आते, कार सवार हमलावर अपने मंसूबों में नाकाम होता देख वहां से तेजी से फरार हो गया।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›पसलियों और पैरों में गंभीर चोटें, परिवार में दहशत का माहौल
गली में छिपकर अपनी जान बचाने के बाद बदहवास राहुल ने तुरंत अपने मोबाइल फोन से अपने परिवार और कुछ करीबी दोस्तों को इस जानलेवा हमले की सूचना दी। आधी रात को इस खबर को सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे। सड़क पर गिरने और कार की भीषण टक्कर लगने के कारण राहुल के शरीर पर कई गंभीर चोटें आई थीं। उनके पैर, हाथ और विशेषकर पसलियों (Ribs) में गहरी चोटें लगी थीं। परिजनों ने बिना कोई समय गंवाए राहुल को तुरंत मेरठ के एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार (First Aid) किया। कई तरह की मेडिकल जांच के बाद, जब यह सुनिश्चित हो गया कि कोई अंदरूनी रक्तस्राव नहीं है, तब डॉक्टरों ने राहुल को घर भेज दिया।
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'यह कोई सड़क हादसा नहीं, बल्कि हत्या की साजिश है'
अस्पताल से घर लौटने के बाद राहुल ने मीडिया और पुलिस के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि यह कोई हिट-एंड-रन (Hit and Run) का मामला नहीं था। राहुल का कहना है, "मेरे भाई सौरभ की पहले ही बड़ी बेरहमी से हत्या की जा चुकी है। हम उस केस में न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। बुधवार रात की घटना सिर्फ मुझे डराने के लिए नहीं, बल्कि मेरी हत्या करने के इरादे से की गई थी। कार चालक का गाड़ी को वापस पीछे लाना यह साबित करता है कि वह मुझे जिंदा नहीं छोड़ना चाहता था।" राहुल ने पुलिस प्रशासन के सामने मुस्कान या साहिल पक्ष पर इस साजिश को रचने का शक जाहिर किया है।
क्या था मेरठ का रोंगटे खड़े कर देने वाला नीला ड्रम कांड?
इस नए जानलेवा हमले की पूरी क्रोनोलॉजी को समझने के लिए मेरठ के उस बहुचर्चित 'नीला ड्रम कांड' (Neela Drum Kand) को जानना बेहद जरूरी है। कुछ समय पूर्व मेरठ पुलिस को एक बंद नीले रंग के प्लास्टिक के ड्रम में एक युवक की सड़ी-गली लाश मिली थी। पुलिस की कड़ी तफ्तीश के बाद उस शव की शिनाख्त सौरभ राजपूत के रूप में हुई थी, जो इसी राहुल का छोटा भाई था। पुलिस जांच में इस हत्याकांड के तार एक प्रेम प्रसंग और गहरी रंजिश से जुड़े हुए पाए गए थे। इस निर्मम हत्याकांड में मुस्कान नामक एक युवती और उसके करीबी साहिल का नाम प्रमुखता से सामने आया था। सौरभ की हत्या के बाद से ही राहुल इस केस में मुख्य पैरोकार है और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।
गवाहों की सुरक्षा पर उठे सवाल, पुलिस से सीसीटीवी खंगालने की मांग
राहुल के साथ हुई इस घटना ने साबित कर दिया है कि अपराधी कानून के खौफ से बेपरवाह होकर सड़कों पर सरेआम गवाहों को कुचलने की हिम्मत रखते हैं। राहुल की शिकायत के बाद मेरठ पुलिस (Meerut Police) महकमे में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एक विशेष टीम दिल्ली रोड और बहादुर मोटर्स के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है, ताकि उस अज्ञात कार और उसके चालक की पहचान की जा सके। पीड़ित परिवार ने एसएसपी (SSP) से लिखित में मांग की है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए, ताकि वे बिना किसी खौफ के अपने भाई को न्याय दिला सकें।
DISCLAIMER (अस्वीकरण): यह समाचार पीड़ित राहुल उर्फ बबलू द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस में की गई शिकायत पर आधारित है। घटना में मुस्कान-साहिल पक्ष की संलिप्तता का दावा पीड़ित पक्ष का है, जो वर्तमान में पुलिस जांच का विषय है। Khabreelal किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष ठहराने का दावा नहीं करता है। पुलिस जांच के बाद ही अंतिम सत्य की पुष्टि हो सकेगी।

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